छोटे शहरों से निकले इन 5 खिलाड़ियों की IPL ने बदल दी जिंदगी, कोई प्लेटफॉर्म पर सोया तो किसी ने दादा की पेंशन से खेला क्रिकेट
IPL 2026 में कई ऐसे युवा खिलाड़ी सामने आए हैं, जिन्होंने संघर्ष और गरीबी से निकलकर करोड़ों का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया. दादा की पेंशन, रेलवे प्लेटफॉर्म और सड़कों से शुरू हुआ सफर अब IPL के बड़े मंच तक पहुंच गया है. ये कहानियां बताती हैं कि मेहनत और मौके से सपने सच हो सकते हैं.
छोटे शहरों से करोड़ों तक का सफर, IPL 2026 में चमके नए सितारे
Indian Premier League (IPL) सिर्फ बड़े सितारों का मंच नहीं है, बल्कि यह उन युवाओं के सपनों का भी मंच है जो छोटे शहरों और कठिन हालात से निकलकर यहां तक पहुंचते हैं. 2008 से शुरू हुए इस टूर्नामेंट ने कई अनजान चेहरों को रातों-रात स्टार बनाया है.
IPL 2026 के ऑक्शन में भी ऐसे ही पांच युवा खिलाड़ियों की कहानी सामने आई है, जिन्होंने गरीबी, संघर्ष और मुश्किल हालात को पीछे छोड़कर करोड़ों का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया. आइए, इनके बारे में जानते हैं...
प्रशांत वीर: दादा की पेंशन से IPL तक का सफर
उत्तर प्रदेश के अमेठी के रहने वाले Prashant Veer का सफर बेहद संघर्ष भरा रहा. स्कूल टीचर के बेटे प्रशांत को ट्रायल्स में जाने के लिए कई बार अपने दादा की पेंशन पर निर्भर रहना पड़ा. बेहतर सुविधाओं के लिए सहारनपुर शिफ्ट हुए और वहीं से उनके खेल में निखार आया.
2025-26 के Syed Mushtaq Ali Trophy में उन्होंने 112 रन बनाए और 7 मैचों में 9 विकेट लेकर सबका ध्यान खींचा. इसी प्रदर्शन के दम पर Chennai Super Kings ने उन्हें 14.2 करोड़ रुपये में खरीदा, जहां अब उन्हें MS Dhoni जैसे दिग्गजों के साथ खेलने का मौका मिलेगा.
मंगेश यादव: प्लेटफॉर्म पर सोकर खेला क्रिकेट
मध्य प्रदेश के छोटे से गांव बोरगांव के Mangesh Yadav ट्रक ड्राइवर के बेटे हैं. शुरुआती दिनों में वे अनारक्षित ट्रेन डिब्बों में सफर करते थे और पैसे बचाने के लिए रेलवे प्लेटफॉर्म पर सोते थे. MP T20 लीग में ग्वालियर चीता के लिए खेलते हुए उन्होंने 14 विकेट लिए और यहीं से उनकी पहचान बनी. 23 साल के इस तेज गेंदबाज को Royal Challengers Bengaluru ने 5.2 करोड़ रुपये में खरीदा.
तेजस्वी सिंह दहिया: जंगल में ट्रेनिंग से IPL तक
दिल्ली के विकेटकीपर बल्लेबाज Tejasvi Singh Dahiya को Kolkata Knight Riders ने 3 करोड़ रुपये में टीम में शामिल किया. उन्हें Gautam Gambhir के बचपन के कोच संजय भारद्वाज ने ट्रेन किया. उन्होंने दहिया को फोन से दूर रखकर भोपाल के जंगलों में ट्रेनिंग करवाई, जिससे उनकी पावर हिटिंग में जबरदस्त सुधार आया. 2025 दिल्ली प्रीमियर लीग में उन्होंने 29 छक्के लगाए और 190 से ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाए, जिसके बाद उन्हें IPL कॉन्ट्रैक्ट मिला.
शिवांग कुमार: रिजेक्शन से वापसी तक
रीवा (मध्य प्रदेश) के Shivang Kumar की कहानी वापसी की मिसाल है. अंडर-14 ट्रायल में रिजेक्ट होने के बाद उन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया था, लेकिन MS Dhoni: The Untold Story से प्रेरित होकर उन्होंने वापसी की. अपने पिता की सलाह पर उन्होंने बल्लेबाजी छोड़कर लेफ्ट आर्म रिस्ट स्पिनर बनना चुना. विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में 5/45 का प्रदर्शन कर उन्होंने सबका ध्यान खींचा. Sunrisers Hyderabad ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा.
नमन तिवारी: सड़कों से शुरू हुआ सफर
लखनऊ के Naman Tiwari ने सड़कों और पार्कों में क्रिकेट खेलकर शुरुआत की. इंश्योरेंस एजेंट के बेटे नमन के पास शुरुआती दिनों में कोई प्रोफेशनल सुविधा नहीं थी. कोच यश सैनी के मार्गदर्शन में उन्होंने अंडर-19 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया और 2024 U19 वर्ल्ड कप में 10 विकेट लिए. इसके बाद Lucknow Super Giants ने उन्हें 1 करोड़ रुपये में खरीदा.




