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बिलासपुर में देर रात तांडव! एक सोशल मीडिया पोस्ट ने कैसे भड़का दी हिंसा? कई पुलिसकर्मी घायल, जानें पूरा मामला

सोशल मीडिया की एक विवादित पोस्ट ने बिलासपुर में ऐसा बवाल मचाया कि दो पक्ष भिड़ गए और जमकर पत्थर चले. हालात काबू करने पहुंची पुलिस पर भी हमला हुआ, जिसमें कई जवान घायल हो गए.

बिलासपुर में देर रात तांडव! एक सोशल मीडिया पोस्ट ने कैसे भड़का दी हिंसा? कई पुलिसकर्मी घायल, जानें पूरा मामला
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( Image Source:  ANI )
हेमा पंत
Edited By:हेमा पंत4 Mins Read

Updated on: 29 Aug 2026 8:43 AM IST

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शुक्रवार देर रात एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसा में बदल गया. सिटी कोतवाली इलाके में दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते जमकर पथराव शुरू हो गया. हालात बिगड़ने पर आसपास के घरों और दुकानों में भी तोड़फोड़ हुई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

मामला संभालने पहुंची पुलिस को भी भीड़ के पथराव का सामना करना पड़ा. इस दौरान तारबाहर थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर हुई. इसी को लेकर दो पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई. बात गाली-गलौज और मारपीट तक पहुंच गई. इसके बाद दोनों तरफ से लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुटने लगे. भीड़ बढ़ने के साथ ही माहौल तनावपूर्ण होता चला गया और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया.

अचानक क्यों भड़की भीड़?

शुरुआती विवाद के बाद दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे के सामने आ गए. आरोप है कि इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई, जिससे माहौल और ज्यादा गरमा गया. इसके बाद भीड़ ने एक-दूसरे पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए. अचानक हुए इस बवाल से आसपास रहने वाले लोगों में डर फैल गया. कई लोग अपने घरों के अंदर चले गए और दुकानदारों ने भी शटर गिरा दिए.

थाने और दुकानों में भी तोड़फोड़

पथराव बढ़ने के बाद उपद्रवियों ने सिटी कोतवाली थाने और आसपास की दुकानों व घरों को भी निशाना बनाया. हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला. भीड़ को पीछे हटाने के लिए लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए. इस दौरान पत्थर लगने से तारबाहर थाना प्रभारी रवि तिवारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. सभी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया.

मुंगेली-जांजगीर से बुलाना पड़ा अतिरिक्त बल

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने आसपास के जिलों से अतिरिक्त जवान बुलाए. मुंगेली और जांजगीर से पुलिस बल बिलासपुर पहुंचा. इसके बाद संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई. कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह भी देर रात तक कोतवाली में मौजूद रहे और अधिकारियों से लगातार हालात की जानकारी लेते रहे.

अब क्या है स्थिति और पुलिस का एक्शन?

फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है. बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और संवेदनशील जगहों पर गश्त बढ़ा दी गई है. पुलिस वीडियो और CCTV फुटेज के जरिए उपद्रवियों की पहचान कर रही है. अधिकारियों ने साफ किया है कि पत्थरबाजी, तोड़फोड़ या हिंसा में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी. साथ ही विवादित या भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट करने वालों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें, सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि कोई पोस्ट शेयर न करें और शांति बनाए रखें.

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