साजिश या सच्चाई! क्या सच में अनुष्का यादव की बेटी के पिता हैं तेज प्रताप यादव? जीतन राम मांझी की पोस्ट ने लगाई आग
तेज प्रताप यादव एक बार फिर से मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं. हाल ही में अनुष्का यादव ने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि इसके पिता तेज प्रताप यादव हैं.
tej pratap yadav
बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है. जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव का नाम एक निजी विवाद को लेकर सुर्खियों में है. हाल ही में अनुष्का यादव द्वारा 8 फरवरी को बेटी को जन्म देने के बाद तेज प्रताप यादव को उससे जोड़कर चर्चाएं तेज हो गई थीं.
इन अटकलों के बीच तेज प्रताप यादव ने सामने आकर स्पष्ट और कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अनुष्का यादव या उनके नवजात बच्चे से उनका कोई भी संबंध नहीं है, और उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है.
क्या तेज प्रताप के साथ हुई साजिश?
तेज प्रताप यादव ने उन तमाम दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि वह अनुष्का यादव की बेटी के पिता बने हैं. उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह निराधार और झूठा प्रचार बताया. तेज प्रताप का कहना है कि उनका नाम एक सोची-समझी रणनीति के तहत इस विवाद में घसीटा जा रहा है, ताकि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके.
जीतन राम मांझी ने क्यों डिलीट की पोस्ट?
दरअसल जैसे ही ये खबर सामने आई थी कि अनुष्का यादव ने एक बेटी को जन्म दिया है और उसके पिता तेज प्रताप यादव हैं तो केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के एक्स अकाउंट से एक ट्वीट शेयर करके अनुष्का और तेज प्रताप को बधाई दी थी. हालांकि कुछ देर बाद ये ट्वीट डिलीट कर दिया गया.
अपने ट्वीट में जीतन राम मांझी ने लिखा था कि 'घर में लक्ष्मी आगमन के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव जी एवं अनुष्का को बधाई और शुभकामनाएं. आप तीनों पर ईश्वर की कृपा बनी रहे यही कामना है. पुन: ढेरों शुभकामनाएं.'
सोशल पर यूजर्स क्या कर रहे कमेंट?
इस मामले को लेकर एक्स पर यूजर भी तरह की कमेंट कर रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट करके लिखा कि 'तेज प्रताप भईया की मुश्किलें तो जैसे खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं एक तरफ करियर का ग्राफ और दूसरी तरफ ये पारिवारिक और व्यक्तिगत विवादों की नई कहानी.' दूसरे यूजर ने लिखा कि 'राजनीति में पारिवारिक मामलों को घसीटना बहुत गलत है, ये ओछी मानसिकता को दर्शाता है.'





