कौन हैं PMCH के प्रिंसिपल नरेंद्र प्रताप सिंह, जिन पर निशांत कुमार ने लिया एक्शन? अब जमकर निकाली अपनी भड़ास, 10 Points में मामला
पटना PMCH के पूर्व प्रभारी प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्रवाई को 'तानाशाही रवैया' बताया और न्याय की मांग की.
PMCH Principal Dr Narendra Pratap Singh ने लगाए गंभीर आरोप
पटना के सबसे बड़े अस्पताल और मेडिकल संस्थान PMCH में प्रशासनिक विवाद अब खुलकर सामने आ गया है. प्रभारी प्रिंसिपल पद से हटाए गए डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को मीडिया के सामने आकर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए. भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. सिंह ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें पद से हटाने से पहले न तो कोई स्पष्टीकरण मांगा गया और न ही उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई. उन्होंने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि वर्षों की सेवा और योगदान को नजरअंदाज किया गया.
डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि उनके साथ प्रशासनिक स्तर पर अन्याय हुआ है. उन्होंने कहा कि अगर वरिष्ठ और जिम्मेदार अधिकारियों के साथ भी इस तरह का व्यवहार होगा तो सिस्टम में किसी की गरिमा सुरक्षित नहीं रहेगी. डॉ. सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के कार्यालय पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी कौशलेन्द्र को कई बार फोन किया, लेकिन उनकी बात नहीं हो पाई. उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की है.
10 Points में पूरा मामला
- PMCH प्रिंसिपल पद से हटाए गए डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह: पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) के प्रभारी प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद पद से हटा दिया गया. इस फैसले के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी.
- डॉ. सिंह ने सरकार पर लगाए आरोप: पूर्व प्रिंसिपल ने कहा कि उन्हें हटाने से पहले कोई नोटिस या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया. उनका आरोप है कि बिना उनका पक्ष सुने ही फैसला ले लिया गया.
- प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक हुए डॉ. सिंह: मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. सिंह काफी भावुक नजर आए. उन्होंने अपनी निजी तकलीफ बताते हुए विभागीय कार्रवाई को 'तानाशाही रवैया' बताया.
- जलन की राजनीति का लगाया आरोप: डॉ. सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है. उन्होंने इसे व्यक्तिगत और प्रशासनिक स्तर की राजनीति करार दिया.
- स्वास्थ्य मंत्री के PS पर उठाए सवाल: डॉ. सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कई कॉल के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला.
- VRS लेने की जताई इच्छा: पूर्व प्रिंसिपल ने कहा कि वह ऐसे माहौल में काम जारी नहीं रखना चाहते जहां उनके योगदान और सम्मान को महत्व नहीं दिया जा रहा. उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) की मांग रखी.
- IMA और विपक्ष से भी मांगा समर्थन: डॉ. सिंह ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और विपक्षी दलों से भी इस मामले में आवाज उठाने की अपील की. उन्होंने कहा कि मन तो कर रहा है कि आत्महत्या कर लें. अब जीने का मन नहीं कर रहा है.
- स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की वजह बताई: विभाग का कहना है कि 23 जून को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के PMCH दौरे के दौरान डॉ. सिंह अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे. निशांत ने अस्पताल के निरीक्षण के बाद कहा, "यहां के प्रिंसिपल गायब हैं. हमने उनसे फोन पर भी संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. उनके खिलाफ हम कार्रवाई करने वाले हैं."
- सरकारी गाड़ी निजी जगह पर मिलने का दावा: विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान डॉ. सिंह की सरकारी गाड़ी उनके निजी क्लीनिक के बाहर मिली. इसे सरकारी संसाधनों के गलत इस्तेमाल और लापरवाही के रूप में देखा गया.
- अब दोनों पक्ष आमने-सामने: एक तरफ डॉ. सिंह इसे अन्याय और अपमान बता रहे हैं. वहीं स्वास्थ्य विभाग इसे प्रशासनिक अनुशासन और जिम्मेदारी से जुड़ा मामला बता रहा है। मामले को लेकर विवाद बढ़ गया है.
कौन हैं डॉ नरेंद्र प्रताप सिंह?
नरेंद्र प्रताप सिंह पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) के पूर्व प्रिंसिपल हैं. 23 जून को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के औचक निरीक्षण के दौरान वे बिना पूर्व सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहे थे. विभागीय जांच में पाया गया कि वे उस समय अपने निजी क्लीनिक पर थे और सरकारी गाड़ी का उपयोग कर रहे थे. इन आरोपों को गंभीर लापरवाही मानते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने 25 जून को उन्हें पीएमसीएच के प्राचार्य (प्रिंसिपल) पद से तत्काल हटा दिया और उनकी जगह डॉ. गीता सिन्हा को प्रभार सौंप दिया गया.
डॉ सिंह को एक जाने-माने और वरिष्ठ चिकित्सक (प्रोफेसर) हैं. उन्होंने 2026 की शुरुआत में पीएमसीएच के प्रिंसिपल का कार्यभार संभाला था. वे पटना के कंकड़बाग इलाके में अपना निजी क्लीनिक भी संचालित करते हैं. वे पीएमसीएच में 1988 से थे.




