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FIFA World Cup 2026 Final: मैदान पर मेसी vs यामाल तो बाहर होगी कोच गुरु-शिष्य की जंग, कौन जीतेगा गोल्डन बूट?

फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा, जहां मैदान पर मेसी और यामाल की टक्कर होगी, तो बाहर दोनों टीमों के कोच भी चर्चा में हैं. दूसरी ओर गोल्डन बूट की रेस में मेसी और एम्बाप्पे बराबरी की टक्कर पर हैं.

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( Image Source:  X@Riioi10 )

FIFA World Cup 2026 Final: फीफा विश्व कप 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है. अब खिताबी मुकाबला अर्जेंटीना और स्पेन के बीच 20 जुलाई को न्यू जर्सी में खेला जाएगा. यह सिर्फ दो मजबूत टीमों की भिड़ंत नहीं होगी, बल्कि मैदान के अंदर और बाहर कई दिलचस्प मुकाबले भी देखने को मिलेंगे. एक तरफ अर्जेंटीना के अनुभवी कप्तान लियोनेल मेसी होंगे, तो दूसरी ओर स्पेन के युवा स्टार लामिन यामाल अपनी टीम को विश्व चैंपियन बनाने के इरादे से उतरेंगे.

इस फाइनल की सबसे खास कहानी दोनों टीमों के कोचों से जुड़ी है. स्पेन के मुख्य कोच लुइस दे ला फुएंते और अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी का रिश्ता सिर्फ प्रतिद्वंद्वियों का नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य का भी है. 65 वर्षीय दे ला फुएंते स्पेन की यूथ टीमों को तैयार करने के लिए जाने जाते हैं. वहीं 48 वर्षीय स्कालोनी ने 2017 में स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन के कोचिंग कोर्स के दौरान उन्हीं से प्रशिक्षण लिया था. अब दोनों विश्व कप फाइनल में एक-दूसरे की रणनीति को मात देने की कोशिश करेंगे.

स्कालोनी कई बार कह चुके हैं कि यह मुकाबला उनके रिश्ते को नहीं बदलेगा, जबकि दे ला फुएंते भी उन्हें शानदार कोच मानते हैं... लेकिन मैदान पर दोनों की रणनीति ही विश्व चैंपियन तय करेगी.

स्कालोनी ने बदल दी अर्जेंटीना की तस्वीर

2018 में अर्जेंटीना के कोच बनने के बाद स्कालोनी को काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी. यहां तक कि महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना ने कहा था, "मैं उन्हें ट्रैफिक डायरेक्ट करने की जिम्मेदारी भी नहीं दूंगा."

लेकिन स्कालोनी ने सभी आलोचनाओं का जवाब अपनी उपलब्धियों से दिया. उन्होंने अर्जेंटीना को 2022 का विश्व कप जिताया, 2021 और 2024 में कोपा अमेरिका का खिताब दिलाया और अब लगातार दूसरे विश्व कप फाइनल तक पहुंचा दिया है. उनकी सबसे बड़ी ताकत खिलाड़ियों का बेहतरीन प्रबंधन और मेसी के इर्द-गिर्द संतुलित टीम बनाना माना जाता है.

दे ला फुएंते ने स्पेन को फिर बनाया ताकतवर

लुइस दे ला फुएंते ने खिलाड़ी के रूप में डिफेंडर की भूमिका निभाई और बाद में स्पेन की यूथ टीमों से अपना कोचिंग करियर शुरू किया. 2022 में उन्हें सीनियर टीम की जिम्मेदारी मिली और 2024 में उन्होंने स्पेन को UEFA यूरो चैंपियन बनाया. उनकी टीम पजेशन फुटबॉल, तेज अटैक और अनुशासित खेल के लिए जानी जाती है.

गोल्डन बूट की रेस भी रोमांचक

विश्व कप 2026 में गोल्डन बूट की लड़ाई भी बेहद दिलचस्प हो गई है. अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे दोनों के नाम 8-8 गोल हैं. हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में मेसी ने दो असिस्ट देकर टाई-ब्रेकर में बढ़त हासिल कर ली है. इसके बावजूद एम्बाप्पे की उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं, क्योंकि फ्रांस अभी तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड से भिड़ेगा.

अगर एम्बाप्पे उस मैच में गोल या अतिरिक्त असिस्ट कर देते हैं तो वह फिर से मेसी से आगे निकल सकते हैं, लेकिन यदि ऐसा नहीं होता, तो गोल्डन बूट का फैसला विश्व कप फाइनल में मेसी के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा. ऐसे में विश्व कप 2026 का फाइनल सिर्फ ट्रॉफी की जंग नहीं, बल्कि मेसी, यामाल, स्कालोनी, दे ला फुएंते और गोल्डन बूट की रेस का भी सबसे बड़ा मंच बनने जा रहा है.

फीफा वर्ल्ड कप 2026
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