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मेरी रनों की भूख अभी खत्म नहीं हुई है, ओपनिंग रोल में वापसी पर संजू सैमसन ने कहा- मैं अपने तरीके से फेल या सक्सेस होना चाहता हूं

BCCI की ओर से जारी एक वीडियो में संजू सैमसन ने कहा कि उनकी रनों की भूख अभी खत्म नहीं हुई है. उन्होंने अपने संघर्ष और ओपनिंग रोल में वापसी पर भी खुलकर बात की.

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संजू सैमसन
( Image Source:  BCCI )

Sanju Samson: T20 World Cup 2026 के लिए विकेटकीपर के लिए भारतीय क्रिकेट टीम की पहली पसंद बने संजू सैमसन ने अपने लंबे और उतार-चढ़ाव भरे अंतरराष्ट्रीय सफर, मानसिक संघर्ष और ओपनिंग रोल में वापसी पर खुलकर बात की है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की तरफ से जारी एक स्पेशल वीडियो में सैमसन ने बताया कि कैसे असफलताओं, अनिश्चितता और बाहरी शोर के बीच उन्होंने खुद को संभाले रखा और आखिरकार अपनी पसंदीदा भूमिका में लौटे.

हाल ही में संजू सैमसन ने टी20 टीम में ओपनिंग स्लॉट दोबारा हासिल किया है. इससे पहले शुभमन गिल को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग के लिए आज़माया गया था, लेकिन गिल बल्ले से प्रभाव नहीं छोड़ पाए और अंततः टीम से बाहर हो गए. इसके बाद सैमसन की वापसी हुई और एक बार फिर उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत की जिम्मेदारी संभाली.

T20I ओपनर के तौर पर कैसा रहा संजू सैमसन का प्रदर्शन?

आंकड़े साफ़ तौर पर संजू सैमसन के पक्ष में जाते हैं. T20I ओपनर के रूप में 18 पारियों में 3 शतक, 178.02 का स्ट्राइक रेट और 32.88 की औसत, ये आंकड़े उन्हें भारत के सबसे विस्फोटक ओपनर्स में शामिल करते हैं. 500 से अधिक T20I रन बनाने वाले भारतीय ओपनर्स में उनसे बेहतर स्ट्राइक रेट सिर्फ अभिषेक शर्मा (190.40) का है.

इसके बावजूद, सैमसन को लंबे समय तक परिस्थितियों के चलते अलग-अलग भूमिकाओं में ढलना पड़ा. इस दौरान न सिर्फ उनके खेल में अस्थिरता आई, बल्कि आत्म-संदेह और असुरक्षा के दौर से भी गुजरना पड़ा. अब जब वह फिर से अपने पसंदीदा स्थान पर लौटे हैं, तो उनकी कोशिश होगी कि जल्दी लय पकड़ें और खुद को स्थायी साबित करें.

“मैं अपने तरीके से फेल या सक्सेस होना चाहता हूं”

अपने सफर को याद करते हुए सैमसन ने कहा, “10 साल में बहुत सारी नाकामियां रहीं, कुछ सफलताएं भी आईं. हमेशा यही समझने की कोशिश रही कि भारतीय टीम के लिए वर्ल्ड कप खिलाड़ी बनने में क्या लगता है और मैं इसे कितना चाहता हूं. मैं अपने तरीके से फेल या सक्सेस होना चाहता हूं.”

“2024 टी20 वर्ल्ड कप में मैंने एक भी गेम नहीं खेला”

2024 टी20 वर्ल्ड कप पर बात करते हुए, जहां उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, सैमसन ने ईमानदारी से स्वीकार किया कि यह दौर आसान नहीं था. उन्होंने कहा, “मैंने एक भी गेम नहीं खेला. चीजें उम्मीदों के मुताबिक नहीं थीं, लेकिन फिर भी मैं आभारी था कि 15 में शामिल था. मेरी जर्नी इतनी खास है कि पता नहीं कब खेलने का मौका मिले.”

बाहरी शोर से खुद को अलग रखना सबसे बड़ी चुनौती: सैमसन

भारत के लिए खेलने के दबाव पर सैमसन ने कहा कि बाहरी शोर से खुद को अलग रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. उन्होंने कहा, “भारत के लिए खेलते वक्त बाहर की आवाज़ों को न देखना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन मैंने अपना एक बबल बनाया, अपने लोगों को साथ रखा और छोटी-छोटी चीज़ों पर फोकस किया.”

सैमसन को ओपनिंग रोल कैसे मिला?

ओपनिंग रोल कैसे मिला, इस पर सैमसन ने इसे किस्मत और मेहनत का मेल बताया. उन्होंने कहा, “भगवान की कृपा से अचानक ओपनिंग का मौका मिला. मैं शुरुआत में नंबर 3-4-5 के लिए टीम में था, लेकिन जब ओपनिंग खुली तो मुझे 10-11 पारियां खेलने का मौका मिला और मैंने कुछ खास किया.” वहीं, अपने करियर के स्टॉप-स्टार्ट नेचर को लेकर सैमसन ने कहा कि जर्सी पहनने का जुनून आज भी वैसा ही है. उन्होंने कहा, “10 साल इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के बाद भी मुझे भारतीय जर्सी पहनना बेहद खास लगता है. यही मुझे आगे बढ़ाता है.”

“बिना डर के खेलना मेरे नेचर में हैं”

टी20 क्रिकेट पर अपनी सोच साझा करते हुए सैमसन ने कहा कि यह फॉर्मेट निडरता की मांग करता है. उन्होंने कहा, “डर के बिना खेलना और गलती के बारे में न सोचना, ये चीज़ें मेरे नेचर में हैं.”

सूर्यकुमार यादव के साथ अपने रिश्ते पर क्या बोले सैमसन?

कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ अपने रिश्ते पर सैमसन ने कहा कि आपसी संवाद इस फॉर्मेट में बेहद अहम है. उन्होंने कहा, “सूर्या के साथ मेरी अच्छी बॉन्डिंग है. हम लगातार आइडिया एक्सचेंज करते हैं और बतौर विकेटकीपर मैं टीम को बेहतर इनपुट दे पाता हूं.”

“अभी मुझमें और भूख बाकी है”

अंत में सैमसन ने साफ किया कि उनकी भूमिका और भूख दोनों स्पष्ट हैं. उन्होंने कहा, “मेरा रोल क्लियर है- पॉजिटिव योगदान देना. अभी मुझमें और भूख बाकी है.”

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