शुभेंदु सरकार में TMC के गब्बर और डॉन का ऐसा हाल, पुलिस ने कच्छे-बनियान में निकाली परेड- देखिए VIDEO
पश्चिम बंगाल में अपराधियों और TMC से जुड़े दबंग नेताओं पर पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन चर्चा में है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कई कथित बाहुबलियों को कच्छे-बनियान और लुंगी में पुलिस के सामने घुमाया जाता दिख रहा है. दावा किया जा रहा है कि शुभेंदु अधिकारी की सरकार बनने के बाद कानून-व्यवस्था पर सख्ती बढ़ी है.
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों एक अजीब सा डर, गुस्सा और तमाशा- तीनों एक साथ दिखाई दे रहे हैं. हावड़ा की गलियों में अचानक लोगों की भीड़ जुटने लगी. किसी फिल्मी सीन की तरह पुलिस की गाड़ियां रुकीं, जवान उतरे और फिर इलाके के लोगों ने जो देखा. उसका वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया. सामने था एक कथित 'डॉन'… लेकिन इस बार उसकी एंट्री किसी लग्जरी कार से नहीं, बल्कि बनियान और बॉक्सर में पुलिस के बीच हो रही थी.
कहीं कमर में रस्सी बंधी थी, कहीं हथकड़ी लगी थी, तो कहीं आरोपी सिर झुकाकर भीड़ के बीच चल रहा था. बंगाल पुलिस का यह नया अंदाज अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रहा, बल्कि सियासी जंग का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है. बीजेपी इसे अपराधियों के खिलाफ “सख्त संदेश” बता रही है, जबकि TMC इसे “मानवाधिकारों की हत्या” कह रही है.
कौन है वो 'डॉन आकाश', जिसे बनियान में सड़क पर घुमाया गया?
उत्तर हावड़ा की तंग गलियों में रविवार को अचानक हलचल मच गई. गोलाबाड़ी और मलिपांचघड़ा थाने की पुलिस एक ऐसे आरोपी को लेकर निकली, जिसका नाम इलाके में लंबे समय से खौफ की तरह लिया जाता था- आकाश सिंह उर्फ 'डॉन आकाश'. लेकिन इस बार तस्वीर अलग थी. ना बॉडीगार्ड, ना रौब, ना गैंग. सिर्फ स्लीवलेस बनियान, बॉक्सर और हाथों में हथकड़ी. सिर और दाढ़ी तक साफ कर दी गई थी. पुलिस उसे एक-एक गली में लेकर घूम रही थी और लोग मोबाइल निकालकर वीडियो बना रहे थे.
पुलिस का दावा था कि यह 'क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन' है. यानी उन जगहों की पहचान, जहां से कथित उगाही नेटवर्क चलता था. आकाश सिंह पर 20 से ज्यादा केस दर्ज बताए जा रहे हैं, जिनमें पुलिस पर फायरिंग और बमबाजी तक शामिल है. इलाके में चर्चा यह भी रही कि कभी वही आकाश नेताओं के साथ तस्वीरों में दिखता था, लेकिन अब वही सड़क पर पुलिस के बीच चलता नजर आया.
जब ‘गब्बर’ की निकली परेड
शिवपुर इलाके में लोगों ने एक और चेहरा देखा- शमीम अहमद उर्फ ‘गब्बर’. इलाके में उसका नाम लंबे समय से दबंगई के लिए चर्चित बताया जाता रहा है. लेकिन इस बार वह सफेद बनियान में हथकड़ी लगाए पुलिस के साथ GT रोड पर चलता नजर आया. कहा गया कि उस पर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की रैली पर हमला कराने का आरोप है. मुंबई से गिरफ्तारी के बाद जब उसे बंगाल लाया गया, तो पुलिस ने इलाके में घुमाकर कथित घटनास्थलों की पहचान कराई.
लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उसके घर को लेकर हुई. छापेमारी में आलीशान पांच मंजिला इमारत, गुप्त रास्ते, छत पर जुए का अड्डा और दर्जनों बकरियां मिलने की बातें इलाके में आग की तरह फैल गईं. लोग कहने लगे-'जिसे देखकर लोग डरते थे, आज वही खुद तमाशा बन गया.'
रस्सी बंधी थी कमर में… और पूरा इलाका देख रहा था
हावड़ा के संकरैल इलाके में एक और वीडियो वायरल हुआ. इस बार आरोपी था साहिन मोल्ला उर्फ ‘सनी’. पुलिस ने उसकी कमर में रस्सी बांधी हुई थी और वह सफेद बनियान-शॉर्ट्स में सड़क पर चल रहा था. लोग घरों की बालकनी से देख रहे थे. दुकानदार मोबाइल कैमरे ऑन किए खड़े थे. आरोप था कि साहिन इलाके के दुकानदारों से उगाही करता था. कभी अस्थायी होमगार्ड रह चुका साहिन अब खुद पुलिस की गिरफ्त में था. इलाके में फुसफुसाहट थी कि “जिसने सालों तक लोगों को डराया, आज वही सबकी नजरों के सामने बेबस घूम रहा है.'
क्या बंगाल पुलिस अब डर की नई तस्वीर बनाना चाहती है?
इन वीडियोज के वायरल होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा. क्या यह सिर्फ जांच का हिस्सा है या फिर अपराधियों को सार्वजनिक तौर पर बेइज्जत कर डर पैदा करने की रणनीति? बीजेपी समर्थकों ने सोशल मीडिया पर इन वीडियोज को 'नया बंगाल' बताते हुए शेयर किया. दावा किया गया कि अब अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलेगा. वहीं दूसरी तरफ TMC नेताओं ने इसे संविधान और मानवाधिकारों के खिलाफ बताया.
जब TMC बोली- सरकार सर्कस नहीं चला सकती
TMC सांसद Kalyan Banerjee ने खुलकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार का काम सर्कस चलाना नहीं है. किसी आरोपी को रस्सी बांधकर बाजार में घुमाना कानून और मानवाधिकार दोनों का उल्लंघन है.' उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन संविधान की मर्यादा टूटनी नहीं चाहिए.
क्या बंगाल में शुरू हो चुका है सबसे बड़ा राजनीतिक क्लीनअप?
बीते कुछ दिनों में कई TMC नेताओं, पार्षदों और पंचायत प्रतिनिधियों की गिरफ्तारी हुई है. उगाही, हिंसा और भ्रष्टाचार के आरोपों में लगातार कार्रवाई हो रही है. बंगाल की राजनीति अब सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि उसकी तस्वीरें अब सीधे सड़कों से वायरल हो रही हैं. और शायद यही वजह है कि बनियान, बॉक्सर और रस्सी वाली ये तस्वीरें अब सिर्फ पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि बंगाल की बदलती राजनीति का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुकी हैं।




