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India को हराकर Pakistan को 2 बार बनाया वर्ल्ड चैंपियन, अब रिटायरमेंट का किया ऐलान; कहानी Sarfaraz Ahmed के 'तिलिस्म' की

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। 2017 चैंपियंस ट्रॉफी जीताने वाले कप्तान अब पाकिस्तान क्रिकेट में कोचिंग और प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर ध्यान देंगे.

Sarfaraz Ahmed retirement
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पाकिस्तान को 2017 चैंपियंस ट्रॉफी जिताने वाले सरफराज अहमद ने क्रिकेट से लिया संन्यास

Sarfaraz Ahmed retirement: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद ने 15 मार्च को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया. इस फैसले के साथ ही उनका लंबा अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो गया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को कई यादगार जीत दिलाईं, खासकर भारत के खिलाफ बड़े आईसीसी टूर्नामेंट फाइनल में... विकेटकीपर-बल्लेबाज सरफराज अहमद ने यह फैसला Pakistan Cricket Board (PCB) के जरिए जारी एक बयान में साझा किया. उन्होंने आखिरी बार दिसंबर 2023 में Australia के खिलाफ पर्थ टेस्ट में Pakistan का प्रतिनिधित्व किया था.

सूत्रों के मुताबिक, सरफराज के रिटायरमेंट के बाद उन्हें पाकिस्तान टेस्ट टीम का स्थायी मुख्य कोच बनाया जा सकता है. यह पद पिछले साल से खाली है, जब बोर्ड ने अंतरिम कोच Azhar Mahmood का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया था.

सरफराज अहमद से जुड़ी बड़ी बातें

  • मई में 39 साल के होने जा रहे सरफराज को हाल के समय में पाकिस्तान क्रिकेट के ढांचे में कई जिम्मेदारियां भी दी गई हैं. उन्हें राष्ट्रीय चयन समिति का सदस्य बनाया गया है और साथ ही पाकिस्तान की अंडर-19 और Shaheens टीम के मेंटर और मैनेजर की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है.
  • कराची में जन्मे सरफराज ने अपने करियर के अंतिम दौर तक घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रखा. उन्होंने अक्टूबर पिछले साल तक फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी हिस्सा लिया था. लेकिन अब उन्होंने फैसला किया है कि वह अपने प्रशासनिक और मेंटरशिप रोल पर ज्यादा ध्यान देंगे.
  • अपने बयान में सरफराज ने कहा कि पाकिस्तान टीम की तीनों फॉर्मेट में कप्तानी करना और देश को आईसीसी ट्रॉफी दिलाना उनके जीवन के सबसे यादगार पल हैं. उन्होंने कहा कि अपने पूरे करियर में उन्होंने निडर क्रिकेट खेलने और टीम में एकता बनाए रखने पर जोर दिया.
  • आंकड़ों की बात करें तो सरफराज अहमद ने पाकिस्तान के लिए 54 टेस्ट, 117 वनडे और 61 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले. उन्होंने तीनों फॉर्मेट में मिलाकर करीब 100 मैचों में टीम की कप्तानी भी की.

सरफराज अहमद की क्रिकेट करियर की उपलब्धियां

  • सरफराज अहमद का करियर कई बड़ी उपलब्धियों से भरा रहा. उन्होंने 2006 में पाकिस्तान को ICC Under-19 Cricket World Cup 2006 जिताया था और बाद में सीनियर टीम के कप्तान के तौर पर 2017 में ICC Champions Trophy 2017 जीतकर इतिहास रच दिया. इस टूर्नामेंट के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को हराया था, जिसे पाकिस्तान क्रिकेट की सबसे बड़ी जीतों में गिना जाता है.
  • सरफराज की कप्तानी में पाकिस्तान टी20 फॉर्मेट का बेताज बादशाह बना. टीम ने उनके नेतृत्व में लगातार 11 टी20 सीरीज जीतने का विश्व रिकॉर्ड बनाया. उनके ही दौर में पाकिस्तान टी20 रैंकिंग में दुनिया की नंबर 1 टीम बनी.

सरफराज अहमद का करियर ग्राफ

फॉर्मेट

मैच

रन

शतक

अर्धशतक

कैच

स्टंप

टेस्ट

54

3031

4

2116022

वनडे

117

2315

2

1111924

टी20I

61

818

033610

सरफराज अहमद का करियर किसी रोलर-कोस्टर की सवारी जैसा रहा है. जहां एक तरफ उन्होंने पाकिस्तान को शिखर पर पहुंचाया, वहीं दूसरी तरफ मैदान के अंदर और बाहर कई विवादों ने उनके 'तिलिस्म' को चुनौती दी.

सरफराज अहमद की कप्तानी कैसे गई?

सरफराज की कप्तानी का अंत काफी नाटकीय और विवादास्पद रहा. इसके पीछे कुछ प्रमुख घटनाएं थीं,

  • नस्लीय टिप्पणी विवाद (2019): दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक वनडे मैच के दौरान सरफराज की एक टिप्पणी स्टंप माइक में कैद हो गई, जिसमें उन्होंने एंडिल फेहलुकवायो के खिलाफ नस्लीय शब्दों (अबे काले) का इस्तेमाल किया था. इसके लिए ICC ने उन पर 4 मैचों का प्रतिबंध लगाया था.
  • फिटनेस और फॉर्म: 2019 विश्व कप के दौरान उनकी फिटनेस और सुस्त व्यवहार (मैदान पर जम्हाई लेते हुए उनकी तस्वीर वायरल हुई थी) की काफी आलोचना हुई. विश्व कप के बाद श्रीलंका की 'B' टीम से घरेलू टी20 सीरीज हारने के बाद PCB ने उन्हें कप्तानी से हटा दिया.
  • टीम से बाहर होना: कप्तानी जाने के बाद उन्हें टीम से भी ड्रॉप कर दिया गया और लगभग 4 साल तक वे टेस्ट क्रिकेट से दूर रहे。

ऐतिहासिक टेस्ट कमबैक (2022-23)

दिसंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ कराची टेस्ट में जब सरफराज की वापसी हुई, तो उन्होंने बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया कि आलोचक दंग रह गए. अपनी वापसी सीरीज की चार पारियों में उन्होंने लगातार अर्धशतक और शतक जड़े (86, 53, 78, और 118). सीरीज के दूसरे टेस्ट की चौथी पारी में जब पाकिस्तान 80/5 पर संघर्ष कर रहा था, तब सरफराज ने 118 रनों की साहसिक पारी खेलकर मैच ड्रॉ कराया. लगभग 4 साल बाद वापसी करते हुए वे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया.

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