10 राज्य, 24 सीटें: 18 जून को राज्यसभा का चुनाव, कांग्रेस के दिग्गजों का पत्ता होगा साफ! किसे फायदा और कौन रहेगा घाटे में?
18 जून को 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होगा. बीजेपी को बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं की सीट खतरे में है.
राज्यसभा की 24 सीटों पर होने वाला चुनाव सिर्फ सांसद चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि संसद के शक्ति संतुलन को बदलने वाला बड़ा राजनीतिक मुकाबला माना जा रहा है. चुनाव आयोग ने 10 राज्यों की 24 सीटों के लिए 18 जून 2026 को मतदान की घोषणा कर दी है. सबसे ज्यादा नजर गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान पर है, जहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी प्रतिष्ठा की लड़ाई दिखाई दे रही है. मौजूदा राजनीतिक गणित को देखें तो बीजेपी को इस चुनाव में सबसे बड़ा फायदा मिलता दिख रहा है, जबकि कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं की सीट खतरे में है.
किन-किन राज्यों में हो रहे हैं चुनाव?
यह चुनाव आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीटों, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीटों, झारखंड की दो सीटों तथा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की एक-एक सीट के लिए होंगे. इसके अलावा महाराष्ट्र और तमिलनाडु में एक-एक सीट पर उपचुनाव भी होंगे.
BJP को कितना फायदा मिलता दिख रहा है?
राजनीतिक समीकरणों के मुताबिक 24 सीटों में से बीजेपी 11 से 12 सीटें जीत सकती है. आंध्र प्रदेश में टीडीपी गठबंधन सभी चार सीटों पर चुनाव जीतने की स्थिति में है. जबकि गुजरात और मध्य प्रदेश में बीजेपी की स्थिति बेहद मजबूत मानी जा रही है. गुजरात में पहली बार कांग्रेस का राज्यसभा से पूरी तरह सफाया कर सकती है. एमपी और राजस्थान में कांग्रेस को तीन—तीन में से एक—एक सीट मिलने की संभावना है. कांग्रेस सिर्फ कर्नाटक की तीन में से तीनों सीटों पर जीत हासिल करने की हालत में है.
Congress के किन दिग्गजों की सीट खतरे में?
इस चुनाव में कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका लग सकता है. कर्नाटक से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मुश्किल से अपनी सीट बचाते दिख रहे हैं. वहीं गुजरात से शक्ति सिंह गोहिल, मध्य प्रदेश से दिग्विजय सिंह और राजस्थान से नीरज डांगी की सीटें लगभग खतरे में मानी जा रही हैं. अगर कांग्रेस इन सीटों को नहीं बचा पाती तो राज्यसभा में उसकी ताकत और कमजोर हो सकती है.
जून 2026 में कौन-कौन सांसद हो रहे हैं रिटायर?
जून-जुलाई 2026 में कुल 24 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. इनमें बीजेपी, कांग्रेस, टीडीपी और क्षेत्रीय दलों के कई बड़े नेता शामिल हैं. अनुमान के मुताबिक रिटायर होने वाले सांसदों में बीजेपी के 12, कांग्रेस के 6 और टीडीपी के 4 सांसद शामिल हैं, जबकि बाकी सीटें अन्य दलों के पास हैं.
राज्यसभा चुनाव कैसे होता है?
राज्यसभा चुनाव में आम जनता वोट नहीं डालती. केवल संबंधित राज्यों के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं. राज्यसभा संसद का स्थायी सदन है, जिसे भंग नहीं किया जा सकता. संविधान के अनुसार हर दो साल में एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं और उनका कार्यकाल छह साल का होता है.
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 1 जून को अधिसूचना जारी होगी, 8 जून तक नामांकन होंगे और 18 जून को मतदान के साथ मतगणना भी होगी. इस चुनाव के नतीजे आने वाले समय में संसद के राजनीतिक समीकरण तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.




