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Astro Tips:सूर्य से लेकर राहु तक, कुंडली में कमजोर ग्रहों को मजबूत करने के 9 कारगर उपाय और शक्तिशाली मंत्र

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में मौजूद ग्रह व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं. अगर इनमें से कोई ग्रह कमजोर हो जाए, तो करियर, स्वास्थ्य, रिश्तों और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है. ऐसे में ज्योतिष में कुछ खास उपाय और शक्तिशाली मंत्र बताए गए हैं.

Astro Tips:सूर्य से लेकर राहु तक, कुंडली में कमजोर ग्रहों को मजबूत करने के 9 कारगर उपाय और शक्तिशाली मंत्र
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( Image Source:  AI SORA )
State Mirror Astro
By: State Mirror Astro3 Mins Read

Updated on: 6 March 2026 6:30 AM IST

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों का प्रभाव हर एक व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है. किसी भी व्यक्ति के जीवन पर ग्रहों के शुभ-अशुभ स्थिति का विशेष प्रभाव रहता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति शुभ और अच्छी रहती है तो उस व्यक्ति के जीवन में सुख-सुविधाओं की कोई भी कमी नहीं रहती है. वहीं अगर कुडली में ग्रहों की स्थिति कमजोर रहती है तो व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ज्योतिष में 9 ग्रहों की चाल और स्थिति का विशेष और सीधा प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है.

अगर कुंडली में ग्रह मजबूत रहते हैं तो इसका सीधा प्रभाव जातकों मिलता है. ज्योतिष में कुंडली में मौजूद ग्रहों को मजबूत बनाने के लिए कई उपाय होते हैं जिनको अपनाने से ग्रह मजबूत होते हैं. इनमें सबसे अच्छा और प्रमुख उपाय ग्रहों से जुड़े मंत्रों का जाप होता है. आइए जानते हैं सभी 9 ग्रहों से जुड़े मंत्र और इनके लाभ.

सूर्य को मजबूत करने का मंत्र

सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान और सफलता का प्रतीक माना जाता है. मजबूत सूर्य से व्यक्ति को सरकारी क्षेत्र, करियर और समाज में प्रतिष्ठा मिलती है. वहीं अगर कुंडली में सूर्य कमजोर होता है व्यक्ति के मान-सम्मान में गिरावट देखने को मिलती है.

मंत्र:

ॐ ह्रां हीं ह्रौं सः सूर्याय नमः

चंद्रमा को मजबूत कैसे करें?

चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक शांति का कारक होता है. कमजोर चंद्रमा से तनाव और बेचैनी बढ़ती है.

मंत्र:

ॐ श्रीं श्रीं श्रीं चन्द्राय नमः

मंगल

मंगल साहस, ऊर्जा और पराक्रम का प्रतीक है. कमजोर मंगल से आत्मविश्वास में कमी आती है.

मंत्र: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः

बुध

बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार का ग्रह माना जाता है. मजबूत बुध से शिक्षा और करियर में लाभ होता है.

मंत्र: ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः

बृहस्पति के लिए मंत्र

बृहस्पति ज्ञान, धन और धर्म का कारक ग्रह है. इसके मजबूत होने से जीवन में स्थिरता आती है.

मंत्र:

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः गुरवे नमः

शुक्र

शुक्र प्रेम, सुंदरता और भौतिक सुखों का ग्रह है. मजबूत शुक्र से जीवन में ऐश्वर्य आता है.

मंत्र:

ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः

शनि को मजबूत करने का मंत्र

शनि कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है. कमजोर शनि से जीवन में संघर्ष बढ़ता है.

मंत्र:

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

राहु के लिए मंत्र

राहु अचानक घटनाओं और भ्रम का कारक होता है. कमजोर राहु से तनाव और अस्थिरता बढ़ती है.

मंत्र:

ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः

केतु को मजबूत करने का मंत्र

केतु वैराग्य, आध्यात्म और अचानक बदलाव का प्रतीक है. कमजोर केतु से जीवन में असमंजस रहता है.

मंत्र:

ॐ खां खीं खौं सः केतवे नमः

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