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केरलम में बारिश का कहर! 15 लोगों की मौत, 7 लापता; 316 राहत शिविरों में 11000 से ज्यादा लोग, सभी 14 जिलों में अलर्ट जारी

केरलम में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग अभी भी लापता हैं. राज्यभर में 316 राहत शिविरों में 11,018 लोग शरण लिए हुए हैं.

Keralam Rain Flood landslide Update
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Keralam Rain Flood Update: केरलम में मानसून की बारिश अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है. लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी घटनाओं से कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य के हालात की समीक्षा के बाद बताया कि बारिश से जुड़ी घटनाओं में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 15 हो गया है. इसके अलावा 7 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं.

बारिश से प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए राज्य में 316 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं. इन शिविरों में कुल 11,018 लोग रह रहे हैं. सरकार और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत अभियान तेज कर रही हैं, जबकि निचले इलाकों, नदी किनारे रहने वाले लोगों और भूस्खलन की आशंका वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वालों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.

किन जिलों में हुई मौतें?

मुख्यमंत्री के मुताबिक, कोट्टायम में तीन लोगों की मौत हुई है. इनमें पूंजार विधानसभा क्षेत्र में हुई दो मौतें शामिल हैं, जबकि एक बच्चे की पानी की टंकी में गिरने से डूबने के कारण मौत हुई. इसके अलावा, एर्नाकुलम में दो, इडुक्की में एक और मुवत्तुपुझा में एक व्यक्ति की मौत हुई है. मलप्पुरम में चार, कोल्लम में दो, जबकि कन्नूर और कोझिकोड में एक-एक मौत दर्ज की गई है.

Keralam CM VD Satheesan

7 लोग अभी भी लापता

बारिश और बाढ़ के बीच सात लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है. इनमें कोल्लम और कन्नूर में दो-दो, जबकि मलप्पुरम, इडुक्की और मुवत्तुपुझा में एक-एक व्यक्ति का पता नहीं चल पाया है. ऐसे में प्रशासन की चुनौती सिर्फ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की नहीं है, बल्कि लापता लोगों की तलाश और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी बनाए रखने की भी है.

मृतकों और राहत शिविरों से लौटने वालों के लिए 10 हजार रुपये

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने बारिश से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 10 हजार रुपये की अंतिम संस्कार सहायता देने की घोषणा की है. इसके साथ ही, बाढ़ के कारण राहत शिविरों में रहने के बाद अपने घर वापस लौटने वाले लोगों को भी 10 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी जाएगी. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों को शुरुआती स्तर पर आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है.

किसानों को भी भारी नुकसान

बारिश का असर सिर्फ लोगों के घरों और सड़कों तक सीमित नहीं है. खेती-किसानी को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है. शुरुआती अनुमान के अनुसार, करीब 165 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है और इससे लगभग 3,596 किसान प्रभावित हुए हैं. मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को फसल मुआवजे की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है. उनका कहना है कि वर्तमान राहत राशि किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है.

सभी 14 जिलों में बारिश का अलर्ट

केरलम में मौसम की स्थिति को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के सभी 14 जिलों में अलर्ट जारी किया है. ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में कासरगोड, कन्नूर, कोझिकोड, वायनाड, मलप्पुरम, एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम, अलप्पुझा और पठानमथिट्टा शामिल हैं. वहीं, पालक्काड, त्रिशूर, कोल्लम और तिरुवनंतपुरम में येलो अलर्ट जारी किया गया है.. मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने का भी अनुमान जताया है.

नदी किनारे और पहाड़ी इलाकों में खास सावधानी

लगातार बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है. ऐसे में प्रशासन ने निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. वहीं, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा देखते हुए लोगों से कहा गया है कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो वे सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. प्रशासन के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती बारिश के बीच लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संवेदनशील इलाकों में समय रहते राहत पहुंचाना है.

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