1 वनडे वर्ल्ड कप, 4 एशिया कप, 2 WPL खिताब... कप्तान के तौर पर कैसा रहा हरमनप्रीत कौर का रिकॉर्ड, अब क्यों छोड़ी कप्तानी?
हरमनप्रीत कौर ने हर फॉर्मेट से टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ दी है. हाल ही में टीम इंडिया ने उनके नेतृत्व में एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड जीता था. कप्तानी के तौर हरमनप्रीत ने कई बड़ी उपलब्धियां अपने नाम की है.
harmanpreet kaur
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लंबे समय से कप्तान रहीं हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी. हरमनप्रीत ने करीब एक दशक तक टी20 टीम की कमान संभाली और बाद में वनडे तथा टेस्ट में भी टीम की कप्तान बनीं.
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं. हाल ही में उनकी अगुवाई में भारत ने 2026 एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता. फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 147 रन से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया.
टी20 कौनसा खास रिकॉर्ड है नाम?
हरमनप्रीत ने 2016 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी और 2022 में उन्हें वनडे टीम की कमान भी मिली. 2023 में वह तीनों फॉर्मेट की कप्तान बनीं. इस दौरान उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट को कई अहम जीत दिलाईं. टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी हरमनप्रीत ने कप्तान के तौर पर खास मुकाम हासिल किए. 2026 में वह 200 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली पहली खिलाड़ी बनी थीं.
कप्तान के तौर पर कैसा रहा रिकॉर्ड?
हरमनप्रीत कौर ने 250 से ज्यादा इंटरनेशनल मैचों में टीम इंडिया की कप्तानी की है. बात अगर टी20 की करें तो उन्होंने 204 मैचों में कप्तानी की, जिसमें से टीम इंडिया ने 122 में जीत और 79 में हार का सामना किया और 3 मैच बेनतीजा रहे. वनडे में उन्होंने 48 मैचों में कप्तानी की, इस दौरान टीम इंडिया ने 27 में जीत और 19 में हार दर्ज की, जबकि 2 मैच बेनतीजा रहे. वहीं टेस्ट में हरमप्रीत कौर ने 5 मैचों में टीम इंडिया की कमान संभाली, इस दौरान भारत ने 4 मैचों में जीत हासिल की, जबकि 1 ही में टीम को हार का सामना करना पड़ा.
कौन-कौन से जीते खिताब?
1. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी का सबसे बड़ा पड़ाव 2025 महिला वनडे विश्व कप रहा. उनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता. वह भारत की महिला टीम की पहली विश्व कप विजेता कप्तान बनीं.
2. हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने एशिया कप के कई खिताब जीते. 2026 में भी भारत ने श्रीलंका को हराकर महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम किया और टूर्नामेंट में अपना दबदबा कायम रखा.
3. एशियन गेम्स में भी उनके नेतृत्व में भारत ने लगातार दूसरी बार महिला क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता. 2026 के फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 147 रन से हराया. उससे पहले साल 2022 के एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था.
4. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा हरमनप्रीत ने महिला प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस की कप्तानी करते हुए भी टीम को खिताब दिलाए. उनकी कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने 2023 और 2025 में WPL ट्रॉफी जीती.
टेस्ट क्रिकेट में कौन-कौन से बनाए रिकॉर्ड?
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने टेस्ट क्रिकेट में भी ऐतिहासिक जीत दर्ज की. उनके नेतृत्व में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पहली बार महिला टेस्ट में हराया. इसके अलावा इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी भारत ने बड़ी जीत हासिल की. उनकी कप्तानी में शुरुआती तीन टेस्ट मैचों में भारत ने लगातार जीत दर्ज की. इस दौर में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली जीतें महिला टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए खास उपलब्धियां रहीं.
इस्तीफे पर क्या बोलीं हरमनप्रीत?
कप्तानी छोड़ने की जानकारी देते हुए हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखा. उन्होंने कहा "आज मैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी प्रारूपों के कप्तान पद से इस्तीफा दे रही हूं. यह आसान फैसला नहीं है. इसमें वर्षों की यादें, भावनाएं, बलिदान और ऐसे पल जुड़े हैं जो जीवन भर मेरे साथ रहेंगे. मैंने इस टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को अपना सब कुछ दे दिया है अपना खून, पसीना, समय, और कई बार तो अपने खेल और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का भी एक हिस्सा. ऐसे भी क्षण आए जब मुझे अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, अपनी उन्नति और अपने भविष्य की इच्छाओं को एक तरफ रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना था कि टीम सर्वोपरि है. कप्तान के तौर पर मुझे कई कठिन फैसले लेने पड़े हैं. मैंने सब कुछ देख लिया है."
आगे उन्होंने कहा कि "मैंने सबसे बुरे पल देखे हैं, दिल टूटने का दर्द, आलोचना, संदेह और वो दिन भी जब कुछ भी हमारे पक्ष में नहीं लग रहा था और मैंने सबसे ऊंचे मुकाम भी हासिल किए हैं. जीत, जश्न, अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व और वो पल जिन्होंने हर बलिदान को सार्थक बना दिया. मैं आज कप्तानी छोड़ते समय भावनाओं से भरा हुआ महसूस कर रहा हूं, लेकिन साथ ही मन को शांति भी दे रहा हूं."




