संभल जाइए अब भी मौका है, जल्द आपका घर से निकलना होगा मुश्किल, FAQ से समझें अगले 3 महीने में भारत के क्या होंगे हालात
पीएम मोदी ने जब से देशवाशियों को अपील की है तब से कई सवाल चर्चा में बने हुए हैं, जैसे कि कुछ बड़ा होने वाला है, महंगाई कितनी बढ़ने वाली. इस प्रकार के कई सवाल गूंज रहे हैं इन सब सवालों के जवाब जानने के लिए स्टेट मिरर ने Economist Mitali Nikore से बात की है बताई हैं कि देश में क्या होने वाला है?
10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अचानक संदेश से पूरे देश में नई बहस छेड़ दी. पीएम मोदी ने लोगों से अपील की कि पड़ोसी देशों में युद्ध जैसे हालात को देखते हुए अगले एक साल तक सोना खरीदने से बचें, पेट्रोल-डीजल और गैस की खपत कम करें, गैर-जरूरी यात्राओं को टालें और जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम अपनाएं. प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद देशभर में सवाल उठने लगे कि क्या भारत किसी बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है? क्या आने वाले दिनों में फिर से लॉकडाउन जैसी स्थिति बन सकती है?
पीएम मोदी की इस चेतावनी भरी अपील ने आम लोगों से लेकर कारोबारी जगत तक की चिंता बढ़ा दी है. आखिर सरकार अचानक लोगों से खर्च कम करने और ईंधन बचाने की बात क्यों कर रही है? क्या मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल संकट का असर अब भारत पर भी दिखने वाला है? इन तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए स्टेट मिरर हिंदी ने Economist मिताली निकोर से खास बातचीत की. इस बातचीत में उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में देश की अर्थव्यवस्था, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, महंगाई और आम लोगों की जिंदगी पर कितना बड़ा असर पड़ सकता है.
PM मोदी की अपील और बढ़ते तेल संकट को लेकर सवालों के जवाब
Economist मिताली निकोर ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं.
Economist मिताली निकोर ने कहा कि सरकार तेल कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए रोजाना करीब 1400 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त बोझ उठा रही है.
Economist मिताली निकोर ने कहा कि अगर सरकार को ज्यादा घाटा होगा तो निश्चित हैं कि देश में लॉकडाउन जैसी स्थिति हो सकती है.
फिलहाल सरकार ने इसे अनिवार्य नहीं किया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर कंपनियों को सीमित वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह दी जा सकती है.
भारत में सोने का बड़ा हिस्सा आयात होता है. ज्यादा गोल्ड इंपोर्ट से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है, इसलिए गोल्ड खरीद कम करने की सलाह दी गई है.
सरकार तेल पर निर्भरता कम करना चाहती है. इसलिए इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सोलर एनर्जी और ग्रीन एनर्जी को भविष्य का बड़ा विकल्प माना जा रहा है.
Economist मिताली निकोर कि अगर तेल संकट बढ़ता है तो पेट्रोल-डीजल, गैस, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की कई चीजें महंगी हो सकती हैं, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका है.
Economist मिताली निकोर ने कहा कि भारत को दिख नहीं रहा है कि जंग कब खत्म होगी तो आने वाले 2 से 3 महीने में भयानक महंगाई रूप से ले सकती है इसलिए पहले से ही सावधान कर दिया गया है.
Economist मिताली निकोर ने कहा कि एक से दो साल तक यहीं सिचिएशन रहने वाली है इसे हमें सर्वाइव करना है तो अडप्ट भी करना पड़ेगा इसलिए पीएम मोदी ने पहले इशारा कर दिया है.




