Ground Zero: सरकार डर गई या डरा रही? पहले CJP फिर आरक्षण हटाओ, अब जंतर-मंतर पर सख्त पहरा, बना दिया किला, PHOTOS
जंतर-मंतर पर बढ़ी सुरक्षा और बैरिकेडिंग ने सियासी हलचल तेज कर दी है. CJP, आरक्षण और विरोध प्रदर्शनों के बीच Ground Zero से सामने आई तस्वीरें कई सवाल खड़े करती हैं.
21, 22 और 23 अगस्त को CJP आंदोलन, आरक्षण हटाओ आंदोलन और UGC गाइडलाइंस के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के बाद दिल्ली का जंतर-मंतर इलाका अब पूरी तरह बदला-बदला नजर आ रहा है. जहां कुछ दिन पहले प्रदर्शनकारियों की आवाजें सुनाई दे रही थीं, वहीं अब सन्नाटा पसरा है. जंतर-मंतर से कनॉट प्लेस तक पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती, जगह-जगह बैरिकेडिंग और सुरक्षा वाहनों की मौजूदगी देखकर ऐसा लगता है, मानो पूरे इलाके को किसी बड़े खतरे की आशंका में घेर लिया गया हो.
क्या सरकार आंदोलनों से डर गई है?
जंतर मंतर से लेकर कनॉट प्लेस के एरिया में सभी तरह के प्रदर्शनों पर रोक है. धारा 144 लागू है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जंतर-मंतर पर कोई बड़ा प्रदर्शन नजर नहीं आ रहा, तो इतनी कड़ी सुरक्षा क्यों? क्या CJP आंदोलन, आरक्षण व्यवस्था में सुधार और आरक्षण हटाओ आंदोलन के प्रदर्शनों के बाद सरकार किसी नए प्रदर्शन की आशंका से सतर्क है? या फिर सुरक्षा के नाम पर जंतर-मंतर को इस तरह घेरा जा रहा है कि आम लोगों के बीच ही डर का माहौल बन जाए? मौके का नजारा इन सवालों को और गंभीर बना देता है.
एनडीएमसी के सामने संसद मार्ग से जंतर मंतर जाने वाला रास्ता भी बंद. Credit: State
जंतर-मंतर क्यों बना किला?
जंतर-मंतर के चारों तरफ ऐसी किलेबंदी नजर आ रही है, जैसी आमतौर पर बड़े आंदोलन या संवेदनशील हालात में देखने को मिलती है. दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के साथ ITBP, RAF और CRPF के जवान तैनात हैं. पुलिस की गाड़ियों के अलावा वज्र वाहन, वाटर कैनन, बसें और अन्य सुरक्षा वाहन भी मौजूद हैं. NDMC मुख्यालय, कनॉट प्लेस, जनपथ, टॉल्सटॉय मार्ग और अशोका रोड की तरफ से आने वाले रास्तों पर भी सुरक्षा का सख्त पहरा है.
जंतर मंतर में जहां पर होता है प्रदर्शन वहां पर लाइन में खड़ी सुरक्षा बलों के प्रदशेनरोधी वाहन. Credit: State Mirror
जब प्रदर्शन नहीं तो इतनी सख्ती क्यों?
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को तो दूर, आम लोगों की आवाजाही पर भी सख्ती दिखाई दे रही है. सुरक्षा घेरे के चलते इलाके में रहने वाले लोगों और आसपास आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय निवासी बृजेश कुमार का कहना है कि अपने घर से वाहन लेकर निकलना तक मुश्किल हो गया है. यानी जिस सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, उसका असर स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है.
जंतर मंतर में सीआरपी के महिला जवानों ने फोटो लेने पर जताया ऐतराज, कहा- फोटो डिलीट करो. Credit: state Mirror
क्या CJP और आरक्षण हटाओ आंदोलन के बाद बढ़ी चौकसी?
हाल के दिनों में CJP आंदोलन, आरक्षण हटाओ आंदोलन और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए. UGC गाइडलाइंस के खिलाफ भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए गए. कनॉट प्लेस में करीब 300 युवाओं के प्रदर्शन ने भी प्रशासन का ध्यान खींचा. इसके बाद जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था जिस स्तर तक बढ़ाई गई है, उससे साफ है कि प्रशासन किसी भी नए जमावड़े को लेकर बेहद सतर्क है. सवाल यह है कि यह चौकसी एहतियाती कदम है या आंदोलनों को रोकने की रणनीति?
जंतर मंतर पर स्थित केरल हाउस में ओणम सांस्कृतिक कार्यक्रम को भी करना पड़ा रद्द, महिलाओं ने सुरक्षा बलों की तैनाती पर जताई निराशा. Credit: State Mirror
केरल हाउस : ओणम कार्यक्रम भी क्यों रद्द करना पड़ा?
