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जुलाई महीने में देवशयनी एकादशी के साथ शुरू होंगे चातुर्मास और सावन, देखें व्रत-त्योहार की लिस्ट

जुलाई का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है. इस महीने देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत होगी, वहीं सावन का पवित्र महीना भी आरंभ होगा. ऐसे में व्रत, त्योहार और धार्मिक अनुष्ठानों की भरमार रहेगी.

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कब से शुरू होगा चातुर्मास

( Image Source:  chatgpt )
State Mirror Astro
By: State Mirror Astro4 Mins Read

Updated on: 30 Jun 2026 6:00 AM IST

जुलाई 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है. इस महीने में कई प्रमुख व्रत और पर्व मनाए जाएंगे, जिनका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार जुलाई की शुरुआत 1 जुलाई से होगी, जबकि हिंदू पंचांग के अनुसार यह समय आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष का रहेगा. इस पूरे महीने में योगिनी एकादशी, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, देवशयनी एकादशी, गुरु पूर्णिमा जैसे बड़े पर्व आएंगे.

साथ ही देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का शुभारंभ होगा और महीने के अंत में भगवान शिव का प्रिय सावन मास भी आरंभ हो जाएगा. आइए जानते हैं जुलाई 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार और उनका महत्व.

योगिनी एकादशी कब है?

आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से पापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है.

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कब से शुरू होगी?

हिंदू धर्म में वर्षभर में चार नवरात्रियां मनाई जाती हैं. इनमें आषाढ़ और माघ मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है. यह साधना, तंत्र और देवी के दस महाविद्याओं की उपासना के लिए विशेष मानी जाती है. बाकी दो चैत्र और शारदीय नवरात्रि होती है जो गृहस्थ करते हैं. इस वर्ष गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक रहेगी.

कब निकलेगी जगन्नाथ रथयात्रा?

विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा इस वर्ष 16 जुलाई 2026 को निकाली जाएगी. आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के दिन आयोजित होने वाली यह रथयात्रा ओडिशा के पुरी में विशेष रूप से होती है, लेकिन देश के कई शहरों में भी श्रद्धापूर्वक इसका आयोजन किया जाता है.

देवशयनी एकादशी कब है?

25 जुलाई 2026 को देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन से भगवान विष्णु क्षीरसागर में चार महीने की योगनिद्रा में चले जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ होता है. देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है.

चातुर्मास का धार्मिक महत्व

देवशयनी एकादशी से शुरू होकर देवउठनी एकादशी तक का चार महीने का समय चातुर्मास कहलाता है. इसमें आषाढ़ शुक्ल एकादशी से लेकर श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक मास का प्रमुख भाग शामिल होता है. मान्यता है कि इस अवधि में भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं. इसलिए विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य सामान्यतः नहीं किए जाते. वहीं, जप, तप, व्रत, कथा-श्रवण, दान और भगवान की भक्ति का विशेष महत्व माना जाता है.

सावन मास कब से शुरू होगा?

भगवान शिव को समर्पित पवित्र सावन मास इस वर्ष 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक रहेगा. इस बार सावन में चार सावन सोमवार पड़ेंगे. शिव भक्त पूरे महीने व्रत, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और शिव पूजा करके भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे.

जुलाई 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार की सूची

3 जुलाई — संकष्टी चतुर्थी

6 जुलाई — कालाष्टमी

10 जुलाई — योगिनी एकादशी

12 जुलाई — प्रदोष व्रत

14 जुलाई — आषाढ़ अमावस्या

15 जुलाई — आषाढ़ गुप्त नवरात्रि प्रारंभ

16 जुलाई — भगवान जगन्नाथ रथयात्रा

17 जुलाई — विनायक चतुर्थी

22 जुलाई — भड़ली नवमी

25 जुलाई — देवशयनी एकादशी एवं चातुर्मास का आरंभ

26 जुलाई — प्रदोष व्रत

28 जुलाई — कोकिला व्रत

29 जुलाई — गुरु पूर्णिमा

30 जुलाई — सावन मास का शुभारंभ

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