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शिक्षा का मसला गंभीर लेकिन राहुल राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं, नड्डा ने गिनाई विपक्ष की नाकामी, वांगचुक की चिट्ठी का देंगे जवाब

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक जैसे राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जहां विपक्षी दलों की सरकारें हैं. वहीं पर चुप क्यों हो जाते हैं.

शिक्षा का मसला गंभीर लेकिन राहुल राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं, नड्डा ने गिनाई विपक्ष की नाकामी, वांगचुक की चिट्ठी का देंगे जवाब
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी5 Mins Read

Updated on: 22 July 2026 9:16 PM IST

दिल्ली का जंतर-मंतर इन दिनों देश की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है. NEET पेपर लीक, परीक्षा सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों का आंदोलन अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है.

आंदोलन को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने हैं, जबकि संसद से लेकर सड़क तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. विपक्षी दल लगातार छात्रों की मांगों का समर्थन कर रहे हैं और केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं. इसी को लेकर जेपी नड्डा ने पीसी कर क्या कुछ कहा आइए जानते हैं...

जेपी नड्डा के 11 मिनट के भाषण में क्या?

  1. भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक जैसे राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जहां विपक्षी दलों की सरकारें हैं. वहीं पर चुप क्यों हो जाते हैं.
  2. उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी केवल केंद्र पर ही आरोप क्यों लगाते हैं और विपक्ष शासित राज्यों में हुई घटनाओं पर चुप क्यों रहते हैं. नड्डा ने कहा कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर अपनी "राजनीतिक रोटियां सेंकना" चाहते हैं.
  3. पेपर लीक पर संसद में चर्चा के लिए तैयार: जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है.
  4. विपक्ष खुलकर रखे अपना पक्ष: उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने सभी सवाल और तर्क संसद में रखे, सरकार हर मुद्दे का जवाब देगी.
  5. मोदी सरकार जिम्मेदार और जवाबदेह: नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार एक जिम्मेदार और संवेदनशील सरकार है, जो हर मुद्दे पर संसद में चर्चा चाहती है.
  6. आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़ने की अपील: उन्होंने कहा कि अब दोषारोपण छोड़कर समाधान पर चर्चा होनी चाहिए और इसके लिए संसद सबसे उपयुक्त मंच है.
  7. पेपर लीक के हर पहलू पर होगी चर्चा: नड्डा ने कहा कि संसद में इस बात पर चर्चा होनी चाहिए कि पेपर लीक क्यों होते हैं, इसमें कौन लोग शामिल हैं, केंद्र सरकार ने क्या कार्रवाई की और राज्यों को क्या कदम उठाने चाहिए.
  8. छात्रों के हित सर्वोपरि: उन्होंने कहा कि करोड़ों छात्रों के साथ अन्याय न हो, इसके लिए स्थायी समाधान निकालना सभी की जिम्मेदारी है.
  9. सोनम वांगचुक से अस्पताल में मुलाकात: जेपी नड्डा ने बताया कि उन्होंने डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ मेडांटा अस्पताल जाकर सोनम वांगचुक का हालचाल जाना.
  10. अनशन खत्म करने की अपील: उन्होंने कहा कि वांगचुक से मुख्यधारा में लौटने, अनशन समाप्त करने और छात्रों का सही मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया गया.
  11. खुले पत्र का देंगे जवाब: नड्डा ने कहा कि सोनम वांगचुक ने उन्हें एक खुला पत्र लिखा है, सरकार उसका जवाब देगी और उसके बाद बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा.
  12. सरकार हर मुद्दे पर संवाद के लिए तैयार: उन्होंने दोहराया कि सरकार सभी विषयों पर चर्चा और संवाद के लिए हमेशा तैयार है.

20 जुलाई को जंतर-मंतर पर क्या हुआ?

20 जुलाई को CJP और छात्रों ने 'चलो संसद' मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली में धारा 163 लागू होने के चलते पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स पर रोक दिया. इसके बाद हालात बिगड़ गए और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए. इसके अगले दिन, 21 जुलाई को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया.

21 जुलाई को पीएम आवास के बाहर क्या हुआ?

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में रिहा कर दिया. प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने तीन प्रमुख मांगें दोहराईं—केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों से माफी मांगें और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस्तीफा दें. इन मांगों को लेकर अब संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक टकराव और तेज होता नजर आ रहा है.

राहुल गांधी
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