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Chhattisgarh: बीजापुर में सुरक्षा बलों के हाथ बड़ी सफलता, मुठभेड़ में 31 नक्सली ढेर, 2 सुरक्षाकर्मी शहीद

Bijapur Naxal encounter: छत्तीसगढ़ के जिला बीजापुर के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के अंतर्गत जंगलों में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए. ये मुठभेड़ शुरू हुई जब सुरक्षाकर्मियों की एक टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी.

Chhattisgarh: बीजापुर में सुरक्षा बलों के हाथ बड़ी सफलता, मुठभेड़ में 31 नक्सली ढेर, 2 सुरक्षाकर्मी शहीद
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Chhattisgarh Naxalites Encounter
( Image Source:  ANI )
सचिन सिंह
Edited By: सचिन सिंह3 Mins Read

Updated on: 17 Nov 2025 6:40 PM IST

Bijapur Naxal encounter: छत्तीसगढ़ केजिला बीजापुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में आने वाली जंगलों में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए. मुठभेड़ में 2 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए और 2 अन्य घायल हो गए. इलाके में अभी भी रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है.

बस्तर की पुलिस ने कहा कि ऑपरेशन जारी है और इलाके की तलाशी अभियान जारी है. ये मुठभेड़ शुरू हुई जब सुरक्षाकर्मियों की एक टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मारे गए दो सुरक्षाकर्मियों में से एक राज्य पुलिस के जिला रिजर्व गार्ड का और दूसरा विशेष कार्य बल का था.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए. सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं. हम उनकी पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं.' मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई.

घायल सुरक्षाकर्मियों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र में भेजा जा रहा है. अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भेजा गया है और इलाके में तलाशी अभियान जारी है. इलाके में अतिरिक्त बल भेजा गया है और माओवादियों की तलाश में अभियान तेज कर दिया गया है, जिसे लंबे समय से उनका सुरक्षित ठिकाना माना जाता है.

1 फरवरी को भी हुई थी कार्रवाई

1 फरवरी को सुरक्षा बलों ने बीजापुर में आठ माओवादियों को मार गिराया. इस साल छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में 62 माओवादियों के शव बरामद किये गए हैं. घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किये गए. बीजापुर बस्तर के सबसे अधिक माओवाद प्रभावित जिलों में से एक है और इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवादियों का केन्द्र माना जाता है.

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