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कभी क्रिकेट छोड़ने का था डर, अब ऑस्ट्रेलिया में खेलेंगी Anaya Bangar! BCCI ने ठुकराया तो CA ने अपनाया

अनाया बांगर को Cricket Australia ने कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की मंजूरी दे दी है. मार्च 2026 में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी कराने के बाद उन्होंने BCCI से भी महिला क्रिकेट में खेलने को लेकर स्पष्टता मांगी थी, लेकिन जवाब नहीं मिलने पर ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड से संपर्क किया.

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Anaya Bangar 

( Image Source:  instagram.com/anayabanga )

मुंबई की पूर्व अंडर-19 क्रिकेटर अनाया बांगर के क्रिकेट करियर को ऑस्ट्रेलिया में एक नई शुरुआत मिली है. जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के बाद Cricket Australia ने उन्हें फिलहाल कम्युनिटी क्रिकेट खेलने के लिए योग्य माना है. 25 वर्षीय अनाया ने बताया कि मार्च 2026 में सर्जरी के बाद एक समय उन्हें लगा था कि शायद वह दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी, लेकिन अब Cricket Australia से मंजूरी मिलने के बाद उन्हें अपना क्रिकेट करियर आगे बढ़ाने का मौका मिला है.

अनाया के मुताबिक, उन्होंने पिछले साल BCCI से संपर्क कर यह जानने की कोशिश की थी कि ट्रांसजेंडर महिला क्रिकेटर घरेलू महिला क्रिकेट में हिस्सा ले सकती हैं या नहीं. हालांकि, उन्हें भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने जून 2026 में Cricket Australia से संपर्क किया. ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड ने उनके मामले की समीक्षा की और उन्हें बताया कि वह फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में होने वाली Premier Cricket प्रतियोगिताओं में खेल सकती हैं.


WBBL खेलने के लिए अलग नियम

हालांकि, यह मंजूरी सभी स्तर के क्रिकेट के लिए नहीं है. Women’s Big Bash League (WBBL) जैसे एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए अनाया को Cricket Australia की Transgender and Gender Diverse Players in Elite Cricket Policy में तय पात्रता मानकों को पूरा करना होगा. नीति के मुताबिक, एलीट क्रिकेट के लिए खिलाड़ी का सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर कम से कम 12 महीने तक 10 nmol/L से नीचे रहना जरूरी है. Cricket Australia की ओर से अनाया को बताया गया है कि मार्च 2027 तक वह कम्युनिटी क्रिकेट में खेल सकती हैं. इसके बाद एलीट क्रिकेट में उनकी पात्रता टेस्टोस्टेरोन टेस्ट और नीति की अन्य शर्तों को पूरा करने पर निर्भर करेगी.


BCCI ने क्या कहा?

एक वरिष्ठ BCCI अधिकारी ने बताया कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड के पास फिलहाल इस तरह के मामले के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है. अधिकारी के अनुसार, ICC ने एलीट महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को लेकर अपनी पात्रता नीति पहले ही तय कर रखी है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर BCCI ने अभी कोई अंतिम रुख तय नहीं किया है. इसका मतलब है कि अनाया का मामला भारतीय घरेलू क्रिकेट में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के लिए नीति बनाने की बहस को भी सामने लाता है.



अनाया ने दिए मेडिकल और रिसर्च दस्तावेज

अनाया ने बताया कि Cricket Australia ने उनके मामले को समझने के लिए उनके मेडिकल रिकॉर्ड, सर्जरी से जुड़े दस्तावेज, टेस्टोस्टेरोन रिपोर्ट और Manchester Metropolitan University की एक रिसर्च रिपोर्ट को भी देखा. उन्होंने इस रिसर्च प्रोजेक्ट में हिस्सा लिया था, जिसमें हार्मोन थेरेपी के उनके strength, endurance, hormone levels और glucose levels पर प्रभाव का अध्ययन किया गया था.


अनाया का कहना है कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट पहले BCCI के साथ भी साझा की थी, लेकिन वहां से उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. इसके विपरीत Cricket Australia ने उनकी मेडिकल हिस्ट्री और उपलब्ध वैज्ञानिक रिपोर्टों की समीक्षा कर उनके मामले का आकलन किया.



अब WBBL पर नजर

अनाया अभी सर्जरी से पूरी तरह उबरने की प्रक्रिया में हैं और ऑस्ट्रेलिया में अपने लिए किसी क्रिकेट क्लब की तलाश कर रही हैं. उनका लक्ष्य आगे चलकर एलीट क्रिकेट में जगह बनाना है. उनका मानना है कि अगर वह बाकी पात्रता मानकों को पूरा करती हैं और अच्छा प्रदर्शन करती हैं तो भविष्य में WBBL में खेलने का मौका मिल सकता है.


अनाया ने कहा कि जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया उनके लिए शारीरिक और भावनात्मक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण रही. 2022 में उन्होंने अपना ट्रांजिशन शुरू किया था और बाद में ब्रिटेन में हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के विकल्पों पर काम किया. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान परिवार, दोस्ती, करियर और सामाजिक जीवन में कई बदलाव आए.

इसके बावजूद अनाया कहती हैं कि ट्रांजिशन के बाद वह खुद को ज्यादा सहज और खुश महसूस करती हैं. उनके लिए Cricket Australia की मंजूरी सिर्फ क्रिकेट में वापसी का मौका नहीं है, बल्कि उस खेल से दोबारा जुड़ने का अवसर भी है जिसे छोड़ने का उन्हें कभी डर था.

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