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दिल्ली-NCR में तेज भूकंप के झटके, 8 सेकेंड तक हिली धरती; उत्तराखंड में था केंद्र, देखिए Earthquake के VIDEO

दिल्ली-NCR में मंगलवार रात अचानक धरती हिलने लगी. रात करीब 10:25 बजे आए भूकंप के झटकों से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के कई इलाकों में लोग सहम गए. कई लोगों ने कुछ सेकेंड तक घर, इमारत और फर्नीचर हिलने की बात कही.

दिल्ली-NCR में तेज भूकंप के झटके, 8 सेकेंड तक हिली धरती; उत्तराखंड में था केंद्र, देखिए Earthquake के VIDEO
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सागर द्विवेदी
सागर द्विवेदी5 Mins Read

Updated on: 6 Oct 2026 10:56 PM IST

दिल्ली-NCR में मंगलवार रात अचानक धरती हिलने लगी. रात करीब 10:25 बजे आए भूकंप के झटकों से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के कई इलाकों में लोग सहम गए. कई लोगों ने कुछ सेकेंड तक घर, इमारत और फर्नीचर हिलने की बात कही. झटके महसूस होते ही कई लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए.

शुरुआती जानकारी में भूकंप की तीव्रता अलग-अलग बताई गई, लेकिन National Centre for Seismology (NCS) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 4.9 मैग्नीट्यूड थी. इसका केंद्र उत्तराखंड के चमोली में जमीन के करीब 13 किलोमीटर नीचे था.

रात में अचानक हिली धरती, लोगों में मची अफरा-तफरी

मंगलवार रात करीब 10:23 बजे उत्तराखंड में भूकंप दर्ज किया गया. इसके कुछ ही देर बाद दिल्ली-NCR में भी तेज झटके महसूस किए गए. कई इलाकों में लोगों ने बताया कि अचानक सोफा, पंखे, बेड और दूसरी चीजें हिलने लगीं. दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव समेत कई इलाकों से लोगों ने झटके महसूस होने की जानकारी साझा की. कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें लगा जैसे पूरी इमारत कुछ सेकेंड के लिए हिल गई हो. भूकंप के झटके महसूस होते ही कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों के बीच डर का माहौल ज्यादा देखा गया.

कहां था भूकंप का केंद्र?

National Centre for Seismology के मुताबिक भूकंप का केंद्र चमोली, उत्तराखंड में था.

भूकंप की जानकारी-

  • तीव्रता: 4.9 मैग्नीट्यूड
  • समय: 6 अक्टूबर 2026, रात 10:23:13 बजे
  • केंद्र: चमोली, उत्तराखंड
  • गहराई: 13 किलोमीटर
  • अक्षांश: 30.103° N
  • देशांतर: 79.561° E

भूकंप का केंद्र जमीन से ज्यादा गहराई पर नहीं था. यही वजह है कि उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसके झटके महसूस किए गए.

दिल्ली-NCR के अलावा कहां-कहां महसूस हुए झटके?

भूकंप का असर सिर्फ दिल्ली-NCR तक सीमित नहीं रहा. उत्तर भारत के कई हिस्सों में लोगों ने झटके महसूस किए. रिपोर्ट्स के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी कंपन महसूस किया गया. हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है.

पहले 4.4 बताई गई थी तीव्रता

भूकंप के तुरंत बाद इसकी तीव्रता को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए. शुरुआती रिपोर्टों में इसे 4.4 मैग्नीट्यूड का बताया गया था, लेकिन बाद में National Centre for Seismology के अपडेटेड आंकड़ों में इसकी तीव्रता 4.9 दर्ज की गई. इसलिए भूकंप की तीव्रता के लिए NCS के ताजा आधिकारिक आंकड़े को आधार माना जा रहा है.

करीब 8 सेकेंड तक महसूस हुई कंपन

दिल्ली-NCR में कई लोगों ने बताया कि भूकंप के झटके कुछ सेकेंड तक महसूस होते रहे. कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने करीब 8 सेकेंड तक धरती और इमारतों में कंपन महसूस होने की बात कही. हालांकि, अलग-अलग जगहों पर झटके महसूस होने की अवधि अलग हो सकती है. किसी इलाके में कंपन कुछ सेकेंड रहा तो कहीं लोगों ने इसे ज्यादा देर तक महसूस किया.

क्या दिल्ली में नुकसान हुआ?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक दिल्ली-NCR में भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है. प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है. भूकंप के बाद सबसे ज्यादा डर ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों में देखा गया. कई लोगों ने एहतियात के तौर पर कुछ समय घर से बाहर रहना बेहतर समझा.

क्यों महसूस हुआ इतना तेज झटका?

भूकंप की तीव्रता के साथ-साथ उसका केंद्र कितनी गहराई पर है, यह भी बेहद महत्वपूर्ण होता है. इस भूकंप का केंद्र करीब 13 किलोमीटर की गहराई में था. ऐसे में इसके झटके आसपास के बड़े इलाके में महसूस किए जा सकते हैं. चमोली हिमालयी क्षेत्र में आता है, जो भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील इलाका माना जाता है. भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच लगातार जारी भूगर्भीय गतिविधियां हिमालयी क्षेत्र में भूकंप का एक प्रमुख कारण हैं.

भूकंप के बाद क्या करें?

अगर भूकंप के झटके दोबारा महसूस हों तो घबराने के बजाय सुरक्षित जगह पर रहें. घर के अंदर हों तो मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे जाकर सिर और गर्दन को सुरक्षित करें और खिड़कियों, शीशों तथा भारी सामान से दूर रहें. अगर इमारत से बाहर निकलना जरूरी हो तो लिफ्ट का इस्तेमाल न करें. खुले स्थान पर जाएं और इमारत, बिजली के खंभों तथा दूसरी असुरक्षित संरचनाओं से दूरी बनाए रखें. फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि 4.9 मैग्नीट्यूड के इस भूकंप के बाद दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक सूचना नहीं है. हालांकि, आफ्टरशॉक्स की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए लोगों को घबराने के बजाय आधिकारिक अपडेट पर नजर रखनी चाहिए.

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