कौन थे स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर, जिनकी Su-30MKI जेट क्रैश में हुई मौत
Su-30MKI फाइटर जेट हादसे में भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर शहीद हो गए, जो जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरने वाले ट्रेनिंग मिशन का हिस्सा थे.
असम के कार्बी आंगलोंग जिले में हुए Su-30MKI फाइटर जेट क्रैश में भारतीय वायुसेना के दो पायलटों की मौत हो गई. इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर शहीद हो गए, जो जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरने वाले इस ट्रेनिंग मिशन का हिस्सा थे.
रडार से कॉन्टैक्ट टूटने के बाद एयरप्लेन क्रैश हो गया था. चलिए ऐसे में जानते हैं आखिर ये दोनों जांबाज पायलट कौन थे, जो देश की हवाई सुरक्षा से जुड़े अहम मिशनों में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे.
कौन थे शहीद हुए दोनों पायलट?
स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरगकर भारतीय वायुसेना के एक्सपीरियंस्ड फाइटर पायलट थे. दोनों अधिकारी वायुसेना की 47 स्क्वाड्रन से जुड़े थे, जो सुखोई-30MKI लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए जानी जाती है. स्क्वाड्रन लीडर अनुज का पद वायुसेना में एक सीनियर रैंक माना जाता है, जो उनके लंबे फ्लाइट एक्सपीरियंस और लीडरशिप की जिम्मेदारियों को दिखाता है. वहीं फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरगकर एक यंग और एक्टिव फाइटर पायलट थे, जो ऑपरेशनल ट्रेनिंग और मिशनों में लगातार भाग लेते थे.
कैसे हुआ हादसा?
वायुसेना के मुताबिक यह Su-30MKI लड़ाकू विमान असम के जोरहाट एयरबेस से एक नियमित ट्रेनिंग उड़ान के लिए रवाना हुआ था. उड़ान के दौरान शाम करीब 7:42 बजे अचानक विमान का रडार से संपर्क टूट गया. जैसे ही कॉन्टैक्ट खत्म हुआ, तुरंत सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया. बाद में जानकारी मिली कि यह विमान असम के कार्बी आंगलोंग इलाके में क्रैश हो गया है.
स्थानीय लोगों ने सुनी तेज धमाके की आवाज
हादसे के बाद इलाके के लोगों ने भी घटना के बारे में जानकारी दी. स्थानीय लोगों के मुताबिक शाम के समय उन्होंने अचानक आसमान से तेज आवाज और धमाके जैसी आवाज सुनी. इसके बाद पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए. स्थानीय प्रशासन और सुरक्षाबलों ने हेलीकॉप्टर की मदद से इलाके में तलाशी अभियान चलाया.
क्या है Su-30MKI फाइटर जेट?
Su-30MKI भारतीय वायुसेना का एक ताकतवर लड़ाकू विमान है, जिसमें दो पायलट बैठ सकते हैं. इस विमान को रूस की विमान बनाने वाली कंपनी सुखोई (Sukhoi) ने तैयार किया है. यह फाइटर जेट लंबी दूरी तक उड़ान भरने, तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के लिए जाना जाता है. भारतीय वायुसेना के पास ऐसे 200 से ज्यादा Su-30MKI फाइटर जेट मौजूद हैं, जो देश की हवाई सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं. इस हादसे के बाद वायुसेना ने दुर्घटना की वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी है.




