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JDU के खिलाफ होने वाला है बड़ा खेला, बिहार में कौन रच रहा है राजनीतिक चक्रव्यूह, वरिष्ठ पत्रकार ने खोल दी अनंत सिंह से लेकर BJP तक की राजनीति

State Mirror Hindi के साथ खास बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन झा ने बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि बिहार में जेडीयू के खिलाफ बड़ा खेला होने वाला है. अनंत सिंह को जेडीयू के खिलाफ इस्तेमाल किया गया. वरिष्ठ पत्रकार ने और भी कई बड़े दावे किए. देखिए यह खास रिपोर्ट...

Samrat Choudhary anant singh nitish kumar politics
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जीतेंद्र चौहान
जीतेंद्र चौहान4 Mins Read

Updated on: 31 Oct 2026 2:49 PM IST

बिहार की सियासत इस समय गरमाई हुई है... और इसके केंद्र में हैं बाहुबली अनंत सिंह... जो मोकामा से विधायक हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 30 अक्टूबर को पिछले साल हुए दुलारचंद यादव मर्डर केस में अनंत सिंह की जमानत रद्द करते हुए 1 दिसंबर तक सरेंडर करने को कहा है. बाहुलबी विधायक ने शीर्ष अदालत के फैसले पर कहा कि वे 1 दिसंबर को सरेंडर कर देंगे. न्यायपालिका पर उन्हें पूरा भरोसा है. हम जेल जाएंगे, लेकिन फिर हमें बेल मिलेगी और हम घर चले जाएंगे.

अनंत सिंह ने एमएलसी चुनाव में पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार का सपोर्ट नहीं किया था. उन्होंने खुलकर जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया. इससे अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए जेडीयू ने उन्हें और उनकी पत्नी को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया. इस मुद्दे पर स्टेट मिरर हिंदी ने पटना के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन झा से खास बातचीत की और बिहार में चल रही सियासत को जानने का प्रयास किया.

क्या अनंत सिंह को JDU के खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है?

शिवपूजन झा ने कहा कि अनंत सिंह ने लगातार बागी तेवर अपना लिए थे. उन्हें ललन सिंह ने समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने तो एक समय के बाद उन्होंने भी अनंत सिंह से बात करना बंद कर दिया. वरिष्ठ पत्रकार के मुताबिक, अनंत सिंह ने जो भी बयान पिछले कुछ समय में दिए हैं, उससे कहा जा सकता है कि उनके सिर पर किसी का हाथ है. उन्हें जेडीयू के खिलाफ इस्तेमाल किया गया है. बिहार में चक्रव्यूह रचा जा रह है. अनंत सिंह कहीं न कहीं मैनेज हुए है.

क्या नीतीश के बेटे को मजबूरत राजनीति में उतारा गया?

शिवपूजन झा ने कहा कि नीतीश कुमार ने जब से सीएम की कुर्सी छोड़ी है और राज्यसभा सांसद बने हैं. तब से वे निष्क्रिय हो गए हैं. पिछले काफी समय से उनका कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है.

वरिष्ठ पत्रकार ने दावा किया कि सम्राट चौधरी को मजबूरी में सीएम बनाया गया. वहीं, नीतीश के बेटे को मजबूरन राजनीति में उतारा गया. नीतीश को कहीं न कहीं डर था कि पार्टी का क्या होगा. नीतीश कुमार ने समय-समय पर नेताओं को बढाया और फिर उनके पर क़तर दिए.

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क्या JDU के कमजोर होने से बीजेपी को होगा फायदा?

वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन झा ने कहा कि क्षेत्रीय राजनीतिक दल ही देश में परिवारवाद का रास्ता बनाती है. उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश की जेडीयू जैसे-जैसे कमजोर होगी, उसका सबसे बड़ा फायदा बीजेपी को होगा. अंदर खाने बड़ा खेल हो रहा है.

सम्राट चौधरी की डगर नहीं है आसान

शिवपूजन झा के मुताबिक, सम्राट चौधरी के लिए आने वाला समय उतना आसान नहीं रहेगा. उनके नेतृत्व में बीजेपी 2 इलेक्शन हार गई है. झा ने कहा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में एक राजनीतिक चक्रव्यूह रचा जा रहा है, जिसमे सबसे पहले अनंत सिंह उसमे फंसे. अनंत सिंह जेल में रहें या बाहर , मोकामा के रॉबिनहुड ही रहेंगे.

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क्या बाहुबलियों का जमाना लद गया?

वरिष्ठ पत्रकार ने खास बातचीत में कहा कि अब बाहुबलियों का ज़माना लद गया है. यह नया ज़माना है... जेन जी का जमान है... जो अब बहुबल की राजनीति को नहीं समझती.

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