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धनतेरस पर कितने और कहां-कहां दीपक जलाना होता है शुभ? जानिए इसका धार्मिक महत्व

धनतेरस पर 13 दीपक जलाने की परंपरा है. इस दिन घर के बीच के हिस्से से लेकर शाम चौराहे पर दीपदान करने की मान्यता है. इससे लाभ मिलता है.

धनतेरस पर कितने और कहां-कहां दीपक जलाना होता है शुभ?  जानिए इसका धार्मिक महत्व
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( Image Source:  META AI )
State Mirror Astro
Edited By:State Mirror Astro4 Mins Read

Updated on: 5 Nov 2026 6:00 AM IST

इस साल धनतेरस का पर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा. पांच दिवसीय दीपावली उत्सव की शुरुआत इसी दिन से होती है. धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा करने के साथ दीपदान की भी विशेष परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शाम के समय घर के अलग-अलग स्थानों पर दीपक जलाने से सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है. दीपदान को नकारात्मकता दूर करने और घर में सकारात्मक ऊर्जा के संचार का प्रतीक भी माना जाता है. आइए जानते हैं धनतेरस पर 13 दीपक जलाने की मान्यता क्या है और इन्हें किन स्थानों पर रखना शुभ माना जाता है.

धनतेरस पर 13 दीपक जलाने का क्या है धार्मिक महत्व?

धनतेरस पर 13 दीपक जलाने की परंपरा प्रचलित है. इनमें से एक दीपक यमराज के नाम से जलाया जाता है. इसे यमदीपदान कहा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि दक्षिण दिशा में यमराज को समर्पित दीपक जलाने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है और उनकी लंबी आयु व अच्छे स्वास्थ्य की कामना पूरी होती है.

धनतेरस पर इन 13 स्थानों पर जलाएं दीपक

  1. धनतेरस की शाम सबसे पहले घर के पूजा स्थल पर दीपक जलाएं. इसे अपने इष्ट देव और देवी-देवताओं को समर्पित किया जाता है.
  2. घर की उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, यह स्थान पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है. यहां दीपक जलाना भी मंगलकारी माना जाता है.
  3. हिंदू धर्म में तुलसी को पूजनीय माना गया है. धनतेरस की शाम तुलसी के पास दीपक जलाकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है.
  4. मुख्य दरवाजे पर दीपक जलाना माता लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि इससे घर में शुभता और सकारात्मकता का वास होता है.
  5. धनतेरस पर यमराज के नाम से दक्षिण दिशा की ओर मुख करके दीपक जलाने की परंपरा है. इसे यमदीपदान कहते हैं.
  6. घर के बीच के हिस्से को वास्तु शास्त्र में ब्रह्मस्थान कहा जाता है. यहां दीपक जलाने की परंपरा भी प्रचलित है.
  7. धनतेरस की शाम घर के शौचालय के बाहर भी दीपक रखा जाता है. इसे घर के सभी हिस्सों में प्रकाश फैलाने की परंपरा से जोड़ा जाता है.
  8. घर की बालकनी और छत पर दीपक जलाने से घर का बाहरी हिस्सा भी रोशन होता है. दीपों का प्रकाश अंधकार दूर करने और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है.
  9. घर में जहां धन, अनाज या जरूरी सामान रखा जाता है, वहां भी दीपक जलाने की मान्यता है. इसे घर में धन-धान्य की वृद्धि और समृद्धि की कामना से जोड़ा जाता है.
  10. धनतेरस की शाम चौराहे पर दीपदान करने की भी परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और परिवार पर सुख-समृद्धि बनी रहती है.
  11. हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को अत्यंत पवित्र माना गया है. इसकी जड़ के पास दीपक जलाकर देवी-देवताओं और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना की जाती है.
  12. बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है. मान्यता है कि बेल के पौधे के पास दीपक जलाने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.
  13. धनतेरस की शाम खिड़कियों पर दीपक जलाने से घर के कोने-कोने में रोशनी फैलती है. इसे अंधकार दूर करने और सकारात्मकता के स्वागत का प्रतीक माना जाता है.
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