स्पेन के कोच को भीड़ ने बीच में टोका तो तमतमा उठे लियोनेल मेसी, फिर जो हुआ उसने जीत लिया दिल, वीडियो वायरल
फीफा विश्व कप 2026 फाइनल से पहले एक कार्यक्रम में स्पेन के कोच लुइस दे ला फुएंते को भीड़ ने बीच में टोक दिया, जिसे देखकर लियोनेल मेसी नाराज नजर हो गए. वहीं स्पेनिश कोच ने शालीनता से जवाब देते हुए सम्मान और खेल भावना का संदेश दिया.
Messi का वीडियो वायरल
फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होगा, लेकिन उससे पहले मैदान के बाहर एक ऐसा पल देखने को मिला, जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं. अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी इस बार किसी गोल या रिकॉर्ड की वजह से नहीं, बल्कि अपने एक रिएक्शन को लेकर चर्चा में हैं.
दरअसल, फाइनल से पहले आयोजित एक कार्यक्रम में स्पेन के मुख्य कोच लुइस दे ला फुएंते मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे. तभी मौजूद भीड़ ने शोर मचाना शुरू कर दिया और उनकी बात बीच में ही रुक गई. इसी दौरान कैमरा मेसी की ओर गया, जहां वह इस पूरे घटनाक्रम से नाराज और असहज नजर आए. हालांकि उन्होंने कुछ नहीं कहा, लेकिन उनके चेहरे के भाव सोशल मीडिया पर वायरल हो गए.
इस बीच स्पेनिश कोच ने जिस तरह स्थिति को संभाला, उसकी भी जमकर तारीफ हो रही है. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि बचपन से उन्हें दूसरों का सम्मान करना और उनकी बात ध्यान से सुनना सिखाया गया है. उनका मानना है कि प्रतिस्पर्धा जरूरी है, लेकिन सम्मान और खेल भावना उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है.
'फाइनल शानदार होगा'
फाइनल मुकाबले को लेकर लुइस दे ला फुएंते ने कहा कि अर्जेंटीना और स्पेन दोनों दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शामिल हैं. दोनों का खेलने का तरीका काफी हद तक एक जैसा है और दोनों आक्रामक, आकर्षक और तकनीकी फुटबॉल में भरोसा रखते हैं. ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि यह मुकाबला विश्व कप के सबसे यादगार फाइनल में से एक होगा.
मेसी बनाम यामाल नहीं, दो फुटबॉल फिलॉसफी की जंग
फाइनल से पहले सबसे ज्यादा चर्चा लियोनेल मेसी और स्पेन के युवा स्टार लामिन यामाल की हो रही है. हालांकि दे ला फुएंते ने साफ कहा कि यामाल की तुलना किसी से नहीं होनी चाहिए. उन्होंने मेसी को फुटबॉल इतिहास का अनोखा खिलाड़ी और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बताया, लेकिन साथ ही कहा कि यामाल को अपनी अलग पहचान बनाने का पूरा मौका मिलना चाहिए.
एक तरफ अनुभव, दूसरी तरफ नई पीढ़ी
रविवार को न्यू जर्सी में होने वाले इस महामुकाबले में एक ओर लगातार दूसरा विश्व कप जीतने की कोशिश कर रही अर्जेंटीना होगी, तो दूसरी ओर 2010 के बाद पहली बार विश्व चैंपियन बनने का सपना देख रही स्पेन. ऐसे में मुकाबला सिर्फ ट्रॉफी का नहीं, बल्कि अनुभव और नई पीढ़ी के बीच फुटबॉल की सबसे बड़ी जंग भी माना जा रहा है.




