23 लाख फॉलोअर्स का जाल, WhatsApp से हिंसा की स्क्रिप्ट... कौन है तुर्कमान गेट का मास्टरमाइंड सलमान?
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने अब कार्रवाई और तेज कर दी है. पुलिस का फोकस सिर्फ पत्थरबाजी करने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लोगों पर भी है जिन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाकर भीड़ को भड़काया. अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है.
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने अब कार्रवाई और तेज कर दी है. पुलिस का फोकस सिर्फ पत्थरबाजी करने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लोगों पर भी है जिन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाकर भीड़ को भड़काया. अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है. हाल ही में गिरफ्तार किए गए 5 आरोपियों को कोर्ट ने एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि पुलिस ने 6 और लोगों की गिरफ्तारी की है. जांच में सामने आया है कि इन सभी का पत्थरबाजी की घटना में अहम रोल था और इनकी पहचान वायरल वीडियो के आधार पर की गई.
दिल्ली पुलिस ने 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की एक लिस्ट भी तैयार की है, जिन पर घटना वाली रात भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट शेयर करने का आरोप है. इस लिस्ट में सलमान नाम का एक यूट्यूबर भी शामिल है, जिस पर लोगों को मौके पर जुटाने और माहौल बिगाड़ने का आरोप है. इसके अलावा, पुलिस ने इंस्टाग्राम अकाउंट 'ऐमन रिजवी' चलाने वाली महिला को भी पूछताछ के लिए बुलाया है.
आरोप है कि उसने फैज़-ए-इलाही मस्जिद को लेकर गलत जानकारी सोशल मीडिया पर फैलाई. यह महिला जामिया इलाके की रहने वाली बताई जा रही है. डीसीपी सेंट्रल निधिल वाल्सन ने बताया कि घटना से पहले अमन कमेटी और स्थानीय लोगों के साथ बैठक की गई थी, लेकिन कुछ लोगों ने जानबूझकर अफवाहें फैलाकर हालात बिगाड़ने की कोशिश की. पुलिस ने साफ किया है कि सभी आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की जाएगी और कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करना और सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई को रोकना था. घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है, वहीं जांच एजेंसियां सीसीटीवी, बॉडी कैमरा फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही हैं.
कौन है यूट्यूबर सलमान?
तुर्कमान गेट पर बवाल मचाने के पीछे यूट्यूबर सलमान का नाम सामने आया है जिसको लेकर बताया जा रहा है कि सलमान के इंस्टाग्राम पर 23 लाख फॉलोअर्स हैं तो वहीं फेसबुक पर 3 लाख 55 हजार फॉलोअर्स है. मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया जा रहा है कि व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाया. जिसके बाद लोकल लोगों को जोड़कर हिंसा फैलाने का काम किया. इसके साथ ही बताया जा रहा है कि सलमान ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि मस्जिद तोड़ दी गई जिसके बाद बवाल मच गया. दिल्ली पुलिस सलमान की तलाश कर रही है.
डिमोलिशन ड्राइव के दौरान कैसे बिगड़े हालात?
यह घटना फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास तुर्कमान गेट इलाके में हुई, जहां बुधवार तड़के अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए टीमें पहुंचीं. एफआईआर के अनुसार, रात करीब 12:40 बजे बैरिकेडिंग शुरू हुई. इसी दौरान 30 से 35 लोग मौके पर इकट्ठा हो गए, नारेबाजी करने लगे और पुलिस को काम करने से रोकने की कोशिश की. पुलिस का कहना है कि अधिकारियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया कि कार्रवाई सिर्फ अवैध निर्माण और सरकारी जमीन खाली कराने तक सीमित है, लेकिन इसके बावजूद पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे हालात बेकाबू हो गए.
सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स से भीड़ जुटाने का आरोप
जांच में सामने आया है कि इलाके के कुछ लोकल इंफ्लुएंसर्स और प्रभावशाली लोगों ने व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को मौके पर आने के लिए उकसाया. पुलिस का आरोप है कि यह सब जानबूझकर माहौल खराब करने और प्रशासन के काम में बाधा डालने के इरादे से किया गया. इसी कड़ी में यूट्यूबर सलमान की भूमिका जांच के दायरे में है. पुलिस का कहना है कि उसने लोगों को इकट्ठा होने की कॉल दी, जिसके बाद भीड़ बढ़ी और हालात हिंसक हो गए.
दिल्ली पुलिस ने इस मामले अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है जिसमें पांच आरोपियों को बुधवार के दिन गिरफ्तार कर लिया गया था जिसमे से मोहम्मद कैफ, कासिफ, आरिब, अदनान और समीर हैं और गुरुवार को ऐजन रिजवी और यूट्यूबर सलमान की कुंडली पुलिस खंगाल रही है तो वहीं ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) पूजा सुहाग की अदालत ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 13 दिन के लिए बढ़ा दी. अदालत ने आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के लिए शुक्रवार की तारीख तय की है. वहीं, जेल नियमों के तहत सर्दियों के कपड़े उपलब्ध कराने की अर्जी को भी अदालत ने मंजूरी दी.
सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को समन की तैयारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना से पहले समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी मौके पर मौजूद थे. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उनसे इलाके से दूर रहने का अनुरोध किया था, लेकिन इसके बावजूद वह आसपास ही रहे. अब दिल्ली पुलिस सपा सांसद को जांच में शामिल होने के लिए समन भेजने की तैयारी कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी.
सीसीटीवी और बॉडी कैमरा फुटेज से खुल रही परतें
दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट से जुड़ा पहला वायरल सीसीटीवी फुटेज भी साझा किया है, जिसमें मास्क लगाए लोग पुलिस के पहुंचते ही भागते नजर आ रहे हैं. फुटेज में कुछ लोग दूसरी तरफ जाकर पुलिस पर पत्थर फेंकते हुए भी दिख रहे हैं. इसके अलावा, पुलिस के बॉडी कैमरों में भी डिमोलिशन शुरू होने से पहले और दौरान के कई वीडियो रिकॉर्ड हुए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है. इन्हीं फुटेज के आधार पर अब तक 30 लोगों की पहचान की जा चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है.
हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई थी कार्रवाई
यह अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत की गई थी. पुलिस के अनुसार, कार्रवाई से पहले अमन कमेटी और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ कई समन्वय बैठकें हुई थीं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके. फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती है, मलबा हटाने का काम जारी है और प्रशासन हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है.





