क्रिकेट के मैदान में बहा खून! रन आउट को लेकर हुए विवाद में 21 साल के अंपायर की चाकू मारकर हत्या
एक क्रिकेट मैच के दौरान खूनी खेल देखने को मिला. रन-आउट के फैसले को लेकर एक 21 साल के अंपायर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. मामला विशाखापट्टनम का है.
रन-आउट के फैसले पर विवाद, अंपायर की चाकू मारकर हत्या
Run Out Dispute Umpire Murder News: आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में क्रिकेट के मैदान से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान रन-आउट के फैसले को लेकर हुए विवाद में 21 साल के अंपायर Dola Ajith Babu की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. घटना रविवार रात की बताई जा रही है.
अजित बाबू अपने साथी अंपायर Budumuri Chiranjeevi के साथ मैच में अंपायरिंग कर रहे थे. इसी दौरान रन-आउट के फैसले को लेकर खिलाड़ियों के बीच विवाद हुआ, जिसे दोनों अंपायरों ने मौके पर शांत करा दिया था, लेकिन मैच खत्म होने के बाद मामला फिर भड़क गया और इस बार विवाद जानलेवा बन गया.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान Kanta Kishore (26) के रूप में हुई है, जो मैच में दर्शक के तौर पर मौजूद था. बताया जा रहा है कि मैच खत्म होने के बाद किशोर ने अंपायरों को एक दूसरी जगह पर 'मामला सुलझाने' के लिए बुलाया. जब अजित बाबू, चिरंजीवी और अन्य लोग वहां पहुंचे तो फिर से बहस शुरू हो गई. Malleswara Rao के अनुसार, "अचानक आरोपी ने चाकू निकाला और दोनों अंपायरों पर हमला कर दिया."
क्या नशे में था आरोपी?
हमले में अजित बाबू को सीने में चाकू लगा और वह तुरंत गिर पड़े. चिरंजीवी और एक अन्य व्यक्ति भी हमले में घायल हुआ. वहीं,आरोपी मौके से फरार हो गया. परिजनों ने बताया कि आरोपी पहले भी गाली-गलौज कर रहा था और बाद में शराब के नशे में वापस आया. घायल अजित बाबू को पहले VIMS Hospital ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे. इसके बाद उन्हें Apollo Hospital ले जाया गया, जहां रात करीब 8:15 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
अजित बाबू के पिता Dola Appala Raju की शिकायत पर पुलिस ने Bharatiya Nyaya Sanhita के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है. पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाई गई हैं.
सुरक्षा व्यवस्था पर क्यों उठे सवाल?
इस घटना के बाद स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि इस दौरान बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं. प्रशासन ने आयोजकों को सुरक्षा और मेडिकल व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं.




