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सीढ़ी तोड़कर चला गया प्रशासन, फिर बैंक में फंसे कस्टमर और स्टाफ को JCB से निकाला बाहर

बिहार में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने गए अधिकारियों की कार्रवाई के कारण कई लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा. दरअसल अधिकारियों ने एक बैंक की सीढ़ी तोड़ डाली. उस दौरान बैंक में कई ग्राहक मौजूद थे. इस कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

सीढ़ी तोड़कर चला गया प्रशासन, फिर बैंक में फंसे कस्टमर और स्टाफ को JCB से निकाला बाहर
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( Image Source:  Social Media- X )

बिहार में सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर एक अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत भोजपुर-रोहतास में अतिक्रमण हटवाने पहुंचे अधिकारी हैरान रह गए. दरअसल अधिकारी जैसे ही मौके पर पहुंचे उन्होंने देखा कि एक बिल्डिंग में बैंक की ब्रांच खोलकर उसमें कामकाज चलाया जा रहा था.

जानकारी के अनुसार इस बैंक की ब्रांच को देखकर अधिकारी भी दंग रह गए. बताया गया कि जिले के इलाके में बाजार की सड़कों पर अतिक्रमण करके मकान, दुकान और मार्केट कांप्लेक्स तैयार किया गया. जिसे हटाने की अब तैयारी चल रही थी.

पहले दिया जा चुका नोटिस

वहीं अतिक्रमण हटाने को लेकर पहले ही नोटिस दिया जा चुका है. अधिकारियों ने नियाजी पुर बाजार में लगभग 150 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया था. हालांकि जब नोटिस को नहीं माना गया तो गुरूवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत कार्रवाई की गई. इस कार्रवाई में एक बिल्डिंग के नीचे सरकारी जमीन पर सीढ़ियों पर JCB लगाकर उसे तोड़ दिया गया.

बैंक में थे लोग सीढ़ी हुई गायब

दरअसल जिस बिल्डिंग की सीढ़ी को जेसीबी ने तोड़ दिया था. उसी बिल्डिंग में बैंक की ब्रांच चल रही थी. ऐसे में जिस समय कार्रवाई हुई उस दौरान कई लोग अंदर कैश जमा करवाने के लिए और निकलवाने पहुंचे थे. लेकिन बाहर आकर उन्होंने पाया कि नीचे उतरने के लिए सीढ़ी ही गायब है. क्योंकी उसे तोड़ दिया गया था.

इस तरह बाहर निकले लोग

वहीं अंदर फसे हुए लोगों को बाहर तब निकाला गया जब बैंक कर्मचारी और ग्राहकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया. बताया गया कि जिस जेसीबी की मदद से सीढ़ी तोड़ी गई. उसी जेसीबी का सहारा लेते हुए कर्मचारियों समेत ग्राहकों को बाहर निकाला गया. हालांकि इसके बाद से ही इस अतिक्रमण की काफी चर्चा होना शुरू हो चुकी है. ऐसा इसलिए क्योंकी अधिकारियों और बैंक मैनेजमेंट के बीच आपसी कम्यूनिकेशन न होने के कारण ग्राहकों को काफी परेशानी हुई.

यह अभियान जरूरी था

वहीं इस पर एक अधिकारी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उनका कहना है कि यह अतिक्रमण हटाना जरूरी भी था. क्योंकी काफी लोगों को इस दौरान कई परेशानी जैसे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा था. इसलिए यह अभियान शुरू किया गया और लोगों को पहले से ही इस बारे में सूचित किया जा चुका है.

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