Independence Day 2026: लाल किले से PM मोदी का 13वां संबोधन, पहली बार गूंजेगा 'वंदे मातरम्'; जानें इस बार क्या होगा खास
Independence Day 2026 पर PM मोदी 13वीं बार लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करेंगे. पहली बार वंदे मातरम्, युवा शक्ति और विकसित भारत पर रहेगा जोर.
आज देश 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है. दिल्ली का ऐतिहासिक लाल किला एक बार फिर राष्ट्रीय समारोह का केंद्र है. जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे. इस बार का समारोह कई मायनों में खास होने वाला है. स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में पहली बार लाल किले की प्राचीर से 'वंदे मातरम्' का गायन होगा. इसके साथ ही 2026 के समारोह में युवाओं की भागीदारी और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्रमुखता दी जाएगी.
प्रधानमंत्री मोदी 2014 से लगातार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते आ रहे हैं. 2026 का भाषण उनके लगातार 13वें संबोधन के रूप में दर्ज होगा. इससे पहले 2025 में उन्होंने 103 मिनट का अपना अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण दिया था.
15 अगस्त को पहली बार लाल किले पर गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’
इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह की सबसे बड़ी खासियत ‘वंदे मातरम्’ का पहली बार लाल किले के आधिकारिक समारोह में गायन होगी. वर्ष 2026 में इस राष्ट्रीय गीत की रचना से जुड़े 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री के लाल किले पहुंचने के दौरान ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा. इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे.
समारोह में करीब 2,500 NCC कैडेट और MY Bharat स्वयंसेवक ज्ञान पथ पर ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाएंगे. भारतीय वायुसेना का Mi-17 हेलीकॉप्टर 150 वर्ष पूरे होने के अवसर को दर्शाने वाला बैनर लेकर उड़ान भरेगा और कार्यक्रम स्थल पर पुष्पवर्षा करेगा.
'युवा शक्ति' पर रहेगा खास जोर
स्वतंत्रता दिवस 2026 के समारोह में देश के युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से सामने रखा जाएगा. कार्यक्रम की थीम में ‘युवा शक्ति’ और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को प्रमुख स्थान दिया गया है. अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड 2026 में पदक जीतने वाले 19 छात्र भी समारोह में शामिल होंगे. इसके अलावा नवाचार, स्टार्टअप, कृषि, कौशल विकास, विज्ञान, उद्यमिता, स्वच्छता और जनसेवा समेत अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाले करीब 5,000 लोगों को विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है.
2014 से अब तक 12 बार लाल किले से संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 15 अगस्त 2014 को लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया था. इसके बाद 2015 से 2025 तक उन्होंने हर साल लगातार राष्ट्र को संबोधित किया. 15 अगस्त 2025 को उनका संबोधन लगातार 12वां था. अब 2026 में यह संख्या बढ़कर 13 लगातार संबोधन हो जाएगी.
मोदी ने इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा
लगातार स्वतंत्रता दिवस संबोधन के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से आगे निकल चुके हैं. इंदिरा गांधी ने लगातार 11 बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया था. हालांकि, इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी अभी भी जवाहरलाल नेहरू से पीछे हैं. नेहरू ने 1947 से 1963 तक लगातार 17 स्वतंत्रता दिवस संबोधन दिए थे.
2025 में दिया था 103 मिनट का सबसे लंबा भाषण
प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषणों की अवधि भी अलग-अलग रही है. वर्ष 2025 में उन्होंने 103 मिनट का भाषण दिया था, जो उनका अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस संबोधन था. इससे पहले उनका सबसे लंबा भाषण 2024 में करीब 98 मिनट का रहा था. अब देखना होगा कि 2026 में प्रधानमंत्री अपने संबोधन में किन मुद्दों और योजनाओं पर विशेष जोर देते हैं.
‘वंदे मातरम्’ का इतिहास क्या है?
‘वंदे मातरम्’ को भारत के राष्ट्रीय गीत का दर्जा प्राप्त है. इसकी रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी. इसकी रचना का संबंध 1875 से जोड़ा जाता है और बाद में इसे उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ में शामिल किया गया. इस गीत ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 1905 के स्वदेशी आंदोलन के दौरान भी ‘वंदे मातरम्’ लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ. 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में इसे गाया था.
‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ में क्या अंतर है?
भारत का राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ है, जबकि ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रीय गीत है. दोनों का देश के इतिहास और राष्ट्रीय चेतना में अलग-अलग महत्व है. 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ‘वंदे मातरम्’ के स्वतंत्रता आंदोलन में ऐतिहासिक योगदान को देखते हुए इसे ‘जन गण मन’ के समान सम्मान दिए जाने की घोषणा की थी.
15 अगस्त 2026 क्यों है खास?
भारत को 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी. इसलिए 15 अगस्त 2026 को देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा. हालांकि, आजादी के 79 वर्ष पूरे होंगे और स्वतंत्रता के 80वें वर्ष का उत्सव शुरू होगा. इस बार लाल किले का समारोह सिर्फ राष्ट्रीय ध्वज फहराने और प्रधानमंत्री के संबोधन तक सीमित नहीं रहेगा. ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष, युवा शक्ति और विकसित भारत का संकल्प इसे पिछले कई स्वतंत्रता दिवस समारोहों से अलग बनाएगा.
स्वतंत्रता दिवस 2026 में क्या-क्या होगा खास?
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से 13वीं बार लगातार राष्ट्र को संबोधित करेंगे.
- लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन होगा.
- वर्ष 2026 में ‘वंदे मातरम्’ की रचना से जुड़े 150 वर्ष पूरे होने का अवसर मनाया जा रहा है.
- करीब 2,500 NCC कैडेट और MY Bharat स्वयंसेवक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.
- Mi-17 हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी.
- अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड के 19 पदक विजेता छात्र समारोह में शामिल होंगे.
- विभिन्न क्षेत्रों के करीब 5,000 उपलब्धि हासिल करने वाले लोगों को विशेष अतिथि बनाया गया है.
- कार्यक्रम में युवा शक्ति और विकसित भारत@2047 पर विशेष जोर रहेगा.




