पहले इंग्लैंड, फिर स्कॉटलैंड... 2 देशों के लिए वर्ल्ड कप खेलने वाली पहली महिला क्रिकेटर कौन?- 6 पॉइंट
स्कॉटलैंड की स्पिनर कीर्स्टी गॉर्डन ने टूर्नामेंट में उतरते ही इतिहास रच दिया. वह महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में दो अलग-अलग देशों के लिए खेलने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं.
kirstie gordon
Womens T20 World Cup 2026: महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में एक ऐसा ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज हुआ है, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. स्कॉटलैंड की स्टार बाएं हाथ की स्पिनर कीर्स्टी गॉर्डन ने टूर्नामेंट में उतरते ही इतिहास रच दिया. वह महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में दो अलग-अलग देशों के लिए खेलने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं. खास बात यह रही कि इतिहास रचने के साथ-साथ कीर्स्टी गॉर्डन ने अपने प्रदर्शन से भी सभी को प्रभावित किया और अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई.
6 पॉइंट में जानें पूरी कहानी
1. कीर्स्टी गॉर्डन का जन्म स्कॉटलैंड में हुआ था और उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत भी स्कॉटलैंड की टीम से ही की थी. साल 2012 से 2017 के बीच उन्होंने स्कॉटलैंड के लिए कई मुकाबले खेले और अपनी स्पिन गेंदबाजी से पहचान बनाई.
2. स्कॉटलैंड के बाद कीर्स्टी गॉर्डन इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट सिस्टम से जुड़ीं. घरेलू स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम में जगह मिली और उन्होंने 2018 में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया.
3. कीर्स्टी गॉर्डन ने 2018 में वेस्टइंडीज में आयोजित महिला टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया था. उस टूर्नामेंट में उन्होंने प्रभावशाली गेंदबाजी की और इंग्लैंड को फाइनल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
4. करीब 9 सालों के लंबे अंतराल के बाद कीर्स्टी गॉर्डन ने एक बार फिर स्कॉटलैंड की जर्सी पहनने का फैसला किया. महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उन्होंने अपनी जन्मभूमि की टीम के लिए मैदान पर उतरकर एक नई मिसाल कायम कर दी.
5. आयरलैंड के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए मुकाबले में कीर्स्टी गॉर्डन ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया. उन्होंने अपने चार ओवर में सिर्फ 16 रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट झटके और टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई.
6. कीर्स्टी गॉर्डन महिला टी20 वर्ल्ड कप इतिहास की पहली खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने इस टूर्नामेंट में दो अलग-अलग देशों की ओर से हिस्सा लिया है. इससे पहले किसी महिला क्रिकेटर ने यह उपलब्धि हासिल नहीं की थी.




