Yash की Toxic को लगी राजनीतिक हवा! Annamalai ने बताया- महिलाओं का शोषण, थिएटर से रिफंड की मांग को लेकर सामने आ रहे VIDEO
Yash की Toxic ने पहले दिन ₹104 करोड़ कमाए, लेकिन महिलाओं के चित्रण पर विवाद छिड़ गया. Annamalai ने CBFC पर सवाल उठाए, रिफंड का दावा भी वायरल.
यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'Toxic' ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रखा है. फिल्म ने पहले ही दिन 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर बड़ा रिकॉर्ड बना दिया, लेकिन इसी के साथ यह गैंगस्टर ड्रामा विवादों में भी घिर गई है. फिल्म में महिलाओं के कथित तौर पर ज्यादा सेक्सुअलाइज्ड चित्रण और कथित महिला-विरोधी तेवरों को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
फिल्म की कमाई पर जहां यश के फैंस जश्न मना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसके कंटेंट को लेकर बहस तेज हो गई है. पूर्व बीजेपी नेता और 'We The Leaders' के संस्थापक के. अन्नामलाई ने फिल्म के जरिए महिलाओं के चित्रण पर तीखी आपत्ति जताई है. इतना ही नहीं, उन्होंने फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट दिए जाने को लेकर CBFC पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. तो वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि टॉक्सिक की स्क्रीनिंग के दौरान दर्शकों के रिफंड की मांग करने से अफरातफरी मच गई.
100 करोड़ की कमाई और उसी दिन विवादों में 'Toxic'
यश की 'Toxic' ने रिलीज के पहले ही दिन करीब 104 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा छूने का दावा किया गया है. फिल्म की इस जबरदस्त शुरुआत के बीच महिलाओं के चित्रण को लेकर विवाद सामने आने से इसकी चर्चा बॉक्स ऑफिस से निकलकर सामाजिक बहस तक पहुंच गई है. अन्नामलाई ने फिल्म में महिलाओं को जिस तरह प्रस्तुत किए जाने की आलोचना की है, उसे लेकर सेंसर बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल उठाया है. उनका कहना है कि बड़ी स्टारकास्ट या बड़े अभिनेता वाली फिल्मों के लिए भी नियमों को लेकर किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए.
'फिल्म में महिलाओं को एक खास तरीके से दिखाया गया', Annamalai का हमला
के. अन्नामलाई ने फिल्म को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि फिल्मों में महिलाओं को एक खास नजरिए से दिखाने का असर समाज पर पड़ सकता है. उन्होंने फिल्म की कमाई का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि अगर बच्चे लगातार ऐसी फिल्मों में महिलाओं का ऐसा चित्रण देखेंगे तो इसका समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा. अन्नामलाई ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर समाज में जागरूकता फैलाने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन दूसरी तरफ ऐसी फिल्मों को सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिल रही है. उनके मुताबिक यही विरोधाभास चिंता पैदा करता है.
CBFC पर भी बरसे Annamalai, बोले- नियम और सख्त होने चाहिए
फिल्म के कंटेंट पर सवाल उठाने के साथ-साथ अन्नामलाई ने Central Board of Film Certification (CBFC) की सेंसर प्रक्रिया पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड को यह तय करने में अधिक मजबूती दिखानी चाहिए कि फिल्मों में किस तरह के दृश्य स्वीकार्य हैं. उनका तर्क था कि किसी बड़े अभिनेता के फिल्म में होने से नियमों को अलग नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. अन्नामलाई ने सवाल उठाया कि जब देशभर में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं, तो फिल्मों में महिलाओं के कथित आपत्तिजनक चित्रण को मंजूरी कैसे मिल सकती है.
