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1 अक्टूबर से यात्रियों पर रेलवे की पैनी नजर! टिकट, ID और पास को लेकर क्या बदलेगा? FAQs में जानें हर सवाल का जवाब

1 अक्टूबर 2026 से सेंट्रल रेलवे की यात्रियों पर पैनी नजर होने वाली है. ये कदम आने वाले त्योहारों के दौरान सुविधाओं के गलत इस्तेमाल से बचने के लिए उठाया गया है.

1 अक्टूबर से यात्रियों पर रेलवे की पैनी नजर! टिकट, ID और पास को लेकर क्या बदलेगा? FAQs में जानें हर सवाल का जवाब
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समी सिद्दीकी
Edited By:समी सिद्दीकी1 Mins Read

Updated on: 29 Sept 2026 12:32 PM IST

सेंट्रल रेलवे 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक अपने पूरे नेटवर्क पर बड़े स्तर पर टिकट चेकिंग अभियान चलाने जा रहा है. यह अभियान रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों दोनों में चलाया जाएगा और त्योहारों के सीजन से ठीक पहले शुरू हो रहा है, जब यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. रेलवे का कहना है कि इस अभियान का मकसद आरक्षण की सुविधाओं के गलत इस्तेमाल को रोकना, रियायतों और रेलवे पास के फर्जी इस्तेमाल पर रोक लगाना और रेलवे के राजस्व के नुकसान को रोकना है. खास बात यह है कि अगर एक टिकट पर कई यात्री सफर कर रहे हैं, तो टिकट पर दर्ज कम से कम एक यात्री के पास निर्धारित मूल पहचान पत्र होना जरूरी है. आइये जानते हैं रेवले की तरफ से किए गए इन बदलावों के बारे में.

सेंट्रल रेलवे 1 अक्टूबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक टिकट चेकिंग अभियान चलाएगा. यह अभियान रेलवे के नेटवर्क पर स्टेशनों और ट्रेनों दोनों में चलेगा.

रेलवे के मुताबिक, अभियान का मकसद आरक्षण सुविधाओं के गलत इस्तेमाल को रोकना, रियायतों और पास के फर्जी इस्तेमाल को रोकना और रेलवे के राजस्व के नुकसान को कम करना है. यह अभियान त्योहारों के सीजन से पहले चलाया जा रहा है, जब यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है.

कई यात्रियों की बुकिंग होने की कंडीशन में टिकट पर दर्ज कम से कम एक यात्री के पास आईडी होने जरूरी है.

अगर आपके पास ऑरिजनल फोटो आईडी नहीं है तो ऐसी कंडीशन में सभी यात्रियों को लागू रेलवे नियमों के अनुसार बिना वैध टिकट यात्रा करने वाला माना जाएगा.

टिकट चेकिंग स्टाफ रियायती किराए पर बुक किए गए टिकटों, निर्धारित रिजर्वेशन कोटा और रेलवे पास के तहत यात्रा करने वाले यात्रियों पर खास ध्यान देगा. ऐसे लोगों को अपनी एलिजिबिलिटी के दस्तावेज़ पास रखना जरूरी है.

E-Pass वाले पात्र रेलवे कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य बिना सामान्य किराया दिए यात्रा कर सकते हैं, जबकि PTO के जरिए एलिजिबल कर्मचारी रियायती किराए पर टिकट खरीद सकते हैं. ऐसे यात्रियों को निर्धारित मूल पहचान प्रमाण अपने साथ रखना होगा.

भारतीय रेलवे के अनुसार यात्रा के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर फोटो पहचान पत्र मान्य दस्तावेजों में शामिल हैं. इसके अलावा आयकर विभाग द्वारा जारी PAN कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी मान्य हैं.

हां. केंद्र या राज्य सरकार की ओर से जारी क्रमांक वाले फोटो पहचान पत्र को भी मान्य प्रमाण के तौर पर शामिल किया गया है. इसके अलावा मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज द्वारा जारी फोटो वाला छात्र पहचान पत्र भी स्वीकार्य है. राष्ट्रीयकृत बैंक की फोटो लगी पासबुक और बैंक की ओर से जारी लैमिनेटेड फोटो वाला क्रेडिट कार्ड भी मान्य दस्तावेजों की लिस्ट में है.

हां. रेलवे टिकट चेकिंग अभियान के दौरान अनरिजर्व टिकटों के असली होने की भी जांच की जाएगी. जरूरत पड़ने पर टिकटों की जांच और सत्यापन के लिए TTE ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा.

20 जून 2026 से Jan Vishwas Act, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 137 और 138 में न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है.

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