Begin typing your search...

2023 में धरना, 2024 में आरोप तय और 2026 में बरी हो गए बृजभूषण सिंह... विनेश बोलीं- लड़ाई अभी खत्म नहीं; क्या होगा पहलवानों का अगला दांव?

दिल्ली के एक कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों में बरी कर दिया है. इस फैसले के बाद विनेश फोगाट बेहद नाखुश दिखी और उन्होंने पोस्ट शेयर करके सरकार और सिस्टम पर आरोप लगाए.

Vinesh Phogat reaction Brij Bhushan Sharan Singh acquitted
X

Vinesh Phogat reaction Brij Bhushan Sharan Singh acquitted

( Image Source:  X/ @TheKhelIndia, @UzmaParveen94 )

महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व WFI अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. लगातार महिला पहलवान बृजभूषण शरण सिंह पर आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग करती रही हैं, जिसको लेकर उन्होंने साल 2023 में जंतर-मंतर पर धरना भी दिया था, लेकिन अब फैसला बृजभूषण सिंह के पक्ष में आया है. जैसे ही कोर्ट का ये फैसला सामने आया है, वैसे ही महिला पहलवान विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने सरकार और सिस्टम पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

इसके अलावा विनेश का कहना है कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और पहलवान अब हाई कोर्ट से अपील करेंगे. हालांकि अब छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों में बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया गया है.

फैसले पर क्या बोली विनेश फोगाट?

कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबा पोस्ट साझा करते हुए फैसले पर निराशा जताई. उन्होंने लिखा "हमें सड़क पर उतरने और सत्ताधारी पार्टी के एक बाहुबली नेता के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए बहुत हिम्मत जुटानी पड़ी थी. सत्ता और अपने प्रभाव के दम पर बृजभूषण शरण सिंह ने कई लड़कियों को डराकर उनके नाम वापस कराए. पर कई महिला पहलवान डटी रहीं और कोर्ट में लड़ाई लड़ती रहीं."

सरकार सिस्टम पर क्या लगाए आरोप?

आगे विनेश फोगाट ने कहा कि "हमें इस बात का बेहद दुख है कि अदालत ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों में बृजभूषण शरण सिंह को दोषी नहीं माना. शुरुआत से ही पूरा तंत्र, सरकार और सिस्टम उन्हें बचाने में लगा रहा. महिला पहलवानों ने अपने वकीलों को इस फैसले के खिलाफ अपील करने का निर्देश दे दिया है. यह अपील जल्द दायर की जाएगी. हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है और अपनी लड़ाई जारी रखेंगे."

फैसले के बाद क्या बोले बृजभूषण शरण सिंह?

अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें शुरू से ही अपनी बेगुनाही पर भरोसा था. उन्होंने कहा "मैंने पहले ही दिन कहा था कि अगर आरोप सही साबित हुए तो मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा. आज मैं बरी हो गया हूं. यह मेरे और मेरे समर्थकों के लिए अच्छी खबर है."

कैसे शुरू हुआ था पूरा विवाद?

यह मामला जनवरी 2023 में उस समय सुर्खियों में आया, जब देश के कई प्रमुख पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया. विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया समेत कई खिलाड़ियों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए और उनकी गिरफ्तारी के साथ-साथ WFI अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की. बाद में खेल मंत्रालय ने एक निगरानी समिति का गठन किया, लेकिन कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए पहलवानों ने दोबारा आंदोलन शुरू किया.

मामले की पूरी टाइमलाइन

1. जनवरी 2023: जंतर-मंतर पर पहलवानों का पहला धरना.

2. अप्रैल 2023: 6 महिला पहलवानों ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई.

3. सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने दो FIR दर्ज कीं.

4. पहली FIR छह बालिग महिला पहलवानों की शिकायत पर दर्ज हुई.

5. दूसरी FIR एक नाबालिग पहलवान की शिकायत पर POCSO Act के तहत दर्ज की गई.

6. मई 2025: नाबालिग पहलवान वाले मामले में दिल्ली पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट अदालत ने स्वीकार कर ली.

7. जून 2023: दिल्ली पुलिस ने बालिग महिला पहलवानों वाले मामले में चार्जशीट दाखिल की.

8. मई 2024: कोर्ट ने बृजभूषण सिंह और पूर्व WFI सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ आरोप तय किए.

9. मई 2026: अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी हुई.

10. जून 2026: आरोपियों के बयान दर्ज किए गए.

11. 2 जुलाई 2026: अंतिम बहस पूरी हुई.

12. 3 अगस्त 2026: अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया.

अगला लेख