'महिलाओं के मुद्दों पर हो रहे काम को नुकसान पहुंचाता है ऐसा कंटेंट'
अन्नामलाई का कहना है कि फिल्मों का प्रभाव सिर्फ थिएटर तक सीमित नहीं रहता. जिस तरह महिलाओं को पर्दे पर दिखाया जाता है, वह दर्शकों की सोच पर भी असर डाल सकता है. उन्होंने कहा कि वह अलग-अलग शहरों और कॉलेजों में जाकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बात करते हैं. ऐसे में अगर दूसरी तरफ फिल्मों में महिलाओं को कथित तौर पर आपत्तिजनक तरीके से दिखाया जाता है, तो यह महिलाओं से जुड़े सामाजिक मुद्दों पर किए जा रहे प्रयासों के उलट असर डाल सकता है.
विवाद के बीच Yash ने किया फिल्म और डायरेक्टर का बचाव
जहां फिल्म को लेकर आलोचना हो रही है, वहीं यश पहले ही फिल्म के महिला किरदारों और डायरेक्टर गीतू मोहनदास के विजन का बचाव कर चुके हैं. हैदराबाद में फिल्म के प्री-रिलीज इवेंट के दौरान यश ने कहा था कि दर्शकों को फिल्म पूरी देखने के बाद ही उसके बारे में राय बनानी चाहिए. उन्होंने फिल्म में महिलाओं की भूमिका को लेकर कहा कि कहानी में महिलाओं की अपनी आवाज है और वे परिस्थितियों का सामना करते हुए अपनी सोच और विजन को सामने रखती हैं. यश ने खास तौर पर लड़कियों से फिल्म देखने की अपील करते हुए कहा कि ट्रेलर को देखकर जो धारणा बन रही है, फिल्म उससे अलग हो सकती है.
Yash बोले- ट्रेलर से अलग है फिल्म का असली चेहरा
यश ने फिल्म की आलोचना के बीच यह समझाने की कोशिश की कि केवल ट्रेलर के आधार पर पूरी फिल्म का आकलन नहीं किया जाना चाहिए. उनका कहना था कि फिल्म में महिलाओं की अपनी आवाज और परिस्थितियों से लड़ने की क्षमता को दिखाया गया है. उन्होंने लड़कियों से थिएटर में जाकर फिल्म देखने और कहानी को खुद समझने की अपील की यानी एक तरफ अन्नामलाई फिल्म के महिला चित्रण को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ यश का दावा है कि 'Toxic' में महिलाओं की आवाज को जगह दी गई है.
आखिर 'Toxic' में ऐसा क्या है जिस पर मचा है बवाल?
'Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups' एक पीरियड गैंगस्टर ड्रामा है. फिल्म में यश के साथ नयनतारा, तारा सुतारिया, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं. फिल्म को KVN Productions और Yash की Monster Mind Creations ने प्रोड्यूस किया है. इसे कन्नड़ और अंग्रेजी में शूट किया गया है और इसे बड़े बजट की भारतीय फिल्मों में गिना जा रहा है. फिल्म में यश डबल रोल में दिखाई दे रहे हैं. यही वजह है कि रिलीज से पहले से ही फिल्म को लेकर जबरदस्त बज बना हुआ था.
बॉक्स ऑफिस पर हिट, लेकिन अब कंटेंट पर छिड़ी बहस
'Toxic' की कमाई ने जहां फिल्म की मजबूत शुरुआत का संकेत दिया है, वहीं महिलाओं के चित्रण को लेकर उठा विवाद इसकी कहानी का दूसरा पहलू बन गया है. अब बहस सिर्फ इस बात पर नहीं है कि फिल्म कितनी कमाई करेगी, बल्कि यह भी है कि फिल्मों में महिलाओं को किस तरह पेश किया जाना चाहिए और सेंसर बोर्ड को ऐसे कंटेंट पर कितनी सख्ती दिखानी चाहिए. एक तरफ फिल्म के पक्ष में यश का बयान है, तो दूसरी तरफ अन्नामलाई का तीखा हमला. ऐसे में 'Toxic' की रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ इस विवाद का तापमान भी बढ़ता दिखाई दे रहा है.




