Calendar 2026: अधिक मास का साल और रक्षाबंधन-होली पर रहेगा चंद्रग्रहण का साया, हिंदू पंचांग से जानिए नववर्ष 2026 की बड़ी बातें
नया साल 2026 धर्म और ज्योतिष के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है. साल 2026 में अधिकमास रहेगा, जिससे 12 की जगह 13 महीने, 13 अमावस्या और 13 पूर्णिमा होंगी. शनि पूरे साल मीन राशि में रहेंगे, जबकि गुरु अतिचारी होकर दो बार राशि परिवर्तन करेंगे. होली और रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण का संयोग बनेगा. नव संवत 2083 की शुरुआत, दीपावली का पंच दीपोत्सव और सालभर पड़ने वाले चार ग्रहण—हिंदू पंचांग के अनुसार 2026 की 10 बड़ी ज्योतिषीय और धार्मिक घटनाएं यहां जानिए.
नया साल 2026 आरंभ हो चुका है और देश-दुनिया में इसका जश्न जारी है. सभी को नए साल के आने का इंतजार रहता है क्योंकि हर किसी के लिए नया साल कुछ न कुछ जरूर लेकर आता है. साल 2026 धर्म और ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से बहुत अहम घटनाएं घटित होंगी. साल 2026 में गुरु, शनि और राहु-केतु की आकाशमंडल में विशेष स्थितियां रहेंगी. साल 2026 में पूरे समय शनि जो कि न्याय के देवता माने जाते हैं वह मीन राशि में रहेंगे, गुरु अतिचारी होकर दो बार राशि बदलेंगे. इस साल अधिकमास रहेगा, जिसके कारण 12 की जगह 13 पूर्णिमा रहेंगे. होली पर ग्रहण का साया रहेगा. ऐसे में आइए जानते हैं ज्योतिष और धर्म शास्त्रों के नजरिए से साल 2026 की 10 खात बातें.
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साल 2026 में शनि ग्रह का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को बहुत ही अहम और प्रभावशाली ग्रह माना जाता है. शनि ग्रह सभी 9 ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह होते हैं. यह एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं. जिसके कारण सभी 12 राशियों का एक चक्र पूरा करने में इनको लगभग 30 वर्षों का समय लगता है. शनि की द्दष्टि को अशुभ माना जाता है जिससे कारण जातकों के जीवन में परेशानियां आती हैं. साल 2026 में शनि पूरे साल गुरु के स्वामित्व वाली राशि मीन में रहेंगे. ऐसे में मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण, कुंभ राशि पर अंतिम चरण और मेष राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण रहेगा. इसके अलावा साल 2026 में सिंह और धनु राशि के लोगों पर शनि की ढैय्या चलेगी. शनि अभी मीन राशि में मार्गी हैं और 27 जुलाई से लेकर 11 दिसंबर 2026 तक ये मीन राशि में वक्री रहेंगे.
साल 2026 में अतिचारी गुरु 2 बार बदलेंगे राशि
ज्योतिष में गुरु को सबसे बड़ा और शुभ ग्रह माना गया है. देवगुरु साल 2026 में दो बार राशि बदलेंगे. साल 2026 के शुरुआत में गुरु मिथुन राशि में गोचर रहेंगे. फिर 2 जून 2026 को ये अपनी उच्च राशि कर्क में आ प्रवेश कर जाएंगे. इसके बाद 01 नवंबर को गुरु कर्क राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए सूर्य की राशि सिंह में प्रवेश करेंगे. गुरु के अतिचारी होने के वजह से साल 2026 में दो बार राशि परिवर्तन करेंगे.
साल 2026 में अधिकमास
साल 2026 में अधिकमास रहेगा. यह अधिकमास ज्येष्ठ माह में रहेगा. ज्येष्ठ अधिकमास 17 मई से शुरू होगा और यह 15 जून तक चलेगा. फिर ज्येष्ठ माह का शुक्ल पक्ष शुरू होगा जो 29 जून तक चलेगा. इस साल अधिकमास होने से हिंदू कैलेंडर के अनुसार विक्रम संवत 2083 बारह महीनों के बजाय 13 महीनों का होगा. जिससे कारण साल भर में 12 पूर्णिमा के बजाय 13 पूर्णिमाएं रहेंगी. हिंदू धर्म में अधिकमास का विशेष महत्व होता है. इसमें भगवान विष्णु की विशेष रूप से पूजा होती है.
