'जवाबदेही, सुधार और छात्रों के गुस्से का कर्जदार...', 6 पॉइंट्स में जानें जंतर-मंतर और राहुल गांधी के प्रोटेस्ट पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
राहुल गांधी के पीएम आवास के बाहर धरने को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हमला बोला है. इसके अलावा जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों को लेकर पहली बार शिक्षा मंत्री ने खुलकर अपनी बात सामने रखी है.
Rahul Gandhi PM Residence Protest
मंगलवार को जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठी बरसाई गई, जिससे कई छात्र घायल हुए. इसके बाद पूरे देश में आक्रोश देखने को मिला. इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान और अमित शाह के इस्तीफें की मांग करते हुए पीएम आवास के बाहर धरना दे दिया. उनके साथ कांग्रेस के कई बड़े नेता, सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी शामिल रहे. जब राहुल गांधी से नहीं हटे तो पुलिस ने उनके साथ बाकी सभी को भी हिरासत में ले लिया.
हालांकि बाद में सभी को छोड़ दिया गया लेकिन अब इस प्रोटेस्ट ने अलग ही रूप ले लिया है. इसको लेकर अब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी पहली बार खुलकर बात सामने रखी है और उन्होंने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप भी लगाया है. धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि राहुल गांधी अपने राजनीतिक उद्देश्य के लिए छात्रों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
6 पॉइंट्स में जानें क्या-क्या बोले शिक्षा मंत्री?
1. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी पर छात्रों को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. उन्होंने लिखा "विपक्ष के नेता राहुल गांधी पार्लियामेंट के मॉनसून सेशन के दौरान गड़बड़ी पैदा करने के लिए स्टूडेंट्स को पॉलिटिकल टूल के तौर पर बेशर्मी से इस्तेमाल कर रहे हैं. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के घर के बाहर धरना देने का फैसला किया. इससे लोगों को परेशानी हुई और तय सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को नजरअंदाज किया गया."
2. धर्मेंद्र प्रधान ने दावा किया कि सरकार संसद में सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन कांग्रेस ने बहस के बजाय विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुना. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा "सरकार के पूरी चर्चा के लिए तैयार होने की बात कहने के बाद भी कांग्रेस ने डेमोक्रेटिक बहस के बजाय पॉलिटिकल तमाशा चुना. उनका मकसद कभी भी स्टूडेंट्स के लिए सॉल्यूशन नहीं था, बल्कि पॉलिटिकल हेडलाइन के लिए गड़बड़ी पैदा करना था."
3. उन्होंने लिखा "राहुल गांधी के लिए यह विषय यह स्टूडेंट्स के बारे में नहीं है. यह चर्चा के हर सही रास्ते खुलने के बाद टकराव पैदा करने के बारे में है. हमारी सरकार NEET पर चर्चा करने और हाउस में हमारे युवाओं की हर सही चिंता को दूर करने के लिए 100% कमिटेड है. भारत के स्टूडेंट्स पॉलिटिकल कैंपेन में सहारा बनने से कहीं बेहतर के हकदार हैं. वे अव्यवस्था के बजाय निश्चितता, नारों के बजाय सॉल्यूशन और गड़बड़ी के बजाय जिम्मेदारी के हकदार हैं."
X/ @RahulGandhi
4. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार केवल विरोध नहीं, बल्कि ठोस सुधार और जवाबदेही देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा "हम अपने स्टूडेंट्स के लिए गुस्से से कहीं ज्यादा के कर्जदार हैं. हमें उन्हें जवाब, सुधार और जवाबदेही देनी होगी. हमारी सरकार ठीक यही देने के लिए कमिटेड है."
5. मंगलवार को राहुल गांधी ने सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के पास धरना दिया। इस प्रदर्शन में कई विपक्षी नेता भी शामिल हुए. सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह बातचीत के लिए पहुंचे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी और वार्ता बेनतीजा रही.
6. धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया। करीब दो से तीन घंटे बाद सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया.




