मत दीजिए अवार्ड! जब शेफ Sanjeev Kapoor ने पद्म श्री के लिए राष्ट्रपति प्रोटोकॉल को दी चुनौती
पद्म श्री सम्मान के दौरान संजीव कपूर ने शेफ यूनिफॉर्म पहनने की जिद कर एक अलग मिसाल पेश की. उनका यह फैसला सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे शेफ समुदाय के सम्मान से जुड़ा था.
शेफ संजीव कपूर (Sanjeev Kapoor) भारत के बहुत प्रसिद्ध और लोकप्रिय शेफों में से एक हैं. उन्होंने भारतीय खाने की दुनिया में कई सालों तक मेहनत की है और उनके पास अनगिनत एक्सपीरियंस और इंट्रेस्टिंग कहानियां हैं. अप्रैल 2017 में उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस खास मौके को उन्होंने अपनी 'कहानी खजाना' नाम की वीडियो सीरीज में बहुत सुंदर तरीके से याद किया. पद्म श्री मिलना उनके लिए बहुत गर्व की बात थी, लेकिन साथ ही एक छोटी सी चुनौती भी थी.
वे इवेंट में अपनी शेफ वाली यूनिफॉर्म पहनकर जाना चाहते थे, क्योंकि यही उनकी असली पहचान थी. लेकिन शुरू में उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिल रही थी. शेफ संजीव कपूर ने वर्दी के बारे में बहुत गर्व से बताया, 'जब मैं होटल में शेफ के रूप में काम करता था, तो हर रोज़ मैं पूरी शेफ की यूनिफॉर्म पहनकर ही ड्यूटी पर जाता था. यह मेरे लिए सिर्फ कपड़े नहीं, बल्कि गर्व और सम्मान का प्रतीक है. शायद यही वजह है कि आज शेफ लोग इतने ऊंचे मुकाम तक पहुंच पाए हैं.'
उन्होंने टीवी पर शेफ की छवि में आए बदलाव के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा, 'जब मैंने टीवी पर काम शुरू किया था, तब मेरी शेफ वाली टोपी फ्रेम से गायब कर दी गई. धीरे-धीरे प्रोड्यूसर्स मुझे और भी साधारण और इनफॉर्मल दिखाने के लिए कहने लगे. उन्होंने सुझाव दिया कि टोपी की जगह मैं सामान्य शर्ट पहन लूं. पद्म श्री पुरस्कार लेने के लिए जब उन्हें राष्ट्रपति भवन बुलाया गया, तो उन्हें बताया गया कि उन्हें भारतीय राष्ट्रीय पोशाक पहननी होगी. शेफ की वर्दी की बजाय इनफॉर्मल भारतीय कपड़े पहनने का प्रोटोकॉल बताया गया. लेकिन शेफ संजीव कपूर अपने पेशे की इज्जत और गरिमा के लिए बहुत दृढ़ थे. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे केवल अपनी शेफ की वर्दी में ही अवार्ड सेरेमनी में शामिल होंगे.
उन्होंने यह भी कह दिया, 'अगर आप मुझे शेफ की वर्दी में पद्म श्री अवार्ड नहीं देना चाहते, तो बिल्कुल मत दीजिए. मैं वर्दी के बिना नहीं आऊंगा.' आखिरकार, सब कुछ अच्छे से सुलझ गया. शेफ संजीव कपूर ने मुस्कुराते हुए याद किया, 'मैं राष्ट्रपति भवन पहुंचा और बिना किसी बहस या परेशानी के, मुझे अपनी शेफ की वर्दी में ही पद्म श्री पुरस्कार मिल गया.' इस फैसले के पीछे का गहरा भाव उन्होंने बहुत सुंदर शब्दों में बताया.
उन्होंने कहा, 'मुझे जो पद्म श्री मिला है, वो सिर्फ मेरे व्यक्तिगत सम्मान के लिए नहीं है. यह अवार्ड पूरे शेफ कम्युनिटी के लिए है. यह उन सभी शेफों के सम्मान का प्रतीक है जो रोज़ मेहनत करते हैं.' भारतीय व्यंजनों को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने और बढ़ावा देने में उनके अनमोल योगदान के लिए सरकार ने उन्हें 'भारत के बेस्ट शेफ' का नेशनल अवार्ड भी दिया है.




