तमिलनाडु की सीफूड फैक्ट्री में गैस लीक होने से 7 मजदूरों की मौत, 40 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती; 10 पॉइंट्स में जानें अब तक क्या-क्या हुआ
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक निजी सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में अमोनिया गैस लीक होने से बड़ा हादसा हो गया. हादसे में 7 गेस्ट वर्कर्स की मौत हो गई, जबकि 40 से ज्यादा मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं, प्रशासन के मुताबिक, 2 महिलाओं की मौत हुई है.
Tamil Nadu में Ammonia Gas लीक होने से 7 मजदूरों की मौत
Tamil Nadu Ammonia gas leak accident: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में रविवार को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसा सामने आया, जहां एक निजी सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में अमोनिया गैस लीक होने से अफरा-तफरी मच गई. हादसा कन्निगईपैर इलाके में पेरियापलायम के पास हुआ, जहां फैक्ट्री परिसर में रहने वाले कई गेस्ट वर्कर्स जहरीली गैस की चपेट में आ गए. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें 7 मजदूरों की मौत हुई है, जबकि प्रशासन के मुताबिक, हादसे में अब तक 64 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं. इनमें 60 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं. घटना में 2 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य कर्मचारी अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है.
प्रशासन के मुताबिक, प्रभावित कर्मचारियों में से 15 लोगों को सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. वहीं 23 कर्मचारी निजी अस्पतालों की ICU में भर्ती हैं, जबकि 24 अन्य कर्मचारियों को निजी अस्पतालों में रखा गया है और उनकी लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग की जा रही है.
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री परिसर में करीब 120 गेस्ट वर्कर्स रह रहे थे, जिनमें असम, ओडिशा और झारखंड से आए मजदूर भी शामिल थे. रविवार को छुट्टी होने की वजह से ज्यादातर मजदूर अपने कमरे में मौजूद थे, तभी सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट से निकली अमोनिया गैस पूरे परिसर में फैल गई. कई मजदूरों को सांस लेने में परेशानी हुई, जबकि कुछ के मुंह और नाक से खून आने की शिकायत भी सामने आई.
हादसे की 10 बड़ी बातें
1. अमोनिया गैस लीक से मचा हड़कंप: सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट से अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हुआ, जिसने कुछ ही समय में फैक्ट्री परिसर को अपनी चपेट में ले लिया. गैस फैलने के बाद मजदूरों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.
2. 120 मजदूर थे फैक्ट्री परिसर में मौजूद: पुलिस के अनुसार, हादसे के समय करीब 120 गेस्ट वर्कर्स फैक्ट्री परिसर में रह रहे थे. इनमें महिलाएं भी शामिल थीं, जो अलग-अलग राज्यों से रोजगार के लिए तमिलनाडु आए थे.
3. 7 मजदूरों की मौत, 40 से ज्यादा घायल: गैस की चपेट में आने से कई मजदूरों की हालत बिगड़ गई. शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया कि अस्पताल पहुंचाए गए लोगों में से 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक लोगों का इलाज चल रहा है.
4. कई मजदूरों को सांस लेने में हुई परेशानी: अमोनिया गैस के प्रभाव से मजदूरों को सांस लेने में दिक्कत हुई. कुछ लोगों ने आंखों में जलन, घबराहट और शरीर में कमजोरी जैसी समस्याओं की शिकायत की.
5. गंभीर मरीजों को चेन्नई भेजा गया: गंभीर हालत वाले 9 मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल से चेन्नई के सरकारी स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिफ्ट किया गया.
6. प्रशासन और रेस्क्यू टीम तुरंत पहुंची: घटना की जानकारी मिलते ही पेरियापलायम पुलिस, फायर एंड रेस्क्यू सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया.
7. NDRF की केमिकल टीम ने संभाला मोर्चा: जिला प्रशासन की मांग के बाद अरक्कोनम से NDRF की CBRN (Chemical, Biological, Radiological and Nuclear) टीम भेजी गई. 30 सदस्यीय टीम गैस डिटेक्शन उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची.
8. पुलिस ने दर्ज किया मामला: पेरियापलायम पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है. हादसा कैसे हुआ और सुरक्षा में कहां चूक हुई, इसकी जांच की जा रही है.
9. सरकार ने बनाई तीन सदस्यीय जांच समिति: मुख्यमंत्री विजय ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं. कमेटी में इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड हेल्थ विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हैं. वहीं, सीएम ने मृतक महिलाओं के परिवारों के लिए मुख्यमंत्री जन राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मृतकों के शवों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने और अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था सरकार के खर्च पर की जाए.
10. 24 घंटे में अंतरिम रिपोर्ट, 3 दिन में फाइनल रिपोर्ट: मुख्यमंत्री विजय ने यह भी कहा है कि हादसे में घायल सभी कर्मचारियों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने प्रशासन को राहत और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की कमी न रखने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने जांच समिति को 24 घंटे में शुरुआती रिपोर्ट और तीन दिन में अंतिम रिपोर्ट सौंपने को कहा है. साथ ही प्रभावित मजदूरों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.




