Begin typing your search...

Shubh-Laabh: सूर्य की ताकत से चमकेगा भाग्य, बस दोपहर में करने लग जाएं ये 4 काम

Shubh-Laabh: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दिन का हर समय अपनी अलग ऊर्जा और प्रभाव लेकर आता है. दोपहर का समय ऊर्जा के चरम पर होने का संकेत देता है. इस दौरान आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से फायदा मिलता है.

Shubh-Laabh: सूर्य की ताकत से चमकेगा भाग्य, बस दोपहर में करने लग जाएं ये 4 काम
X

दोपहर में इन 4 काम को करने से मिलेगी सफलता

( Image Source:  AI SORA )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 21 April 2026 12:42 PM IST

Shubh-Laabh: ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मबल, सफलता और सम्मान का प्रतीक माना गया है. दिन के मध्य यानी दोपहर का समय सूर्य की ऊर्जा के चरम पर होने का संकेत देता है, इसलिए इस समय किए गए कुछ खास कार्य व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं.

अगर आप चाहते हैं कि आपके प्रयासों को सही दिशा मिले और किस्मत आपका साथ दे, तो दोपहर के समय कुछ सरल उपाय अपनाना बेहद फायदेमंद हो सकता है. दोपहर में लाल कपड़े से लेकर तांबे के सिक्के के उपाय करने से आपके जीवन में सफलता आएगी.

सूर्य से जुड़ी पूजा

ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, सम्मान और सफलता का कारक माना गया है. दोपहर के समय सूर्य देव की पूजा या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना बेहद शुभ होता है. इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है.

नए कार्यों की शुरुआत करें

अगर आप किसी नए काम या प्रोजेक्ट की शुरुआत करना चाहते हैं, तो दोपहर का समय लाभकारी हो सकता है.इस समय की ऊर्जा आपके कार्य में स्थिरता और सफलता लाने में मदद करती है.खासकर सरकारी या प्रशासनिक कार्यों के लिए यह समय अनुकूल माना गया है.

तांबे के सिक्के का उपाय

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार तांबा धातु का संबंध सूर्य ग्रह से जोड़ा जाता है, इसलिए तांबे का छोटा सा उपाय भी सूर्य की ऊर्जा को संतुलित करने में सहायक माना जाता है. यदि दोपहर के समय, जब सूर्य अपनी पूर्ण शक्ति में होता है, किसी नदी या नहर जैसे बहते जल में तांबे का सिक्का प्रवाहित किया जाए, तो यह एक प्रतीकात्मक प्रक्रिया बन जाती है, जिसमें व्यक्ति अपनी नकारात्मकता, अहंकार और बाधाओं को जल के साथ बहने के लिए समर्पित करता है. इस उपाय को करने से माना जाता है कि सूर्य से जुड़ी सकारात्मक ऊर्जा जीवन में बढ़ती है, जिससे आत्मविश्वास, सम्मान और निर्णय क्षमता में सुधार आता है. साथ ही, बहता हुआ जल जीवन में रुकी हुई ऊर्जा को गतिशील करने का प्रतीक होता है, जो मानसिक तनाव को कम करने और नए अवसरों के द्वार खोलने में मदद कर सकता है.

लाल कपड़े का उपाय

ज्योतिषीय परंपराओं में लाल रंग को ऊर्जा, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. खासतौर पर दोपहर के समय, जब सूर्य प्रभावी होता है, मंगलवार या किसी अत्यंत शुभ अवसर जैसे अक्षय तृतीया पर इस रंग का प्रयोग करना लाभकारी समझा जाता है. यह उपाय नकारात्मक प्रभावों को कम करने और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया जाता है. इस विधि में एक साफ और नया लाल कपड़ा लिया जाता है, जिसमें पीली सरसों के दाने, हल्दी का टुकड़ा, कोई धातु का सिक्का या कमलगट्टा रखकर छोटी सी गठरी तैयार की जाती है. इसके बाद इस पोटली को सुरक्षित स्थान जैसे तिजोरी या अपने पर्स में रख दिया जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से धन से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का प्रवाह बना रहता है.

अगला लेख