शनिवार को अपनाएं ये 5 आसान उपाय, शनिदेव की कृपा से दूर हो सकती हैं परेशानियां
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित माना जाता है. कहा जाता है कि इस दिन किए गए कुछ आसान उपाय जीवन की परेशानियों को कम करने और शनिदेव की कृपा पाने में मदद कर सकते हैं.
हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित माना गया है. शनिवार का दिन विशेष रूप से भगवान शनिदेव की आराधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को कर्मों के अनुसार फल देने वाला न्यायप्रिय देवता कहा गया है. शनि ग्रह की चाल अन्य ग्रहों की तुलना में धीमी होती है, इसलिए इसका प्रभाव भी लंबे समय तक बना रहता है.
यदि किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या अशुभ दृष्टि का प्रभाव हो तो जीवन में अनेक प्रकार की बाधाएं, आर्थिक कठिनाइयां और मानसिक तनाव उत्पन्न हो सकते हैं. ऐसे में शनिवार के दिन कुछ विशेष उपाय करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की समस्याओं में राहत मिल सकती है.
शनिदेव को अर्पित करें तेल
शनिवार के दिन शनिदेव को सरसों या तिल का तेल चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे शनि दोष का प्रभाव कम होता है और जीवन में आ रही बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं. जो कार्य लंबे समय से अटके हुए हों, उनमें गति आने लगती है. साथ ही धन, सम्मान और सुख-सुविधाओं में वृद्धि के योग बनते हैं. नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी यह उपाय लाभकारी माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार तेल अर्पित करने से भगवान हनुमान की कृपा भी प्राप्त होती है.
शमी वृक्ष की पूजा करें
शमी का पौधा धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है. कहा जाता है कि इसे घर में लगाने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और वातावरण सकारात्मक बना रहता है. शनिवार के दिन शमी वृक्ष की पूजा कर उसके नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनिदोष में राहत मिलती है. जिन लोगों के विवाह या अन्य शुभ कार्यों में बार-बार रुकावटें आ रही हों, उन्हें भी यह उपाय लाभ पहुंचा सकता है. यदि कुंडली में शनि ग्रह कमजोर स्थिति में हो तो घर में शमी का पौधा लगाना विशेष लाभदायक माना जाता है.
शनिदेव के मंत्रों का करें जप
शनिवार के दिन श्रद्धापूर्वक शनिदेव की पूजा-अर्चना करने के साथ उनके मंत्रों का जाप करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है. पूजा के दौरान नीले रंग के फूल अर्पित करें और "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का जाप करें. अपराजिता का नीला फूल शनिदेव को प्रिय माना जाता है. शनिवार के दिन 5, 7 या 11 अपराजिता के फूल अर्पित करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने का आशीर्वाद प्रदान करते हैं. नियमित मंत्र जाप से मानसिक शांति और आत्मबल भी बढ़ता है.
पीपल के वृक्ष की करें आराधना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष में शनिदेव का विशेष निवास माना जाता है. इस दिन पीपल की पूजा करने और उसकी परिक्रमा करने से जीवन के अनेक कष्ट दूर होने लगते हैं. साथ ही धन, यश, प्रतिष्ठा और समृद्धि प्राप्त होने के योग बनते हैं. शनिवार की शाम या रात्रि में पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है. यह उपाय घर-परिवार में सुख, शांति और खुशहाली बनाए रखने में सहायक माना जाता है.
जरूरतमंदों को करें दान
शनिवार के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है. शनि के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए काला चना, काली उड़द, काले तिल, लोहे की वस्तुएं और काले वस्त्रों का दान करना शुभ माना जाता है. जरूरतमंद लोगों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान देने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं. साथ ही परिवार में सुख-शांति और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है.




