टीना डाबी के Video पर कुछ बोलूंगा तो UGC एक्ट लग जाएगा, अच्छा- लेकिन वो कैसे? Reel पर ये कैसा रौला
IAS टीना डाबी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया. कलेक्टर कार्यालय में तिरंगा फहराने के बाद कुछ पलों के लिए वे राष्ट्रध्वज की विपरीत दिशा में खड़ी नजर आईं, जिसके बाद सुरक्षा में तैनात जवान ने उन्हें इशारे से सही दिशा में खड़े होने को कहा. इशारा मिलते ही टीना डाबी ने दिशा बदली और राष्ट्रगान गाया. बस, यहीं से रील, मीम्स और तंज की बाढ़ आ गई और बात UGC के नए नियम तक जा पहुंची.
गणतंत्र दिवस के मौके पर IAS टीना डाबी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया. कलेक्टर कार्यालय में तिरंगा फहराने के बाद कुछ पलों के लिए वे राष्ट्रध्वज की विपरीत दिशा में खड़ी नजर आईं, जिसके बाद सुरक्षा में तैनात जवान ने उन्हें इशारे से सही दिशा में खड़े होने को कहा. इशारा मिलते ही टीना डाबी ने दिशा बदली और राष्ट्रगान गाया. बस, यहीं से रील, मीम्स और तंज की बाढ़ आ गई और बात UGC के नए नियम तक जा पहुंची.
इसी बीच सोशल मीडिया पर यह तंज भी तैरने लगा कि 'टीना डाबी के Video पर कुछ बोलूँगा तो UGC एक्ट लग जाएगा.' दरअसल, इस वायरल रील का कनेक्शन उस वक्त चल रहे #UGC_RollBack आंदोलन से जोड़ा जा रहा है, जिसने शिक्षा जगत से लेकर सोशल मीडिया तक तूफान खड़ा कर दिया है.
#UGC_RollBack क्यों ट्रेंड कर रहा है?
UGC ने 13 जनवरी को नया नियम लागू किया. ‘Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations 2026’. इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर विरोध तेज है. आरोप है कि यह नियम भेदभाव बढ़ाने वाला है और सामान्य वर्ग के छात्रों को निशाने पर लेता है. विवाद तब और बढ़ गया जब बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस बदलाव के विरोध में इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि इस नियम के जरिए कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों को “स्वघोषित अपराधी” बना दिया गया है.
टीना डाबी की रील से UGC एक्ट तक कैसे पहुंची बात?
गणतंत्र दिवस की वायरल रील पर जहां कुछ लोग सामान्य मानवीय भूल बता रहे हैं, वहीं कुछ इसे लेकर तंज कसते दिखे. यहीं से बहस ने यूजीसी के नए नियमों का रुख कर लिया और सोशल मीडिया पर मीम्स व रील्स की भरमार हो गई. #UGC_RollBack नाम के एक यूजर ने लिखा, 'ये ही होगा, स्वर्ण लड़कियों का भविष्य, दो पैसे की शर्म हो तो अपनी बेटियों के लिए लड़ो, वर्ना हिजड़ों की तरह इस काले क़ानून पर ताली बजाओ.' इस तरह की पोस्ट्स ने बहस को और तीखा कर दिया है.
𝙼𝚛 𝚃𝚢𝚊𝚐𝚒 नाम के एक यूजर ने लिखा कि, 76 वर्षीय मोदी जी के BJP के सभी सवर्ण नेताओं को निर्देश है कि अगर UGC के मामले में मुँह खोला तो पार्टी से निकाल देंगे. डरपोक सवर्ण नेता मुंह पर चेपी लगाकर बैठे हैं. पाण्डेय जी नाम के एक यूजर ने लिखा कि, UGC अधिनियम OBC मुस्लिम छात्रों द्वारा दुरुपयोग होगा। धर्मांतरण के लिए सामान्य वर्ग के छात्रों पर दबाव बनायेंगे. यह कानून खतरनाक साजिश है.





