मेरी टीम ने मुझे बलि का बकरा बना दिया, CJP से बाहर होने के बाद दहिया ने दीपके को दिखाए तेवर- प्रेमानंद महराज को लेकर अब क्या बोले
CJP से हटाए जाने के बाद पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया ने वीडियो जारी कर अभिजीत दीपके और संगठन पर गंभीर आरोप लगाए. जानिए क्या कहा और पूरा विवाद क्या है.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के भीतर बड़ा विवाद सामने आया है. पार्टी के सभी पदों से हटाए गए पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया ने करीब 2 मिनट 56 सेकेंड का वीडियो जारी कर संगठन और उसके प्रमुख अभिजीत दीपके पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
दहिया का दावा है कि आंदोलन के लिए दिन-रात काम करने के बावजूद उन्हें अचानक 'बली का बकरा' बना दिया गया. उन्होंने कहा कि जिस टीम के लिए उन्होंने पूरी मेहनत से काम किया, उसी टीम ने उन्हें दूध में पड़ी मक्खी की तरह बाहर का रास्ता दिखा दिया.
वीडियो में विजेता दहिया ने बताया कि आंदोलन में जाने के लिए तैयार ही हो रहा था कि मेरे पास अभिजीत दीपके का फोन आया और कहा गया तो मैंने सोचा कि मुझे अश्वासन मिलेगा कि ठीक है घबराओ नहीं लेकिन आशुतोष और अभिजीत ने कहा कि विजेता तुम धरना स्थल पर न आओं. मैंने कहा कि क्यों तो अभिजीत ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चल रहा 'बर्गर विवाद' खूब चल रहा है.
मेरी टीम ने मुझे बलि का बकरा बना दिया
इस पर दहिया ने कहा कि ठीक है ट्रोलर्स जो कह रहे हैं कहने तो तुमने तो सब कुछ देखा है न. एक मिनट भी आराम नहीं किया, पहरा दिया और मार्च स्टार्ट होने तक पहला दिया और आंदोलन में शामिल हुआ. लेकिन अभिजीत ने कहा कि नहीं मत और खूब वायरल हो रहे हो. लेकिन इसके बावजूद उन्हें पद से हटा दिया गया. मेरी टीम के साथियों ने ही मुझे बली का बकरा बना दिया.
प्रेमानंद महराज पर फिर क्या बोले विजेता दहिया
उन्होंने यह भी कहा कि यदि ट्रक पर चढ़ना या अन्य घटनाएं इस्तीफे का आधार हैं, तो वही नियम अभिजीत दीपके पर भी लागू होना चाहिए. साथ ही उन्होंने प्रेमानंद महाराज को लेकर दिए अपने पुराने बयान पर भी सफाई देते हुए कहा कि मैं ये बात फिर से कहता हूं कि अगर आप आसाराम को राम और कृष्ण से तुलना करोगे तो नहीं है मेरे लिए मेरानंद महराज. लेकिन मुझे CJP से बाहर करने से अगर आंदोलन को फायदा होता है तो ठीक है यहीं सही.
कौन हैं विजेता दहिया?
CJP ने पिछले महीने विजेता दहिया को अपना प्रवक्ता नियुक्त किया था. संगठन के मुताबिक, वह राजनीतिक शोध, रणनीतिक विश्लेषण, लेखन और कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में अनुभव रखते हैं. उन्होंने 'Power of Universe' और 'To Hell With That Job' जैसी किताबें लिखी हैं. इसके अलावा हरियाणवी फिल्मों 'दरारें' और 'ओपरी पराई' का लेखन और निर्देशन भी कर चुके हैं. उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से शिक्षा प्राप्त की है. उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर डॉ. भीमराव आंबेडकर का सामाजिक लोकतंत्र पर आधारित प्रसिद्ध उद्धरण भी प्रमुखता से प्रदर्शित है.




