कोई हरियाणा, तो कोई बॉम्बे-लद्दाख हाई कोर्ट से... सुप्रीम कोर्ट को मिले 5 नए जज कौन, वी मोहना की क्यों हो रही इतनी चर्चा?
केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पांच नए जजों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय की न्यायिक क्षमता और मजबूत हो गई है.
Supreme Court 5 New Judges
देश की न्यायपालिका में एक बड़ा बदलाव हुआ है. केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पांच नए जजों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय की न्यायिक क्षमता और मजबूत हो गई है. इन नियुक्तियों में चार हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना का नाम भी शामिल है. इन नियुक्तियों के साथ ही वी मोहना ने इतिहास रच दिया है. वह सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में नियुक्त होने वाली 12वीं महिला जज बन गई हैं. मौजूदा समय में वह जस्टिस बी.वी. नागरत्ना के साथ शीर्ष अदालत में कार्यरत दूसरी महिला न्यायाधीश होंगी.
केंद्रीय कानून मंत्रालय ने सोमवार सुबह पांचों नियुक्तियों की आधिकारिक अधिसूचना जारी की. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के कुछ ही दिनों बाद लिया गया. हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 की गई थी, जिसके बाद नई नियुक्तियों का रास्ता साफ हुआ.
कौन हैं सुप्रीम कोर्ट के नए जज?
सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किए गए नए जजों में वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना, जस्टिस शील नागु, जस्टिस श्री चंद्रशेखर, जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस अरुण पल्ली शामिल हैं. ये सभी न्यायिक क्षेत्र में अपने अनुभव और महत्वपूर्ण फैसलों के लिए जाने जाते हैं.
1. वी मोहना
वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना का सुप्रीम कोर्ट में सीधा चयन विशेष रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है. महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से यह नियुक्ति बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. कानूनी क्षेत्र में लंबे अनुभव रखने वाली वी मोहना की नियुक्ति को न्यायपालिका में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के रूप में देखा जा रहा है. वह सुप्रीम कोर्ट की चुनिंदा महिला न्यायाधीशों की सूची में शामिल हो गई हैं.
2. जस्टिस शील नागु
जस्टिस शील नागु पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत रहे हैं. व्यक्तिगत स्वतंत्रता, पर्यावरण और संवैधानिक मुद्दों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में उनके फैसलों को काफी सराहा गया है. वह चर्चित न्यायिक जांच समितियों का भी हिस्सा रह चुके हैं और न्यायिक प्रशासन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है.
3. जस्टिस श्री चंद्रशेखर
बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे जस्टिस श्री चंद्रशेखर कई चर्चित मामलों की सुनवाई कर चुके हैं. उन्होंने अपने न्यायिक करियर में कई महत्वपूर्ण आपराधिक और सार्वजनिक महत्व के मामलों में फैसले दिए हैं. उनका न्यायिक अनुभव और विभिन्न हाईकोर्ट में कार्यकाल उन्हें सुप्रीम कोर्ट के लिए एक महत्वपूर्ण नियुक्ति बनाता है.
4. जस्टिस संजीव सचदेवा
जस्टिस संजीव सचदेवा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे. इससे पहले वह दिल्ली हाईकोर्ट में भी लंबे समय तक न्यायाधीश रहे. कानून और संवैधानिक मामलों में उनकी गहरी समझ के कारण उन्हें न्यायपालिका के अनुभवी चेहरों में गिना जाता है.
5. जस्टिस अरुण पल्ली
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे जस्टिस अरुण पल्ली को भी सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया है. उन्होंने न्यायिक सुधार, मध्यस्थता और लंबित मामलों के निपटारे में अहम योगदान दिया है. कानूनी प्रशासन और न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने में उनकी भूमिका को विशेष महत्व दिया जाता है.




