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हनुमान जन्मोत्सव आज, जानिए सुख-शांति और सुरक्षा के लिए घर पर हनुमानजी का चित्र लगाने का सही स्थान

Hanuman Jayanti के पावन अवसर पर घर में हनुमानजी का चित्र लगाने का विशेष महत्व माना जाता है। सही दिशा और स्थान पर तस्वीर लगाने से सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सुरक्षा का वातावरण बनता है.

lord hanuman
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( Image Source:  AI SORA )

गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जन्मोत्सव का त्योहार मनाया जा रहा है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी का जन्म चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि पर माता अंजना और वानरराज केसरी के घर में हुआ था. शास्त्रों में वर्णित है कि श्रीराम के परम भक्त हनुमानजी अजर-अमर हैं और प्रत्येक युग में अपने भक्तों की रक्षा हेतु विद्यमान रहते हैं.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी सच्ची भक्ति से जीवन के बड़े से बड़े संकट भी सहज रूप से समाप्त हो जाते हैं और साधक को मानसिक शांति और सुख की अनुभूति होती है. बजरंगबली अल्प पूजन से ही प्रसन्न होकर अपने भक्तों के कष्टों का निवारण करते हैं. वास्तु शास्त्र में भी हनुमानजी की उपस्थिति को अत्यंत शुभ माना गया है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है.

घर में हनुमान जी का चित्र लगाने का महत्व

वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिस घर में हनुमानजी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित होती है, वहां नकारात्मक शक्तियां, भूत-प्रेत या पिशाच का प्रभाव नहीं रहता. यह स्थान सदैव पवित्र और ऊर्जावान बना रहता है. साथ ही, मंगल, शनि और पितृ दोषों से राहत पाने के लिए भी हनुमानजी की आराधना विशेष फलदायी मानी गई है.

राम दरबार में विराजमान हनुमान जी का चित्र

ड्राइंग रूम में यदि हनुमानजी का ऐसा चित्र लगाया जाए जिसमें वे श्रीराम के चरणों में बैठे हों या राम दरबार में उपस्थित हों, तो यह परिवार में प्रेम, विश्वास और एकता को सुदृढ़ करता है. इससे घर के वातावरण में धार्मिकता और सद्भाव का विस्तार होता है.

भक्ति भाव दर्शाने वाले चित्र का प्रभाव

हनुमानजी का वह स्वरूप जिसमें वे श्रीराम की आराधना या भजन-कीर्तन करते दिखाई देते हैं, घर में आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है. ऐसे चित्र से परिवार के सदस्यों के मन में श्रद्धा और भक्ति की भावना जागृत रहती है और आपसी विश्वास भी मजबूत होता है.

साहस और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला स्वरूप

यदि घर के सदस्यों में आत्मविश्वास या साहस की कमी हो, तो पर्वत उठाए हुए हनुमानजी का चित्र लगाना लाभकारी माना जाता है. यह स्वरूप शक्ति, संकल्प और निर्भीकता का प्रतीक है, जो जीवन की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देता है.

उड़ते हुए हनुमान जी का चित्र और ऊर्जा

आकाश में उड़ते हुए हनुमानजी का चित्र जीवन में उत्साह, प्रगति और सफलता का संकेत माना जाता है. यह स्वरूप व्यक्ति को निरंतर आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य की ओर सक्रिय रहने की प्रेरणा देता है.

दिशा अनुसार चित्र लगाने के नियम

वास्तु के अनुसार, घर की दक्षिण दिशा में लाल रंग की बैठी मुद्रा में हनुमानजी का चित्र लगाना विशेष लाभकारी होता है. यह दिशा से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा को रोकता है और घर में सुख-शांति बनाए रखने में सहायक होता है. वहीं मुख्य द्वार पर पंचमुखी हनुमानजी की प्रतिमा या चित्र लगाने से बाहरी नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश रुक जाता है.

किन स्थानों पर न लगाएं हनुमान जी का चित्र

हनुमानजी बाल ब्रह्मचारी हैं, इसलिए उनकी प्रतिमा या चित्र को शयन कक्ष में लगाना उचित नहीं माना जाता. इसके अतिरिक्त, सीढ़ियों के नीचे, रसोईघर या किसी भी अपवित्र स्थान पर उनका चित्र लगाने से बचना चाहिए. घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और हनुमानाष्टक का नियमित पाठ करना भी शुभ फलदायी होता है.

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