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ये हैं वे Top 6 जानवर जो करते हैं मौसम की भविष्यवाणी, जानिए कितने प्रतिशत होती है सच

जानवर अक्सर बारिश या तूफान आने से पहले अपने व्यवहार में बदलाव दिखाते हैं. मेंढक, पक्षी, गाय और अन्य जानवर पर्यावरणीय संकेतों के आधार पर प्रतिक्रिया करते हैं.

ये हैं वे Top 6 जानवर जो करते हैं मौसम की भविष्यवाणी,  जानिए कितने प्रतिशत होती है सच
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( Image Source:  meta ai )

सदियों से लोग प्राकृतिक परिवेश और जानवरों के व्यवहार को देखकर मौसम के बदलाव का अनुमान लगाते रहे हैं. आधुनिक युग में जब उपग्रह, राडार और मौसम मॉडल मौजूद हैं, उससे पहले लोग जानवरों पर भरोसा करते थे. कई बार ये भविष्यवाणियां वैज्ञानिक प्रमाणों से समर्थित नहीं होतीं, लेकिन जानवरों के व्यवहार में जैविक और पर्यावरणीय संवेदनशीलता और जीवित रहने के लिए जरूरी संकेत छिपे होते हैं.

जानवर अक्सर वातावरण में बदलाव का सूक्ष्म अनुभव करते हैं. उनकी प्रतिक्रिया हमें बारिश, तूफान या आंधी के आने की चेतावनी देती है. आइए जानते हैं वे कौन-कौन से जानवर हैं जिनकी गतिविधियों पर देखकर मौसम के बदलाव का अनुमान लगाया जा सकता है.

तूफान के संकेत देने वाले 6 जानवर कौन?

1. मेंढक: बारिश के प्राकृतिक अलार्म?

मेंढक सदियों से बारिश के संकेतक माने जाते हैं. कई क्षेत्रों में बारिश से पहले उनका 'क्वाक' तेज और लगातार होने लगता है.

क्यों होता है ऐसा?

मेंढक वायुमंडलीय दबाव और बढ़ती आर्द्रता का अनुभव करते हैं. बारिश से पहले नमी बढ़ती है, जो प्रजनन के लिए भी अनुकूल होती है, इसलिए उनकी आवाज़ अधिक जोर से सुनाई देती है.

2.पक्षी: आकाश का चेतावनी तंत्र?

कृषि समुदायों में पक्षियों के व्यवहार से मौसम की भविष्यवाणी की जाती रही है.

कैसे पता चलता है?

यदि 'स्वालोज़' नीची उड़ान भर रहे हों, तो बारिश आने वाली है क्योंकि कीड़े नीचे आते हैं.

अचानक चुप्पी या अराजक उड़ान, आने वाले तूफान का संकेत हो सकता है.

पक्षी वायुमंडलीय दबाव और हवा की दिशा के प्रति संवेदनशील होते हैं, जो मौसम बदलने का प्राकृतिक संकेत देते हैं.

3. बिल्लियां: तूफान की चुपचाप सेंसर?

बिल्लियां बारिश या तूफान आने से पहले बेचैन, चिपकू या छुपने लगती हैं.

क्यों होता है ऐसा?

उनकी मूंछें वायु दबाव में सूक्ष्म बदलाव महसूस कर सकती हैं. बिल्लियाँ वातावरण में स्थैतिक बिजली के प्रति भी बेहद संवेदनशील होती हैं, जो तूफान से पहले बढ़ जाती है.

4 .गाय: बारिश से पहले विश्राम?

पुरानी मान्यता है कि बारिश से पहले गाय जमीन पर लेट जाती हैं.

क्यों होता है ऐसा?

बढ़ती नमी और ठंडा वायुमंडलीय दबाव घास को गीला कर देता है. गाय गर्म और सूखे स्थान की रक्षा के लिए लेट जाती हैं. बढ़ती आर्द्रता में उनकी सक्रियता भी कम हो जाती है.

5. चींटियां: जमीन पर मौसम पूर्वानुमानकर्ता?

बारिश या तूफान से पहले चींटियाँ अपने मँड़ को मजबूत करती हैं और बड़ी संख्या में दिखाई देती हैं.

क्यों होता है ऐसा?

चींटियाँ वायुमंडलीय दबाव में गिरावट महसूस करती हैं और अपने छत्ते को पानी से बचाने के लिए सुधार करती हैं. अचानक घर के अंदर चींटियों का आना बारिश के आगमन का संकेत हो सकता है.

5. शार्क: दबाव के बदलाव की संवेदनशीलता?

महासागर में शार्क बड़ी आंधी या तूफान से पहले गहरे पानी में चली जाती हैं.

क्यों होता है ऐसा?

शार्क के पास 'एम्पुले ऑफ़ लोरेन्जिनी' नामक संवेदनशील अंग होते हैं, जो पानी में छोटे दबाव और विद्युत परिवर्तन महसूस कर सकते हैं. इससे वे खतरनाक परिस्थितियों से बच सकती हैं.

6. मधुमक्खियां: मौसम से जुड़ा खाना खोजने का व्यवहार?

मधुमक्खियां सूरज और बारिश का प्राकृतिक संकेतक मानी जाती हैं.

क्यों होता है ऐसा?

मधुमक्खियाँ नमी और नेविगेशन की क्षमता के अनुसार भोजन खोजती हैं. बारिश या तेज हवा में उनका उड़ान व्यवहार बदल जाता है, जिससे भविष्यवाणी की जा सकती है.

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