6 दिन पहले भेजा लेआउट, तस्वीरों की हुई तारीफ, फिर अचानक डिप्टी रेजिडेंट कमिश्नर का आया फोन; फोटो विवाद पर रेहान वाड्रा ने क्या-क्या बताया?
रेहान वाड्रा की एग्जीबिशन से 70 तस्वीर हटाए जाने का मामला बढ़ता जा रहा है. अब इसको लेकर रेहान ने बताया कि उन्होंने 6 दिन पहले ही तस्वीरों का लेआउट भेजा दिया था, तब किसी ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी.
Raihan Vadra exhibition
दिल्ली के बीकानेर हाउस में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की एग्जीबिशन शुरू होने से कुछ घंटे पहले 70 से अधिक तस्वीरें हटाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. रेहान की एग्जीबिशन में हाल के विरोध प्रदर्शनों को दिखाने वाली तस्वीरें भी शामिल थीं. रेहान का आरोप है कि प्रशासन ने आखिरी मौके पर इन तस्वीरों को हटाने का निर्देश दिया, जबकि उन्होंने करीब 6 दिन पहले ही एग्जीबिशन में लगाई जाने वाली तस्वीरों का एक लेआउट शेयर किया था.
इस मामले में रेहान के माता-पिता प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा भी सवाल उठा चुके हैं. अब रॉबर्ट वाड्रा ने अपने बेटे का समर्थन करते हुए कहा है कि उन्हें रेहान पर गर्व है और वह अपनी एग्जीबिशन के लिए काफी मेहनत करता है. वहीं, रेहान ने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि तस्वीरों को लेकर कोई आपत्ति थी, तो इसकी जानकारी उन्हें पहले दी जानी चाहिए थी.
रेहान वाड्रा ने क्या बताया?
रेहान वाड्रा ने पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा "कल शाम 6:00 बजे, बीकानेर हाउस प्रबंधन ने मुझे फोन किया और कहा कि जिन तस्वीरों को मैं प्रदर्शित करने वाला था, उनमें से कुछ आपत्तिजनक हैं और उनकी नीति के खिलाफ हैं. मैंने कहा, ठीक है, मुझे बताएं कि वे कौन सी तस्वीरें हैं, इसके पीछे का कारण बताएं और मुझे यह सब लिखित में दें. जब तक मुझे पूरा स्पष्टीकरण नहीं मिल जाता, तब तक मैं उन तस्वीरों को तुरंत हटाने के लिए तैयार नहीं था. कल दोपहर तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया. कल दोपहर उन्होंने मुझे बताया कि उनकी टीम प्रदर्शनी देखने आई थी और उन्होंने तस्वीरों की तारीफ भी की.
आगे रेहान ने कहा "फिर दोपहर बाद, मुझे डिप्टी रेजिडेंट कमिश्नर का फोन आया, जिन्होंने कहा कि हमें वे सभी तस्वीरें हटानी होंगी. मैंने उनसे कहा कि कृपया मुझे यह लिखित में दें. वे लिखित में देने से मना कर रहे थे. फिर प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर आए. उन्होंने मेरे साथ पूरी प्रदर्शनी देखी और कहा कि इन तस्वीरों को प्रदर्शित करने का संदर्भ और समय गलत है, और मैंने ये तस्वीरें पहले उनके साथ साझा नहीं की थीं. मैंने कहा कि मैंने एक हफ्ते पहले ही इन तस्वीरों के साथ एक लेआउट साझा कर दिया था. इस पर उन्होंने कहा कि वह लेआउट साफ नहीं था और वे उसे पढ़ नहीं पाए. मैंने कहा, तो आप मुझे छह दिन पहले ही बता सकते थे. अब आप मुझे मेरे शो से चार घंटे पहले बता रहे हैं, तो मैं क्या कर सकता हूं?"
मामले पर क्या बोले रॉबर्ट वाड्रा?
रॉबर्ट वाड्रा ने कहा "मुझे अपने बेटे पर बहुत गर्व है. वह बहुत मेहनती है. वह अपनी प्रदर्शनी लगाने में बहुत मेहनत करता है, चाहे विषय कुछ भी हो. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. वह पिछले 6-7 सालों से प्रदर्शनियां कर रहा है और बीकानेर हाउस एक ऐसा प्लेटफॉर्म रहा है जिसका उसने कई बार इस्तेमाल किया है. वह वहां की संवेदनशीलता और प्रोटोकॉल को समझता है. वह हमेशा उन सभी चीजों की PDF फाइल देता है जिन्हें प्रदर्शित किया जाना है. बीकानेर हाउस प्रशासन के पास यह तय करने के लिए पूरा एक हफ्ता था कि क्या उन्हें किसी चीज पर कोई आपत्ति है."
रॉबर्ट वाड्रा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनी के उद्घाटन से करीब दो घंटे पहले बीकानेर हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तस्वीरों को लेकर असहजता जताई और उन्हें हटाने के लिए कहा. उन्होंने बताया "लेकिन निमंत्रण आदि भेजे जाने के बाद, उद्घाटन से ठीक दो घंटे पहले, बीकानेर हाउस के डायरेक्टर या कमिश्नर ने कहा 'आप जो तस्वीरें लगा रहे हैं, उन्हें लेकर मैं सहज नहीं हूं, आपको इन्हें हटाना होगा'. उन्होंने कहा, 'पहली मंजिल पर लगी सभी 75 तस्वीरें हटा दी जाएंग.'"
रेहान का पक्ष रखते हुए क्या बोले?
रॉबर्ट वाड्रा ने अपने बेटे का पक्ष रखते हुए कहा कि रेहान की तस्वीरों का उद्देश्य किसी व्यक्ति को प्रभावित करना या उसकी सोच बदलना नहीं था. उन्होंने कहा "मैं ऐसा कुछ भी नहीं लगा रहा हूं जो किसी को प्रभावित करे या जिससे कोई ऐसी स्थिति पैदा हो जाए. ये चीजें बहुत लंबे समय से मौजूद हैं और सोशल मीडिया पर भी उपलब्ध हैं. यह एक ऐसी भावना है जो सभी के मन में है. मैं लंबे समय से विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ा रहा हूं और वहां जो कुछ भी होता है, उसे देखता हूं. यह बस मेरी अभिव्यक्ति है. भारत में रहने वाले एक युवा के तौर पर, अगर मेरा अपना दृष्टिकोण और रचनात्मकता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि मैं लोगों को प्रभावित कर रहा हूं या उनकी सोच बदल रहा हूं. लोगों की अपनी सोच है, और इसीलिए तो विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं."




