मार्च क्या-क्या दिखाएगा? पहले पड़ी मई जैसी गर्मी और अब कोहरे की हुई वापसी, 6 साल बाद हुआ ऐसा
दिल्ली-NCR में अचानक मौसम बदलने से मार्च का सबसे ठंडा दिन दर्ज हुआ. बारिश, कोहरा और तेज हवाओं ने गर्मी से राहत दी, साथ ही हवा भी साफ हो गई.
फरवरी के अंत से मार्च की शुरुआत तक में मई जैसी गर्मी का माहौल रहा. देशभर में लोग शुरूआती गर्मी से ही परेशान रहने लगे. लेकिन अचानक मौसम ने करवट बदलकर ठंड के मौसम को वापस ला दिया है. उससे भी ज्यादा बदलाव शनिवार की सुबह देखने को मिला जब तड़के लोगों को कोहरे का सामने करना पड़ा. दिल्ली-एनसीआर के आस-पास के इलाकों में बारिश 6 सालों में मार्च का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया है. सुबह 7:20 तक सफरदरगंज के एरिया में में तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार के लिए दिल्ली-एनसीआर में कोई खास मौसम चेतावनी नहीं जारी की थी. लेकिन शुक्रवार को उन्होंने बारिश और गरज-चमक के साथ येलो अलर्ट जारी किया था. एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से यह सब हुआ. यह विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान से मध्य प्रदेश तक फैला हुआ था. इसके साथ ही हरियाणा और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती सिस्टम भी बना हुआ था. इन दोनों चीजों ने मिलकर तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ भारी बारिश करवाई.
छह सालों सबसे ठंडा दिन
इस बारिश ने दिल्ली में बढ़ती गर्मी से बड़ी राहत दी. शुक्रवार को दिल्ली में मार्च का पिछले छह सालों में सबसे ठंडा दिन रहा. साथ ही, लगभग पांच महीने बाद शहर की हवा बहुत साफ हो गई. वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 93 पर पहुंच गया, जो 'संतोषजनक' कैटेगरी में आता है. इससे पहले इतनी अच्छी हवा 9 अक्टूबर 2025 को थी, जब AQI 99 था. बारिश ने धूल-मिट्टी और प्रदूषण को धोकर साफ कर दिया, इसलिए हवा इतनी अच्छी हो गई.
क्या इस बार हुई है सबसे ज्यादा बारिश?
इस महीने में अब तक जितनी बारिश हुई है, वह पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा है. पहले इस महीने में सबसे ज्यादा बारिश 2023 में हुई थी, जब कुल 50.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी. इस बार बारिश ने उस रिकॉर्ड को भी पार कर लिया है या बहुत करीब पहुंच गई है. मौसम में यह अचानक बदलाव बुधवार शाम से शुरू हुआ. उस दिन तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और बिजली चमकने की घटनाएं हुईं. गुरुवार को ऑरेंज अलर्ट था, यानी मौसम खतरनाक हो सकता था.