जंतर-मंतर इलाके में स्थित केरल हाउस में ओणम कल्चरल फेस्टिवल आयोजित होना था. लोग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंच भी गए, लेकिन इलाके में लागू प्रतिबंधों के चलते कार्यक्रम रद्द करना पड़ा. इससे आयोजकों के साथ-साथ वहां पहुंचे लोगों को भी परेशानी हुई. ओणम फेस्टिवल में पहुंची महिलाओं ने बताया कि सुरक्षा की वजह से कार्यक्रम रद्द कर दिया गया, उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी. सवाल उठता है कि सुरक्षा व्यवस्था का दायरा इतना व्यापक क्यों रखा गया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम तक प्रभावित हो जाए.
कोलकाता में मोदी ने जो खाई थी झालमुड़ी कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क के पास उसे बेचने वाला भी सख्ती से नाराज. Credit: State Mirror
क्या सख्ती का असर झालमुड़ी पर भी पड़ा?
कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क के पास झालमुड़ी बेचने वाले कंवल कुमार भी पुलिस की सख्ती से परेशान नजर आए. उनका कहना है कि वे झालमुड़ी बेचकर परिवार चलाते हैं, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण ग्राहक और राहगीर कम हो गए हैं. कैमरा देखकर घबराए कंवल ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उनकी गलती क्या है.
यह तस्वीर बताती है कि सुरक्षा की किलेबंदी का असर सिर्फ प्रदर्शनकारियों पर नहीं, बल्कि छोटे दुकानदारों और रोज कमाने-खाने वालों पर भी पड़ रहा है.
जंतर मंतर जाने के सभी रास्ते किले में तब्दील. Credit: State Mirror
फोटो खींचने पर भी क्यों टोका गया?
टॉल्सटॉय मार्ग पर सुरक्षा में तैनात महिला जवानों ने मौके की तस्वीर लेने पर भी आपत्ति जताई. फोटो खींचने को लेकर सवाल किया गया और अनुमति के बारे में पूछा गया. इससे इलाके में सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सतर्कता का अंदाजा लगाया जा सकता है. जंतर-मंतर के आसपास ऐसा माहौल बन गया है कि हर गतिविधि पर निगरानी जैसी स्थिति महसूस होती है.
क्या स्थानीय लोगों के लिए भी रास्ते बंद हैं?
बीजेपी के चर्चित पूर्व सांसद व केंद्रीय मंत्री बृहभूषण शरण सिंह के आवास के आसपास भी सन्नाटा नजर आया. सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी है कि प्रदर्शन क्षेत्र की ओर पैदल जाने वाले लोगों को भी रोका जा रहा है. स्थानीय होने के बावजूद आवाजाही में परेशानी की शिकायतें सामने आ रही हैं. ऐसे में सवाल सिर्फ प्रदर्शन रोकने का नहीं, बल्कि आम नागरिक की आवाजाही और रोजमर्रा की सुविधा का भी है.
कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन जिस पर है शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी. Credit: State Mirror
CP के एसएचओ ने क्या कहा?
कनॉट प्लेस थाने के SHO सुखबीर मलिक के मुताबिक, फिलहाल किसी भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं है. कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में धारा 144 लागू है और सुरक्षा के मद्देनजर अर्धसैनिक बलों तथा सिविल पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. प्रदर्शन की नई अनुमति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसके लिए DCP कार्यालय से अनुमति लेनी होती है और उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है.
कनॉट प्लेस पार्क होटल से जंतर मंतर जाने वाले रास्ते पर भी किले. Credit: State Mirror
सवाल अब भी वही- सुरक्षा या डर?
जंतर-मंतर की मौजूदा तस्वीर कई सवाल छोड़ रही है. CJP आंदोलन और आरक्षण हटाओ आंदोलन के बाद जिस जगह को लोकतांत्रिक विरोध की आवाजों का केंद्र माना जाता है, वही जगह अब बैरिकेड, जवानों और सुरक्षा वाहनों से घिरी नजर आ रही है. प्रशासन के लिए यह एहतियात हो सकता है, लेकिन जमीन पर इसका असर एक ऐसे इलाके के रूप में दिख रहा है जहां सन्नाटा और सख्त पहरा दोनों साथ-साथ मौजूद हैं. सवाल यही है- सरकार किसी संभावित आंदोलन से निपटने की तैयारी कर रही है या इतनी किलेबंदी के जरिए आंदोलन की संभावना को ही खत्म करना चाहती है?




