क्या होता है 'पांता भात' जिसका बंगाल इलेक्शन के दौरान ममता बनर्जी ने किया जिक्र, जानें कैसे बनती है ये डिश
बंगाल चुनाव के बीच अचानक ‘पांता भात’ नाम की देसी डिश चर्चा में आ गई, जब ममता बनर्जी ने वोटिंग के दौरान इसका चीज का नाम लिया. रातभर पानी में भिगोए गए चावल से बनने वाला यह ट्रेडिशनल खाना गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए काफी फेमस है.
क्या होता है पांता भात
पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल के बीच इन दिनों एक साधारण सा देसी खाना अचानक सोशल मीडिया पर छा गया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वोटिंग के दौरान लोगों से अपील करते हुए 'पांता भात' का जिक्र किया, जिसके बाद हर तरफ इस बंगाली डिश की चर्चा शुरू हो गई.
दरअसल, पांता भात सिर्फ एक डिश नहीं बल्कि बंगाल की पुरानी खानपान संस्कृति का हिस्सा है. रातभर पानी में भिगोकर रखे गए चावल से बनने वाली यह डिश गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने में मदद करती है. इसे नमक, प्याज, हरी मिर्च और सरसों के तेल के साथ खाया जाता है.
आखिर क्या होता है पांता भात?
पांता भात बंगाल का बेहद पुराना और पारंपरिक खाना है. इसे बनाने के लिए बचे हुए पके चावल को रातभर पानी में भिगोकर रखा जाता है और अगली सुबह खाया जाता है. सुनने में यह साधारण लग सकता है, लेकिन गर्मियों में इसे बेहद फायदेमंद माना जाता है. यह डिश खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में सालों से खाई जाती रही है. पहले के समय में जब फ्रिज जैसी सुविधाएं नहीं थीं, तब लोग बचे हुए चावल को खराब होने से बचाने के लिए पानी में डुबोकर रख देते थे. रातभर में इसमें हल्का फर्मेंटेशन हो जाता था, जिससे इसका स्वाद और गुण दोनों बढ़ जाते थे.
कैसे बनता है पांता भात?
- पांता भात बनाना बहुत आसान है और इसके लिए ज्यादा चीजों की जरूरत भी नहीं पड़ती. इसे बनाने के लिए बस आपको पके हुए चावल, पानी, नमक, हरी मिर्च, प्याज, सरसों का तेल चाहिए होता है.
- सबसे पहले बचे हुए चावल को किसी बर्तन या मिट्टी के बर्तन में डाल दें.
- अब उसमें इतना पानी डालें कि चावल पूरी तरह डूब जाएं.
- इसे ढककर पूरी रात कमरे के तापमान पर छोड़ दें.
- सुबह इसमें स्वादानुसार नमक डालें और ऊपर से कटा प्याज, हरी मिर्च और थोड़ा सा सरसों का तेल मिलाएं.
- बंगाल में लोग इसे आलू भर्ता, तली हुई मछली, अचार या पकौड़ों के साथ खाना पसंद करते हैं.
गर्मी में क्यों फायदेमंद माना जाता है?
पांता भात सिर्फ पेट भरने वाला खाना नहीं है, बल्कि गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने का भी काम करता है. रातभर पानी में भीगे रहने और हल्के फर्मेंटेशन की वजह से इसमें अच्छे बैक्टीरिया बनते हैं, जो पाचन के लिए फायदेमंद माने जाते हैं.
- शरीर को ठंडक पहुंचाता है
- डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है
- पेट को हल्का और ठंडा रखता है
- पाचन बेहतर करने में मददगार
- गर्मी और लू के असर को कम करने में सहायक
- ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले लोग सुबह इसे खाना पसंद करते हैं, क्योंकि यह लंबे समय तक शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है.




