जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज जीतने का क्रेडिट श्रेयस अय्यर ने किसे दिया? कहा- वे हर दिन खिलाड़ियों को मोटिवेट करते थे
जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत ने 3-0 से क्लीन स्वीप कर शानदार प्रदर्शन किया. सीरीज जीत के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और कार्यवाहक कोच वीवीएस लक्ष्मण ने एक-दूसरे की जमकर तारीफ की और जीत का श्रेय पूरी टीम की मेहनत और सकारात्मक माहौल को दिया.
ZIM vs IND T20I Series: भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया. हरारे में खेले गए तीसरे और आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम ने 35 रन से जीत दर्ज की. इस जीत की खास बात सिर्फ सीरीज जीतना नहीं था, बल्कि युवा खिलाड़ियों से सजी टीम का आत्मविश्वास और नेतृत्व भी चर्चा का विषय बन गया.
सीरीज खत्म होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा शेयर किए गए ड्रेसिंग रूम वीडियो में कप्तान श्रेयस अय्यर और कार्यवाहक मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने एक-दूसरे की खुलकर सराहना की. दोनों ने माना कि टीम की सफलता के पीछे खिलाड़ियों का सामूहिक प्रयास, सकारात्मक माहौल और एक-दूसरे पर भरोसा सबसे बड़ी वजह रहा.
श्रेयस अय्यर और वीवीएस लक्ष्मण ने क्या कहा?
- वीवीएस लक्ष्मण ने ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए सबसे पहले कप्तान श्रेयस अय्यर की तारीफ की. उन्होंने कहा कि इंग्लैंड दौरे पर मिली 0-4 की हार के बाद किसी भी कप्तान के लिए वापसी करना आसान नहीं होता, लेकिन श्रेयस ने पहले दिन से ही सकारात्मक सोच दिखाई.
- लक्ष्मण ने कहा कि इस दौरे पर टीम में कई नए खिलाड़ी थे. इंग्लैंड दौरे वाली टीम से केवल चार-पांच खिलाड़ी ही जिम्बाब्वे पहुंचे थे. इसके बावजूद श्रेयस ने हर खिलाड़ी का आत्मविश्वास बढ़ाया, उन्हें खुलकर खेलने की आजादी दी और पूरे दौरे में टीम को एकजुट बनाए रखा. उनके मुताबिक, इस सीरीज जीत का बड़ा श्रेय कप्तान को भी जाता है.
- सीरीज जीत के बाद श्रेयस अय्यर ने भी टीम और सपोर्ट स्टाफ की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि कैच छोड़ने की कुछ गलतियों को छोड़ दें तो पूरी टीम ने लगभग बेहतरीन क्रिकेट खेला.
- अय्यर ने विशेष रूप से वीवीएस लक्ष्मण का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने हर दिन खिलाड़ियों को प्रेरित किया. मैदान पर उतरने से पहले जो बातें लक्ष्मण कहते थे, उनसे खिलाड़ी खुद को जोड़ पाते थे और वही बातें मैदान पर उनके प्रदर्शन में भी दिखाई दीं.
- इस दौरे पर भारत के कई नियमित खिलाड़ी जैसे संजू सैमसन, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा टीम का हिस्सा नहीं थे. ऐसे में युवा खिलाड़ियों को मौका मिला और उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर यह साबित किया कि भारतीय क्रिकेट की बेंच स्ट्रेंथ कितनी मजबूत है.
- पूरी सीरीज के दौरान बल्लेबाजी, गेंदबाजी और टीमवर्क तीनों विभागों में भारत का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा. यही कारण रहा कि जिम्बाब्वे की टीम एक भी मुकाबला जीतने में सफल नहीं हो सकी.
- भारत के नियमित मुख्य कोच गौतम गंभीर यूके दौरे के बाद ब्रेक पर थे. उनकी अनुपस्थिति में वीवीएस लक्ष्मण ने कार्यवाहक मुख्य कोच की जिम्मेदारी निभाई. इससे पहले भी लक्ष्मण कई बार युवा भारतीय टीमों के साथ अंतरिम कोच की भूमिका में सफल रहे हैं और इस दौरे में भी उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता का एक और उदाहरण पेश किया.
अब भारतीय टीम अगले महीने श्रीलंका दौरे पर टेस्ट सीरीज खेलेगी, जहां गौतम गंभीर दोबारा मुख्य कोच की भूमिका में लौटेंगे. भारत के लिए जिम्बाब्वे दौरा सिर्फ एक सीरीज जीत नहीं रहा, बल्कि यह युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास, मजबूत टीम संस्कृति और नए नेतृत्व की सफलता की कहानी भी बन गया.




