हीटस्ट्रोक, किडनी फेल और दूध में कमी, 48-50 डिग्री पारा इंसानों ही नहीं जानवरों के लिए भी बहुत खतरनाक
देश में बढ़ती गर्मी अब इंसानों के साथ जानवरों के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है. 48-50 डिग्री तापमान हीटस्ट्रोक, किडनी फेल और शरीर में पानी की कमी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है, वहीं पशुओं में दूध उत्पादन भी तेजी से घटने लगता है.
48-50 डिग्री तापमान का इंसान-जानवरों पर असर
देश के कई हिस्सों में गर्मी लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंचती जा रही है. कई राज्यों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है, जबकि कुछ इलाकों में पारा 48 से 50 डिग्री तक पहुंचने का खतरा बना हुआ है. इतनी तेज गर्मी सिर्फ पसीना ही नहीं लाती, बल्कि इंसानों और जानवरों दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है.
डॉक्टरों और मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इतनी ज्यादा गर्मी शरीर की सामान्य ठंडक बनाए रखने वाली क्षमता को कमजोर कर देती है. इससे शरीर में पानी की भारी कमी, अंगों पर दबाव और हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. वहीं, जानवरों में इसके कारण दूध का प्रोडक्शन कम हो सकता है.
इंसानों पर 48-50 डिग्री तापमान का असर
image credit-@chatgpt
अगर पारा 48 से 50 डिग्री पहुंच गया, तो इसके कारण इंसानों को कई तरह की गंभीर परेशानियां होने लगेंगी.
1. हीटस्ट्रोक का खतरा
जब तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता. इससे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है. व्यक्ति को चक्कर आना, उलझन, बेहोशी और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है. समय पर इलाज न मिले तो जान भी जा सकती है.
2. शरीर में पानी की भारी कमी
तेज गर्मी में लगातार पसीना निकलता है, जिससे शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होने लगती है. इससे कमजोरी, लो ब्लड प्रेशर और दिल पर दबाव बढ़ सकता है.
3. किडनी और मांसपेशियों को नुकसान
अत्यधिक गर्मी शरीर की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकती है. इससे किडनी पर बुरा असर पड़ता है और कई मामलों में किडनी फेल होने का खतरा भी बढ़ जाता है.
4. त्वचा पर जलन और सनबर्न
48-50 डिग्री तापमान में लंबे समय तक धूप में रहने से त्वचा झुलस सकती है. तेज धूप स्किन बर्न और एलर्जी जैसी समस्याएं भी बढ़ा सकती है.
जानवरों पर गर्मी का असर
image credit-@chatgpt
1. शरीर का तापमान तेजी से बढ़ना
कुत्ते, गाय, भैंस और दूसरे जानवर इंसानों की तरह पसीना नहीं निकाल पाते. इसलिए उनका शरीर जल्दी गर्म हो जाता है और उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगती है.
2. दिमाग और नसों पर असर
अत्यधिक गर्मी से जानवरों के दिमाग पर असर पड़ सकता है. कई बार वे लड़खड़ाने लगते हैं, कमजोर पड़ जाते हैं और बेहोश भी हो सकते हैं.
3. दूध उत्पादन में कमी
भीषण गर्मी का असर पशुओं के दूध उत्पादन पर भी पड़ता है. गाय और भैंस कम दूध देने लगती हैं, जिससे पशुपालकों को नुकसान उठाना पड़ता है.
कैसे करें बचाव?
- दोपहर में धूप में निकलने से बचें.
- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं.
- हल्के और सूती कपड़े पहनें.
- बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें.
- जानवरों को छांव और ठंडा पानी दें.
- घर में पालतू जानवरों को ठंडी जगह पर रखें.
देश में बढ़ती गर्मी अब सिर्फ मौसम की परेशानी नहीं रही, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है. 48-50 डिग्री तापमान इंसानों और जानवरों दोनों के शरीर पर गंभीर असर डाल सकता है. ऐसे में सावधानी और बचाव ही सबसे जरूरी है.