साल 2026 में होली पर चंद्रग्रहण का साया
03 मार्च 2026 को होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण का साया रहेगा. इस चंद्र ग्रहण को भारत में देखा जा सकेगा. जिसके कारण सूतक काल मान्य रहेगा. भारतीय समय के अनुसार चंद्र ग्रहण दोपहर 03 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा जिसकी सामाप्ति शाम 6 बजकर 47 मिनट पर होगी. यह चंद्र ग्रहण लगभग 3 घंटा 27 मिनट तक चलेगा. चंद्र ग्रहण लगने 9 घंटे पहले सूतक शुरू हो जाएगा. सूतक काल में किसी भी तरह का शुभ कार्य और पूजा करना वर्जित माना जाता है.
रक्षाबंधन पर साल का दूसरा चंद्र ग्रहण
हिंदू धर्म में रक्षाबंधन एक प्रमुख त्योहार होता है. साल 2026 में रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा. रक्षाबंधन पर साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण होगा. लेकिन यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा जिससे कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. इसके अलावा 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर भद्रा साया नहीं रहेगा क्योंकि इस दिन भद्रा सूर्योदय से पहले ही खत्म हो जाएगी. जिसके कारण पूरे दिन रक्षाबंधन मनाना शुभ होगा.
6 दिसंबर से पंच दीपोत्सव पर्व दीपावली
हिंदू धर्म में दीपावली साल का सबसे बड़ा त्योहार होता है. इसमें धन की देवी मां लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा होती है. साल 2026 में दीपोत्सव की शुरुआत 6 नवंबर से होगी. पंच दीपोत्सव के पहले दिन यानी 6 नवंबर को धनतेरस , 7 नवंबर को रूप चौदस, 8 नवंबर को दीपावली, 09 नवंबर को गोवर्धन पूजा, 10 कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा और 11 नवंबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा.
नव संवत 2083 19 मार्च से होगा शुरू
नया हिंदू कैलेंडर 19 मार्च 2026 से शुरू होगा. इस दिन से नया विक्रम संवत 2083 शुरू हो जाएगा. 19 मार्च 2026 को गुड़ी पड़वा है और इस दिन से चैत्र नवरात्रि शुरू हो जाएगा 27 मार्च को रामनवमी रहेगी.
साल 2026 में रहेंगी 13-13 अमावस्या और पूर्णिमा
साल 2026 में अधिकमास होने के कारण हिंदू कैलेंडर में साल 12 महीने के बजाय 13 महीने होंगे. जिससे चलते साल 2026 में 13 अमावस्या और 13 पूर्णिमा रहेंगी. इसके अलावा एकादशी 24 के बजाय साल में 26 होंगी.
साल 2026 में होंगे 4 ग्रहण
साल 2026 में कुल मिलाकर 4 ग्रहण पड़ेंगे. सबसे पहले 17 फरवरी को आंशिक सूर्य ग्रहण, 3 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण, 12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण और 28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण होगा.
साल 2026 के बड़े त्योहार
- 15 फरवरी 2026- महाशिवरात्रि
- 04 मार्च 2026- होली
- 19 मार्च 2026-चैत्र नवरात्रि
- 19 अप्रैल 2026-अक्षय तृतीया
- 17 अगस्त 2026-नाग पंचमी
- 28 अगस्त 2026-रक्षा बंधन
- 04 सितंब र2026-जन्माष्टमी
- 14 सितंबर 2026-गणेश चतुर्थी
- 11 अक्टूबर 2026-शरद नवरात्रि
- 20 अक्टूबर 2026-दशहरा
- 29 अक्टूबर 2026-करवा चौथ
- 06 नवंबर 2026-धनतेरस
- 08 नवंब र2026-दिवाली
- 15 नवंबर 2026-छठ पूजा





