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मेहंदी से लेकर घेवर तक...हरियाली तीज पर मायके से आने वाले सिंधारे में क्यों भेजी जाती हैं ये चीजें? जानें हर सामान का मतलब

हरियाली तीज पर मायके से बेटी के लिए भेजे जाने वाले सिंधारे में कई ऐसी चीजें शामिल होती हैं, जो इस त्योहार की परंपरा और सुहाग से जुड़ी मानी जाती हैं. कपड़े, चूड़ियां, मेहंदी और मिठाइयों से सजा यह सिंधारा बेटी के लिए मायके के स्नेह का प्रतीक होता है.

मेहंदी से लेकर घेवर तक...हरियाली तीज पर मायके से आने वाले सिंधारे में क्यों भेजी जाती हैं ये चीजें? जानें हर सामान का मतलब
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हरियाली तीज पर मायके से सिंधारे में क्या भेजा जाता है

( Image Source:  chatgpt )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 14 Aug 2026 9:00 AM IST

हरियाली तीज सुहागिन महिलाओं के लिए खास त्योहार माना जाता है. हरियाली तीज पर मायके से बेटी के लिए भेजा जाने वाला सिंधारा सिर्फ उपहार नहीं, बल्कि प्यार और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है. इसमें मेहंदी, चूड़ियां, कपड़े, मिठाई और घेवर जैसी चीजें रखी जाती हैं, जिनका त्योहार से खास संबंध है.

मेहंदी को सुहाग और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है, जबकि घेवर तीज की पारंपरिक मिठाई है, जिसे रिश्तों में मिठास और त्योहार की खुशी का प्रतीक माना जाता है. अलग-अलग जगहों पर सिंधारे में रखी जाने वाली चीजें परिवार और स्थानीय परंपरा के अनुसार बदल भी सकती हैं.

क्या होता है सिंधारा?

सिंधारा हरियाली तीज के मौके पर मायके की ओर से बेटी और उसके ससुराल वालों के लिए भेजा जाने वाला खास उपहार है. इसमें बेटी के लिए नए कपड़े, चूड़ियां, मेहंदी, मिठाई, फल और सुहाग से जुड़ी दूसरी चीजें शामिल की जाती हैं. कई परिवारों में शादी के बाद आने वाली पहली तीज पर सिंधारा भेजने की परंपरा होती है. इस परंपरा के जरिए मायका अपनी बेटी को त्योहार की शुभकामनाएं और अपना प्यार भेजता है. सिंधारा बेटी को यह एहसास भी दिलाता है कि त्योहार के खास मौके पर उसका मायका आज भी उसके साथ है.

घेवर क्यों भेजा जाता है?

तीज के त्योहार पर घेवर भेजने की परंपरा राजस्थान, हरियाणा और आसपास के कई क्षेत्रों में प्रचलित है. सावन और तीज से खास तौर पर जुड़ी इस पारंपरिक मिठाई को त्योहार की खुशी और रिश्तों में मिठास का प्रतीक माना जाता है.

चूड़ियां और मेहंदी का क्या मतलब?

सिंधारे में अक्सर हरी या लाल चूड़ियां भी भेजी जाती हैं. इन्हें सुहाग और पति-पत्नी के रिश्ते की खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है. वहीं मेहंदी तीज के श्रृंगार का खास हिस्सा मानी जाती है. इस दिन महिलाएं हाथों पर मेहंदी लगाती हैं.

कपड़े क्यों भेजे जाते हैं?

सिंधारे में बेटी के लिए नए कपड़े भेजना भी इस परंपरा का अहम हिस्सा माना जाता है. इसमें साड़ी, सूट या लहंगा जैसे पारंपरिक परिधान शामिल किए जाते हैं. नए कपड़े बेटी के लिए त्योहार की खुशी के साथ-साथ मायके के प्यार और अपनापन को भी दिखाता है.

सुहाग की दूसरी चीजों का महत्व

सिंधारे में सिंदूर, बिंदी, काजल, कंघी और अन्य श्रृंगार की चीजें भी रखी जाती हैं. इन्हें सुहाग, सौभाग्य और खुशहाल दांपत्य जीवन से जोड़कर देखा जाता है. इसके साथ फल और मिठाइयां भी भेजी जाती हैं, जो बेटी के जीवन में सुख, समृद्धि और मिठास की कामना का संकेत है.

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