मैनेजर ने रची थी Zubeen Garg की हत्या की साजिश, 1.1 करोड़ का घपला कर किया था पानी का बिजनेस; SIT ने किया खुलासा
जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में एसआईटी की जांच ने सनसनीखेज खुलासे किए हैं. गायक के पूर्व मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा पर आरोप है कि उसने जुबीन गर्ग की कमाई से करीब 1.1 करोड़ रुपये का गबन कर गुवाहाटी के पास एक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर प्लांट में निवेश किया. कोर्ट में एसआईटी ने इसे बेनामी लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग बताया है.
जुबीन गर्ग के पूर्व मैनेजर और इस मामले के मुख्य आरोपी सिद्धार्थ शर्मा ने गायक की कमाई से पैसे चुराए थे. एसआईटी के अनुसार, सिद्धार्थ ने जुबीन की कमाई से करीब 1.1 करोड़ रुपये गबन किए और इन पैसों को एक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर प्लांट में निवेश कर दिया. यह प्लांट गुवाहाटी से लगभग 40 किलोमीटर दूर छयगांव इलाके में स्थित महाबीर एक्वा वॉटर प्लांट है. पुलिस का कहना है कि सिद्धार्थ ने अपने बिजनेस पार्टनर चेतन धीरासरिया के साथ मिलकर इस फैक्ट्री को खरीदा था, और इसमें लगाया गया पूरा पैसा जुबीन गर्ग की मेहनत की कमाई से चोरी किया गया था.
एसआईटी ने कामरूप कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है, जिसमें इस संपत्ति को तुरंत कुर्क करने और जब्त करने की मांग की गई है. जांच अधिकारी रोजी कलिता ने कोर्ट को बताया कि अगर यह संपत्ति जब्त नहीं की गई, तो आरोपी सिद्धार्थ शर्मा और चेतन धीरासरिया इसे बेचकर सारे पैसे गायब कर सकते हैं. ऐसे में, भविष्य में अगर कोर्ट कोई मुआवजा देने का फैसला भी करे, तो वह बेकार हो जाएगा.
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क्या वजह थी प्री प्लांड मर्डर की
कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश गौतम बरुआ ने भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ शर्मा द्वारा किया गया यह निवेश जुबीन गर्ग से चुराए गए पैसों से था, और यही वजह इस प्री प्लांड मर्डर की मुख्य साजिश बनी. जज ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'सिद्धार्थ शर्मा के बेनामी लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग ही इस पूरे मामले की जड़ हैं.' एसआईटी ने कोर्ट को यह भी बताया कि नवंबर 2022 तक सिद्धार्थ शर्मा की मासिक सैलरी सिर्फ 57,000 रुपये थी, लेकिन उसने शो की फीस नकद में लेकर करोड़ों रुपये की संपत्ति बना ली.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जरिए पेश हुए आरोपी
यह मामला सिंगापुर से जुड़ा है, जहां सितंबर 2025 में जुबीन गर्ग की मौत हुई थी. वे वहां नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में परफॉर्म करने गए थे, लेकिन स्विमिंग के दौरान उनकी मौत हो गई. असम पुलिस की एसआईटी ने इस मौत को हत्या मानते हुए जांच की है. कोर्ट में शनिवार को सिद्धार्थ शर्मा सहित छह अन्य आरोपियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया. अन्य आरोपियों में फेस्टिवल ऑर्गनाइजर श्यामकानु महंत, बैंड मेंबर शेखर गोस्वामी, को-सिंगर अमृतप्रभा महंत, जुबीन के चचेरे भाई और उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स (पीएसओ) शामिल हैं.
पैसों का लालच
एसआईटी की इस रिपोर्ट से साफ हो गया है कि जुबीन गर्ग पर भरोसा करने वाले करीबी लोगों ने ही पैसों के लालच में यह खतरनाक साजिश रची. जांच अभी जारी है, और कोर्ट ने सिद्धार्थ शर्मा और चेतन धीरासरिया को नोटिस जारी कर 17 जनवरी तक जवाब मांगा है कि उनकी इस यूनिट को जब्त क्यों न किया जाए. यह मामला पूरे असम और देश में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि जुबीन गर्ग सिर्फ एक सिंगर नहीं, बल्कि असम की संस्कृति और गर्व का प्रतीक थे. उनकी मौत ने लाखों फैंस को सदमे में डाल दिया है, और अब सबको इंसाफ की उम्मीद है.





