जमुई में सोना, भागलपुर में कोबाल्ट और नवादा में मिले रेयर अर्थ एलिमेंट्स... अपनी ही नहीं अब भारत की भी किस्मत बदलेगा बिहार?
बिहार के जमुई, बांका, भागलपुर और नवादा जैसे जिलों में सोना, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे महत्वपूर्ण खनिज मिलने के संकेत मिले हैं. सरकार जल्द इन ब्लॉक्स की नीलामी कर खनन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है. विशेषज्ञों का मानना है कि इन खनिजों का खनन शुरू होने पर बिहार की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में बड़ा बदलाव आ सकता है.
बिहार की धरती में छिपा है सोना और कोबाल्ट समेत कई मिनरल्स
Gold in Bihar: बिहार में सोना, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे कीमती खनिजों के बड़े भंडार मिलने के संकेतों ने राज्य की अर्थव्यवस्था को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं. राज्य के खान एवं भूविज्ञान मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा है कि बिहार के कई जिलों में दुर्लभ और रणनीतिक खनिजों की पहचान हुई है और जल्द ही इनके व्यावसायिक खनन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.
मंत्री के मुताबिक, केंद्र सरकार ने बिहार में 14 ऐसे ब्लॉक्स की पहचान की है, जहां महत्वपूर्ण और रेयर मिनरल्स मौजूद हैं. इनमें पैलेडियम, टाइटेनियम, ग्लॉकोनाइट, कोबाल्ट और अन्य रणनीतिक खनिज शामिल हैं.
बांका में मिला कोबाल्ट, जमुई में सोने के संकेत
सरकार के अनुसार, बांका जिले में कोबाल्ट के भंडार मिले हैं. यह धातु इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी और रक्षा उपकरणों में बेहद अहम मानी जाती है. संभावना है कि इस ब्लॉक की नीलामी जल्द शुरू की जाएगी. वहीं, जमुई जिले के सोनो इलाके में सोने के भंडार होने के संकेत मिले हैं. यहां सर्वे का काम जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. दरअसल, 2021 में Geological Survey of India (GSI) की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि देश के करीब 44 फीसदी स्वर्ण भंडार जमुई के सोनो और कर्माटिया इलाके में हो सकते हैं.
भागलपुर में रेयर अर्थ एलिमेंट्स के संकेत
भागलपुर जिले के बटेश्वरस्थान इलाके में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) मिलने के संकेत मिले हैं. इनका इस्तेमाल मिसाइल, रडार, लड़ाकू विमान, ड्रोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल, मोबाइल और लैपटॉप जैसे हाई-टेक उत्पादों में होता है. रेयर अर्थ एलिमेंट्स में लैंथेनम, नियोडिमियम, यूरोपियम और समेरियम जैसे तत्व शामिल होते हैं. दुनिया भर में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि ये रक्षा और आधुनिक तकनीक के लिए बेहद जरूरी हैं.
नवादा और रोहतास में भी खनिज खोज
सरकार ने बताया कि नवादा जिले में वैनेडियम युक्त मैग्नेटाइट और इल्मेनाइट वाले ब्लॉक की नीलामी की तैयारी चल रही है. वहीं, रोहतास जिले में तीन ग्लॉकोनाइट ब्लॉक्स की पहचान की गई है. पब्लिक सेक्टर कंपनी Metal Scrap Trade Corporation (MSTC) ने इन ब्लॉक्स के लिए बोली आमंत्रित की है. मई के बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू हो सकती है.
कैसे बदलेगी बिहार की अर्थव्यवस्था?
अगर इन खनिजों का व्यावसायिक खनन शुरू होता है तो बिहार को बड़ा आर्थिक फायदा मिल सकता है. इससे राज्य में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और औद्योगिक विकास को रफ्तार मिलेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे खनिज भविष्य की टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र के लिए बेहद अहम हैं. ऐसे में बिहार देश के रणनीतिक खनिज मानचित्र पर बड़ी भूमिका निभा सकता है.
जमुई के स्थानीय लोगों ने क्या कहा?
जमुई के कर्माटिया इलाके में सोने की चर्चा नई नहीं है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, 1981 में गांव वालों को मिट्टी खोदते समय चमकदार पत्थर मिले थे, जिन्हें बाद में साफ कर बाजार में बेचा गया. इसके बाद इलाके में सोने की मौजूदगी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं. बाद में केंद्र सरकार ने 1982 में इस इलाके को संरक्षित क्षेत्र घोषित कर खुदाई पर रोक लगा दी थी.




